भाग-१३
वहाँ पर आराम से बात करेंगे , इतना मजा आएगा कि कभी सोचा भी नहीं होगा. डांस का जितना सुख उठाना था, उठा लिया है.अब इससे आगे के आनंद की बारी है. जब हम दोनों के पास ही मौक़ा है तो उसका सदुपयोग भी करना ही चाहिए .
सलमा- जो चाहिए वो करो , मैं कबी इनकार करती हूँ. लेकिन इतना तो करो कि सब कुछ जल्दी से करो. घर जाने के लिए देर नहीं होनी चाहिए. वैसे भी अभी मूड चढ़ा हुआ. ये शराब का नशा उतरने तक आराम कर लिया जाए तब यहाँ से निकलते हैं. शराब का नशा भी उतर जाएगा और कुछ बातचीत भी हो जायेंगी , ये बताओ, तुम इतने बड़े घर के लड़के हो. तुम्हें कोई वाच नहीं करता. ऐसे बिना बताए तुम कैसे चले आते हो. तुम्हें कोई रोकता-टोकता क्यों नहीं है ?
जुनैब- कैसे जाना कि मुझे कोई रोकता-टोकता नहीं है. सबका ध्यान मुझ पर रहता है, मैं सांसद पिता का इकलौता बेटा जो ठहरा . हाँ ये जरूर है कि सब लोगों का मुझ पर भरोसा है. सब जानते हैं कि मैं कुछ भी गलत काम नहीं करूँगा , इसलिए कोई अडंगा नहीं अडाता . तुम्हारी जानकारी के लिए ये भी बतादूं कि इस होटल के बाहर दो सरकारी और तीन प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड पहरा दे रहे हैं,. वे मेरी सुरक्षा ठीक तरह से करते हैं.
सलमा- अच्छा , तब तो वे ये भी जानते होंगे कि तुम यहाँ पर मेरे साथ हो ?
जुनैब- जी नहीं, मेरे पर्सनल मामले में टाक -झाँक करने की इजाजत उनको बिलकुल नहीं है. उनका काम है मेरी और जो कोई मेरे साथ है, उसकी सुरक्षा करना. अपनी जान पर खेलकर भी इस काम को वे बखूबी अंजाम देते हैं. चलो , अब हम एक बढ़िया सा सुइट बुक करा देते हैं.
सलमा उसका साथ चलने लोअगी. इस वक्त उन दोनों ने एक दुसरे के हाथ थाम रखे थे . सलाम की आदत में काफी बदलाव आ चुका था. अब वह पहले से बदली-बदली सी थी. कुछ देर पहले जो मर्दों के नाम से भी नफरत करने लगी थी अब वही जुनैब का हाथ थामकर चल रही थी. उसको कमरा बुक कराने में भी कोई हर्ज नहीं थी. जुनैब ने एकी पर्ची पर लिखकर कुछ दिया था , उसका तुरंत बाद ही एक एक्जीक्यूटिव उनके पास आ गया और उन्हें अपने साथ तीसरी मंजिल पर ले गया. वहां उनका कमरा बुक हो चुका था. बेहद खूबसूरत कमरा था. कमरे के अंदर ही सारी सुविधाएँ थीं., अगर सलमा जुनैब के साथ नहीं आती तो उसे कभी ऐसा मनमोहक द्रश्य देखने का अवसर नहीं मिलता. एक्जीक्यूटिव उनका आदेश लेकर जा चुका था. सलमा पर शराब की खुमारी छाई हुई थी. एक तो वह पिए हुए थी और दूसरी बात उस पर जवानी का उन्माद छाया तह, सबसे महत्वपूर्ण ये कि इस वक्त वह जुनैब जैसे हेंडसम लड़के के साथ थी, इसलिए उसके कदम बहकने लगे. उसने जुनैब को अपनी बांहों में भर लिया. मुस्कराते हुए जुनैब ने उसके तपते हुए सुर्ख होठ चूम लिए. सलमा को लगा जैसे उसका अस्तित्व हिलने लगा है. उस जादुई स्पर्श ने जुनैब और सलमा के रोम -रोम को रोमांचित कर दिया था. जुनैब ने उत्साहित होकर कहा -
- मेरी बात सच निकली न , मैंने कहा था न कि एक वक्त ऐसा आएगा जब तुम मेरे प्यार को समझोगी और खुद आकार मेरे सीने से लग जायेगी . ऐसा ही हुआ न.
सलमा- अब कभी छोड़ना मत, जब तुम्हारा दामन थाम लिया तो बस थाम लिया .
जुनैब- अगर कोई सर को धड से अलग करदे तब भी मैं तुमसे जुदा होने वाला नहीं हूँ. तुम्हारे साथ जीना है, तुम्हारे साथ मरना है.
सलमा- तुम कितने अच्छे हो जुनैब. जब बोलते हो तो शब्दों से शहद टपकता है.
जुनैब- और तुम तो जादू सा चला देती हो. मन का मोर नाचने लगता है. जी चाहता है की बस तुम्हें देखता ही रहूँ.
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