Saturday, September 3, 2011

अन्ना हजारे की जान को ख़तरा , जेड कैटिगरी की सुरक्षा

अहमदनगर।। लोकपाल कानून के लिए दिल्ली में अनशन करने के बाद अपने गांव रालेगण सिद्धि लौट चुके अन्ना हजारे को स्थानीय पुलिस ने जेड कैटिगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। अब 22 पुलिसकर्मी हमेशा उनकी सुरक्षा में हमेशा मुस्तैद रहेंगे। हालांकि, अन्ना हजारे ने इससे इनकार किया था लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और इसमें कोताही नहीं बरती जा सकती है। अन्ना हजारे की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र सरकार बेहद चिंतित है। खुफिया विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक अन्ना की जान को खतरा बताया गया है। इसके बाद सरकार ने न सिर्फ उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला किया बल्कि इसकी तैयारी भी शुरू कर दी। अन्ना शुरू में सुरक्षा लेने को तैयार ही नहीं हुए। लेकिन बाद में कुछ शर्तों के साथ मान गए।

शनिवार को दिन भर खुफिया विभाग के अधिकारियों ने रालेगन सिद्धि के तमाम इलाकों का जायजा लिया। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल में जुटे हैं कि अन्ना कहां सोते हैं, सुबह उठकर पहले किस स्कूल में जाते हैं, उनसे मिलने वाले लोग कौन-कौन हैं। दअरसल खुफिया विभाग को मिली एक जानकारी के मुताबिक अन्ना की जान को खतरा है। इसके बाद आनन फानन में अन्ना को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया गया और मुंबई से गुप्तचर विभाग के 12 अधिकारियों को रालेगन सिद्धि भेजा गया। इसके अलावा अहमदनगर जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस भी रालेगन में डेरा डाल चुकी है।

शनिवार सुबह खुफिया विभाग की टीम सबसे पहले यादव बाबा के मंदिर पहुंची, जहां अन्ना हर रोज दो घंटे बिताते हैं। इसके बाद रालेगन सिद्धि स्कूल, संत निरुपा राय स्कूल, पद्मावती मंदिर परिसर, ग्राम पंचायत के दफ्तर समेत कुल 12 जगहों का मुआयना किया जहां अन्ना हर रोज जाते हैं। इसके बाद अहमदनगर के एसपी कृष्ण प्रकाश और एसआईटी के चीफ जांबुलकर ने मिलकर बैठक की। तीन घंटे की इस बैठक के बाद अन्ना को Z श्रेणी की सुरक्षा के बारे में बताया गया

अहमदनगर के एसपी कृष्ण प्रकाश ने अन्ना को जेड कैटिगरी की सुरक्षा देने की पुष्टि करते हुए कहा, 'जनलोकपाल कानून के लिए सफलतापूर्वक आंदोलन चलाने के बाद अन्ना हजारे पूरे देश में मशहूर हो गए हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा जरूरी हो गई है। अन्ना पहले सुरक्षा कवर के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन हम इसमें लापरवाही नहीं बरत सकते हैं। उन्होंने हमारी पेशकश अब स्वीकार कर ली है।'

एसपी ने कहा कि अन्न ने अब हमसे आग्रह किया है कि उनके इर्द-गिर्द जो भी पुलिस वाले रहें, वे सादी वर्दी में रहें। पुलिस ने उनकी इस मांग को मान लिया है। शुक्रवार को अन्ना की सुरक्षा में तैनात जवान सादी वर्दी में ही उनके आसपास दिख रहे थे।

इससे पहले 2007 में भी अन्ना को सरकार की ओर से सुरक्षा दी गई थी लेकिन बाद में उनके आग्रह के बाद इसे वापस ले लिया गया था।

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