सूरज- मै कोई घड़ी मुहूर्त देखकर तो मिला नहीं. आप ही बता दीजिए .
किरण- तुम प्यार के मामले में सचमुच अनाड़ी हो, बावले, वैलेंटाइन दे था. यानि कि प्रेम का दिवस .
सूरज- अच्छा , हाँ, सूना तो बहुत है इस दिन के बारे में.
किरण- हाँ, अब तो सारी दुनिया में हंगामा है, सब लोग इस दिन के बारे में जानते हैं. यह दिन मेरे लिए बहुत मायने रखता है. अगर तुम न मिले होते तो मेरा अस्तित्व खतरे में पद जाता.
सूरज- मेरे न मिलने से आपका अस्तित्व खतरे में कैसे पद सकता है, मै कुछ समझा नहीं.
किरण- फिर कभी बताउंगी, तुम प्यार करो, यह प्यार का दिवस है.
Tuesday, February 15, 2011
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