जब सलीम के पडौस में रेहान रहने के लिए आए तो उसे बहुत बुरा लगा ... रेहान की उम्र उसे ५० से ऊपर की बताई गयी थी... वे अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए आ रहे थे, फ्लेट उन्होंने पहले ही खरीदा था मगर किसी कारणवश रहने के लिए देर से आए, सलीम उनके फ्लेट के सामने अकेला ही रहता था, वह सरकारी स्कूल में शिक्षक था... पत्नी और बच्चे गाँव में रहते थे... अकेलापन उसे काट खाने को दौड़ता था... हर समय कुछ न कुछगुनगुनाते रहना उसकी आदत में शुमार था... इससे पहले उसने क्या -क्या खाब सजाकर रखे थे... सोचा था की कोई खूबसूरत , नौजवान पदौसन आएगी तो धीरे -धीरे मुलाक़ात होगी, किसी न किसी काम के बहाने घर आना-जाना होगा, मुलाकात दोस्त और फ़िर दोस्ती मोहब्बत में तब्दील होगी... और फ़िर मोहब्बत से तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है... मुंबई जैसे शहर में रहकर उसे अपने पत्नी की बहुत कमी खलती थी... लेकिन हर बार कोई ना कोई ऐसी मजबूरी आन पड़ती की उसे अकेले ही आना पड़ता था...जब वह ट्रेन में सजती-संवारती महिलाओं को देखता तो उसका मन भी बहकने लगता , स्कूल में शिक्षिकाओं को देखता तो मन में हिलोरें उठाने लगती थीं... जी में aataa की दोस्ती का ijhaar कर दे लेकिन फ़िर नौकरी जाने का डर सताने लगता था... प्रिंसीपल के बारे में उसको जानकारी थी , एक नंबर का फ्लर्ट था... उसकी गिद्ध नजर से सब वाकिफ थे... अगर कोई टीचर किसी महिला टीचर से हँसते हुए पाया गया तो उसकी खैर नहीं थी... किसी तरह के बबंदर से बचने के लिए सलीम दूर ही रहता था... उसकी एकमात्र आस अपने फ्लेट के सामने वाले फ्लेट पर ही टिकी थी... लेकिन जब वाचमैन ने बताया की रेहान नामक बुजुर्ग अपना सामान लेकर यहाँ शिफ्ट हो रहे हैं तो उसकी आशाओं पर पानी फ़िर गया... दिल -दिल में जो लड्डू बनाये गए थे वे पहले ही टूट गए... उसका जी चाहा की शराब का एक अद्धा ले आए और तीन पैग में ही ख़त्म कर डाले , मगर फ़िर उसने इन्तजार करना ही बेहतर समझा, एक टेंपो आकर कम्पाउंड में आकर रुका, सलीम ने अपनी निगाह उधर जमादी... उसकी आंखों में चमक उभर आयी... एक सुंदर लड़की गज़ब की अदा से चाल चलती हुई आ रही थी... वह सलीम के फ्लेट के सामने आकर रुक गयी... सलीम ने उसे अपना परिचय दियाऔर उसके हाथ से chaabhi लेकर गेट खोलने में उसकी मदद करने लगा... इस प्रयास में वह सुन्दरी से कई बार टाच हो गया था... जब वे अन्दर घुसे तो नीचे झुकने के चक्कर में उस सुन्दरी की गोलाईयां सलीम को दिख गयीं, इन्हें देखते ही सलीम का दिल में तूफ़ान सा उठने लगा... अभी तक उस सुन्दरी ने अपना परिचय नहीं दिया था... aakhirkaar सलीम ने पूछ ही लिया-
- आपका naam
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