Friday, May 20, 2011

सलमा- आप तो ऐसे कह रहे हैं जैसे की काम क्रीडा में आपने मास्टरी हासिल की हो. लगता है आप भी पहुंचे हुए फ़कीर हैं. पहले भी इन राहों से गुजकर चुके हैं. हो सकता है न जाने कितनी हसीनों के साथ सुहागरात मनाई हो. वरना यह सब जानकारी कैसे हो जाती ?
जुनैब- तुम लड़कियों की तो आदत में ही शक होता है. अरे बाबा, अगर शादी नहीं की तो बरात तो बहुत की हैं. मुझे साथियों ने ये सब बातें बताई हैं. कुछ जानकारी मैंने वेबसाईट से ली है. आजकल नेट इतना आगे बढ़ गया है की जो चाहो वो हाजिर हो जाता है.
सलमा- - और ये शराब पीना किस्से सीखा ? क्या ये भी नेट ने ही सिखाया है ?
जुनैब- तुम्हारा ये लाजवाब हुस्न देखकर पीने की इच्छा जाग्रत हो उठी.

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