Sunday, May 22, 2011

भाग-१९

इसका कारण ये है की वह मानती है की उसने मुझे बचपन से गोद में खिलाया है इसलिए वह मेरे साथ हमबिस्तर नहीं हो सकती . मैंने एक बार उससे कहा था-

- आप इस कुत्ते के साथ क्या सुख ले पाओगी , मैं हूँ , मेरे साथ भी मजे ले सकती हो .मेरा भी बहुत मन करता है. तुम्हें देखकर मेरा काला नाग सख्त हो जाता है. देखो कैसा फडफडा रहा है. पेंट फाडकर बाहर निकलने के लिए बेताब है.

सलमा- ओह, तब वह क्या बोली ? जैसा की तुमने उसके बारे में बताया है, वह तो तुरंत तैयार हो गयी होगी ?

जुनैब- नहीं यार . उसने साफ़ मना कर दिया. वह बोली -

- नहीं रे जुनैबं . तू अच्छा लड़का है. तेरे साथ मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे तेरी आदत खराब हो जाए . ये काम अच्छे नहीं हैं, इनसे लोगों का जीना हराम हो जाता है. एक बार अगर कम उम्र में किसीको इश्क का चस्का लग गया तो फिर इसे छुडाना मुश्किल हो जाता है.

सलमा- अच्छा,उसने ऐसा बोला क्या ? अगर ऐसा है तो वह तुम्हारे सामने ऐसा कार्य क्यों कर रही थी ? वह भी कुत्ते के साथ . क्या उसे ये सब करने के लिए कोई इंसान नहीं मिला था ?

जुनैब- मैंने भी उससे यही सवाल किया था. तब वह बोली -

- नहीं रे जुनैब . अभी तू सिर्फ देख रहा है, और देख रहा है तो यह मेरी कमी नहीं है. मैंने तो तुम्हें आमंत्रित नहीं किया था कि तुम आओ और मेरा ये खेल देखो. तुम पहले चोरी छिपके देखा करते थे लेकिन एक दिन जब मैंने तुम्हें रंगे हाथों पकड़ लिया तो तुमने वादा किया कि कभी यह बात किसीको नहीं बताओगे, और इसी शर्त पर मैंने तुमको इजाजत भी दे दी कि चलो अगर देखने भर से ही तुम्हारी इच्छा पूरी होती है तो यह काम भी कर लिया जाए . तब से तुम यह सब देखने आते रहे हो.

सलीम- लेकिन यह सब देखकर मेरी भी इच्छा जाग्रत होती है, उसका मैं क्या करू?

- तुम्हें सब्र करना होगा . बड़ा होकर किसी अच्छी लड़की से शादी कर लेना , सब कुछ ठीक हो जाएगा. उसके बाद पूरी ताकत के साथ सेक्स करना, रात -रात भर सुहागरात मनाना , कौन मना करता है ?

सलीम- क्या भरोसा कि मेरी होने वाली मेरे प्रति वफादार होगी, कहीं ऐसा न हो कि वह भी तुम्हारी तरह अपनी जवानी किसी कुत्ते पर लुटाती रहे ?

- तुम मुझ पर इल्जाम लगा रहे हो, मैंने कभी भी मर्दों को इग्नोर नहीं किया और ये भी सुनलो कि तुम मर्दों की नहीं, बच्चों की गिनती में आते हो. समझे ? जो भी अच्छा मर्द मिला तो मैंने उसे कभी निराश नहीं किया. हमेशा यही चाहा है कि सब कुछ ठीक तरह से हो जाए . मैंने पहले अपने पति से सम्पूर्ण संतुष्टि चाही, लेकिन जब वहाँ भी संतुष्टि नहीं मिल पाई तो आखिरकार मैंने बाहर सुख तलाशना शुरू कर दिया. तुमने तो छिप-छिपकर अच्छी तरह से देखा भी है कि एक ही बार में मैंने तीन -तीन हट्टे कट्टे मर्दों को धुल चटाई है. जब मर्द भी मेरी जिस्मानी भूख को शांत नहीं कर आप्टे तो इस कुत्ते के साथ मन बहला लेती हूँ. मेरा एक एनआरआई दोस्त है, उसने यह खास नस्ल का कुत्ता लाकर दिया है. विदेशों में जो तनहा महिलायें होती हैं वे ऐसे ही खास नस्ल के कुत्तों से काम चलाती हैं.

सलीम- क्या बात कर रही हैं, इसका मतलब ये हुआ कि यह शौक सिर्फ आपको ही नहीं है बल्कि और भी ऐसे बहुत से महान लोग हैं जो इस तरह के कुत्तों का सहारा लेते हैं. इसकी कीमत तो बहुत होती होगी .

- हाँ, मंहगे तो होंगे ही. उसका कारण ये है कि इन कुत्तों को विशेष तरह से ट्रेंड किया जाता है. तब जाकर ये सेक्स करने के काबिल बनते हैं. तुम देख रहे हो ,इसका स्वभाव बिलकुल इंसानों जैसा हो गया है. अब इसको आदत भी पड़ गयी है. लेकिन तकलीफ ये है कि इसके साथ सम्बन्ध बनाने के बाद कम से कम एक घंटा तक इन्तजार करना पड़ता है. उतनी देर में अगर कोई आ गाया तो बड़ी तकलीफ हो जाती है. तेरी वजह से मुझे बहुत अफय्दा होता है. अगर कोई आये तो तू उसे पहले से ही वापस कर देता है. कोई न कोई बहाना कर देता है. मेरा हसबेंड तो ऐसे समय आ ही नहीं सकता. वह भाजी की दूकान पर ही बैठा रहता है. उसे मालूम है कि मेरे मौज मस्ती का टाइम हो गया है.

सलीम- तो क्या आप इसके साथ रोजाना सम्बन्ध बानाती हैं.

- नहीं रे पागल है क्या ? ऐसी कोई बात नहीं है. जब मूड हो तभी कर लेती हूँ. अगर मैं रोजाना करती तो तुमको पता नहीं चलता क्या ?

सलीम- नहीं , बिलकुल नहीं. मुझे क्या पाटा चलेगा ? मैं यहाँ पर हमेशा थोड़े ही रहता हूँ.

- हफ्ते में एक या दो बार, बस. इससे ज्यादा कभी नहीं किया . बीच -बीच में तो मर्द ही मिलते रहते हैं. कुछ चुनिन्दा लोगों के साथ ही समबन्ध बनाती हूँ, एड्स का डर लगा रहता है.

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