भाग-२५
चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए मगर मैं मोहब्बत की राह पर चलती रहूंगी . मैंने जब एक बार कदम बढ़ा दिए हैं तो पीछे हटने का नाम नहीं है. अगर कुछ तकलीफ है तो बस इतनी सी की मैं ये नहीं समजह पा रही हूँ की मैंने तुम्हारे जैसे अमीर लड़के से प्यार क्यों किया ? तुम्हारे पिता राजनीति में ऊंचा मकाम हासिल किये हुए हैं और वे हरगिज नहीं चाहेंगे की उनके इकलौते बेटे की शादी किसी आम इंसान की लड़की से हो या फिर उनका बेटा किसी आम लड़की के साथ प्यार करे.
जुनैब- हर आदमी एक जैसा नहीं होता. मेरे पिताजी समाजसेवक हैं. वे अगर सांसद बने हैं तो इसके पीछे उनकी सेवा और उच्च विचारों का भी बहुत बड़ा योगदान है. भले ही लोग नेताओं के बारे में कुछ भी कहें लेकिन सच्चाई ये है की ये लोग बड़े दिलवाले और लीक से हटकर चलने वाले होते हैं . जिस काम के बारे में आम इंसान कल्पना भी नहीं कर सकते उसे समाजसेवा और राजनीति से जुड़े लोग सहज ही कर गुजरते हैं.
सलमा - जी , मगर आम तौर पर तो इनकी छवि बिलकुल अलग होती है. इनको कड़क, भ्रष्ट और साजिस करने वाले के रूप में दर्शाया जाता है.मैं भी उसी से डर रही हूँ., जिस तरह फिल्मों में दिखाया जाता है, उसी तारह का भ्रम मेरे दिमाग में हो गया है. और डर लगना लाजिमी भी है, जब तुम जैसा साथी हो और जीवन साथी बन्ने जा रहे हो तो दिल में हलचल का मचना स्वभाविक ही है. कहाँ तो आप हैं आसमान पर चमकने वाले सूरज और कहाँ मैं एक धुल के कण के बराबर भी नहीं. उस पर मेरा सौभाग्य ये की आपने ही मुझे इस लायक चुना है. इस सौभाग्य पर मैं क्या करू, मन में घबराहट तो होनी ही है. वही हो भी रही है.
जुनैब- तुम क्या हो ये मुझसे पूछो, मेरे दिल से पूछो. एक कहावत याद आ रही है. एक बार किसी ने मजनू से पूछा की लैला तो बहुत काली है फिर वह उस पर इतना क्यों मरता है ? इस पर मजनू ने कहा की लैला कैसी है वह उसकी नजरों से देखिये . यही बात मैं कहना चाहता हूँ, तुम क्या हो, कैसी हो यह सिर्फ मेरे दिल से पूछिए . सही जवाब वहीं से मिल सकता है. दौलत और शौहरत तो पल भर की चीजें हैं. असली बात तो प्यार में है. अगर प्यार है तो दुनिया है और प्यार नहीं तो कुछ भी नहीं. लोग मरते हैं. नए लोग आते हैं, ज़माना बदलता रहता है, प्यार का स्वरूप भी बदलता है मगर प्यार का वजूद वही रहता है. यानी की अजर -अमर . हमेशा -हमेशा जीवित रहता है और रहेगा. प्यार के बिना किसी भी दुनिया की कल्पना तक नहीं की जा सकती. मैं तुम्हें चाहता हूँ, तुम्हें प्यार करता हूँ, तुम्हारे साथ जिंदगी गुजारना चाहता हूँ, यह ख़याल ही मेरे लिए सबसे बड़ी सौगात है. सोचिये अगर यह खाब हकीकत में उतर गया तब क्या होगा ?
सलमा- मैंने न जाने किस जन्म में और कित्न्मे पुन्य कर्म किये होंगे की तुम जैसा चाहने वाला प्रेमी मिल गया वरना मैं तो सोचती थी की शायद मैं ही दुनिया की सबसे बदनसीब लड़की हूँ, ऐसी लड़की जिसे कोई सच्चे दिल से नहीं चाहता. अगर कोई लड़का देखता तो उसकी निगाह में वासना होती थी. प्यार दिखाई दिया तो तुम्हारी निगाह में. मुझे तुम मिले तो ऐसा लगा जैसे की अचानक सब कुछ मिल गया है. अब हालत ये है की सौगात ज्यादा हैं और दामन बहुत छोटा पड़ गया है. जब ऐसी स्थिति आती है तो सुनते हैं की लोग मगरूर हो जाते हैं. अल्लाह मुझे इस चीज से बचाए. मेरे अंदर गुरुर न आने दे.
जुनैब- हमारा सपना अब पूरा होने होने जा रहा है. तुम्हारी इच्छा ब्लू फिल्म देखने की थी न, उसकी भी व्यवस्था कर दी गयी है. इसकी आवाज को साइलेंस रखेंगे और फिल्म देखते -देखते बातचीत करेंगे .
सलमा- तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे की ब्लू फिल्म देखने के लिए तुम इच्छुक नहीं थे ? चलो ऐसा ही सही मगर इसे चालु तो करिये . जब ये चलेगी ही नहीं तो इसे मंगाने से क्या फायदा. इसका सितम कैसा है, उसे देखना होगा .तभी समझ में बात आयेगी . हाँ, लाइए . मैं अब जान गयी हूँ.
जुनैब मुस्करा रहा था. सलमा ने उसके हाथ से सीडी ली और सीडी प्लेयर में लगा दी. उसे फिल्म स्टार्ट करने में थोड़ा सा टाइम तो लगा मगर जब वह शुरू हुई तो उसके तन-मन में हंगामा हो गया . पहली ही द्रश्य जानलेवा था. एक लड़का नग्न अवस्था में था और दो नग्न लड़कियां उसके गुप्त अंग को चूम रही थी. उन दोनों मैं पहले किस करने की होड सी मची थी. उसे देखते ही सलमा के जिस्म में आग सी लगने लगी. जब जुनैब ने उसके उभरे हुए अंग को सहलाना शुरू किया तो सलमा अब और भी ज्यादा उत्तेजक हो गयी. वह अपने हाथ ऊपर उठाकर अंगड़ाई ले रही थी. जुनिअब तो जैसे अपने होश ही खो बैठा था. वह एक लाईट जलाना चाहता था ताकि सलमा के उन्नत उभारों को ठीक तारह से देख सके मगर शर्मो हया का वास्ता देकर सलमा उसका विरोध कर रही थी. जुनैब को जैसे ही थोड़ा सा समय मिला उस्न्मे मौक़ा पाकर लाईट ओं करदी. सलमा के पूरे जिस्म को अब वह करीब से नग्न अवस्था में देख सकता था. जानिब का मुंह फटा का फटा रह गया. दुन्जिया की सबसे खूबसूरत और सबसे आकर्षक बदन की मलिका उसकी बांहों में थी. उन दोनों की निगाहें टकराई .
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