लालकिले पर जताया मालिकाना हक मुरादाबाद। आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के पोते मिर्जा जमशेद बुखत के बेटे मिर्जा मोहम्मद बेदार बुखत की बीवी सुल्ताना बेगम ने लाल किले पर अपना हक जताया है। उन्होंने ऎलान किया है कि इसे हासिल करने के लिए वे ईद के बाद हुमायूं के मकबरे पर बेमियादी धरना शुरू करेंगी। वे देश भर के मुस्लिम तुर्को को एक मंच पर लाने की भी ख्वाहिश रखती हैं।
लखनऊ में पहली जनवरी 1950 को जन्मी सुल्ताना बेगम कहती हैं कि 15 अगस्त 1965 को उनका निकाह मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के पौत्र मिर्जा जमशेद बुखत के बेटे मिर्जा मोहम्मद बेदार बुखत से हुआ। उनके शौहर का इंतकाल 22 मई 1980 को हो गया था।
उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह तुर्क बिरादरी से थे। मुगल शासन तक हिंदुस्तान में तुर्को की स्थिति बेहतर थी। आजादी के बाद स्थिति लगातार बिगड़ी। उन्हें आखिरी मुगल बादशाह के देश भर में फैले विभिन्न मकबरों व अन्य संपत्ति पर भी उन्हें हक चाहिए। बेगम ने केंद्र सरकार की 400 रूपए प्रति माह मिलने वाली पेंशन को नाकाफी बताया और कहा कि इस पैसे से पेट नहीं भरता फिर भी यह उनका हक ह | |
No comments:
Post a Comment