वह अगर एक बार चूमता तो शैली उसको दो बार चूमती थी... वे दोनों संतुष्ट हो चुके थे... दीपू ने बेड पर पड़े कपड़े अपने हाथ में उठा लिए और बाथरूम में फ्रेश होने चला गया... ठीक तभी उनके कमरे पर दस्तक सुनाई दी... शैली इस अंदाज को अच्छी तरह जानती थी... होटल का मैनेजर इस अंदाज में दरवाजे पर दस्तक दिया करता था...शैली नग्न हालत में थी , उसने एक तौलिया से अपने बदन को ढँक लिया और दरवाजा खोलने आ गयी ... उसने जैसे ही गेट खोला सामने उसे पुलिस दिखाई दी... दो पुलिसवाले जबरन कमरे के अन्दर घुसे चले आए... शैली हैरत में थी... उसे आश्चर्य इस बात का था की अचानक पुलिस आ कैसे गयी, जबकि इस मामले में यह सबसे विश्वसनीय होटल था... अगर पुलिस रेड डालती भी तो पहले ही होटलवालों को पता चल जाता और वे इशारा कर देते... मगर यह क्या यहाँ तो संभालने तक का मौका भी नहीं दिया गया... यह सोचने का नहीं कुछ करने का वक्त था, शैली ने हवलदार से थोड़ा अकड़कर पुछा -
-कौन हो तुम लोग ? यहाँ क्या कर रहे हो ?
हवलदार- यही सवाल तो हम करने जा रहे थे महारानी जी... अच्छा हुआ जो आपने ही पूछ लिया ... अब लगे हाथों इसका जवाब भी तुम्हीं देदो की यहाँ पर क्या गुल खिलाये जा रहे हैं?
शैली- तमीज से बात करो हवलदार... आपके सीनियर भी हमसे इस तरह से पेश नहीं आते...
हवलदार... जानते हैं, शायद तभी तो सीनियर साहब को सस्पेंड कर दिया गया है और यहाँ पर नए सीनियर इंसपेक्टर को तैनात किया गया है...
शैली- मैं एसीपी साहब से बात करती हूँ... तुम दो मिनिट रुको....
हवलदार- आपकी इच्छा है, कर सकती हैं आप ... वैसे तुम्हें यह जान लेना चाहिए की यह मलाड पुलिस का नहीं बल्कि समाजसेवा शाखा का छापा है... मुझे नहीं लगता की यहाँ के एसीपी इसमे तुम्हारी कोई मदद कर पायेंगे... फ़िर भी आप कोशिश तो कर ही सकती हैं... हमें भी कोई जल्दबाजी नहीं है... थोड़ी देर में यहाँ मीडिया के लोग भी आने वे आले होंगे... वे बेनकाब करेंगे यहाँ के सफेदपोशों को.... यहाँ की अय्याशियों को...
पहली बार शैली के चेहरे पर परेशानी के भाव दिखे, इससे पहले वह कितनी ही बार रंगे हाथों पकडी गयी थी लेकिन उसे कभी भी भय नहीं लगा... आज तो उसको एयर कंडीशन में भी पसीना आ गया था... यह शायद दीपू की मोहब्बत में गिरफ्तार होने का नतीजा था... उसने दीपू के साथ एक नई दुनिया बसाने के खाब देखे थे...अब अगर अखबारों में उसके फोटो छाप गए , टीवी पर उसकी फ़िल्म दिखाई गयी तो गज़ब हो जाएगा... दीपू को बहुत बुरा लगेगा... सब लोग उसकी असलियत जान जायेंगे... शैली इस बारे में सोच रही थी और दीपू का बाथरूम में बुरा हाल था... वह समझ गया की रेड पड़ चुकी है... अब उसका फोटो भी अखबारों में छपेगा, अब वह भी बदनाम हो जाएगा... इस स्थिति से उसको उबरना था... एक बार उसने सोचा मैकेनिक होने का बहाना करे , फ़िर ख़याल आया की उसके पास टूल किट्स तो मौजूद है ही नहीं... वह ख़ुद को मैकेनिक कैसे साबित करेगा... फ़िर दूसरा ख़याल आया की ख़ुद को वेटर बताकर भी बचा जा सकता है , लेकिन अगले ही पल वह यह सोचकर हैरान रह गया की उसके पास झोतल की ड्रेस तो थी ही नहीं , होटल मैनेजमेंट भी उसको झूठा साबित कर सकता था ... फ़िर उसके दिमाग me एक ऐसा ख़याल आया जिसे याद करके वह ख़ुद ही शरमा गया... उसने बाथरूम का दरवाजा खोलकर पूरी शान के साथ एंट्री की... अब चौकने की बारी हवलदार की थी...
Wednesday, June 17, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment