Tuesday, May 24, 2011

भाग -२१
तुम्हें तो बता ही चुकी हूँ कि प्यार के नाम से ही मुझे डर लगने लगा था . मैंने सोच लिया था कि जीवन में कभी किसी लड़के के प्यार के चक्कर में नहीं आउंगी. मैंने भी यह सुन रखा था कि लड़के लोग पहले तो हम जैसी जवान और सुन्दर लड़कियों को अपने प्रेम के जाल में फंसाते हैं और बाद में उनका शारीरिक शोषण करते हैं.
जुनैब- तुम भी बड़ी भोली हो . हर लड़का एक जैसा नहीं होता. सब अलग-अलग तरह के होते हैं. कोई गलत होता है तो कोई बहुत अच्छा होता है. ऐसी लड़कियों की भी कमी नहीं है जो लड़कों को अपनी अदाओं में फंसाकर उनका आर्थिक शोषण करती हैं और बाद में उन्हें धोखा दे देती हैं. मैंने ऐसी कितनी ही कहानियाँ सुन रखी हैं, जहां पर ये सब होता है. अगर यकीन नहीं आये तो तुम्हें एक ऐसे लड़के से मिलवा भी दूंगा, जिसका अच्छा -खासा होटल हुआ करता था. महीने में लाकों की कमाई थी लेकिन वह फंस गया एक लड़की के चककर में और वहीं से उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गयीए, सुनते हैं कि लड़की बेंतिहां खूबसूरत थी, उसकी सुंदरता पर वह लड़का ऐसा मर मिटा कि उसे कुछ होश ही नहीं रहा था, जो कुछ फरमाइश करती वह लड़का झट से पूरी कर देता . कई बार उसे विदेश यात्रा पर भी लेकर गया. कुल मिलाकर इसी तरह उस लड़के ने अपनी सारी जायदाद उस प[आर लुटादी और नौबत यहाँ तक आ गयी कि उसे अपना होटल भी बेचना पड़ा और घर भी. अब बेचारा किराए पर रहता है और छोटे से होटल में मैनेजर का काम करता है.
सलमा- तो उस लड़की का क्या हुआ ? क्या वह अपने प्रेमी के साथ नहीं रहती ?
जुनैब- अब उसके प्रेमी के पास क्या रखा है जो वह रहेगी, वो तो आस्ट्रेलिया में अपने खसम के साथ रहती है. एन आर आई पति मिल गे, जो कि दौलत वाला है, उसीके चक्कर में वह सब कुछ भूल गयी. ठुकरा दिया अपने सच्चे प्रेमी को. जिस प्रेमी के करोड़ों लूटकर उसे भिखारी बना दिया उसे साथ में ठोकर भी मार दी.
सलमा- मेरी तरफ से बेफिक्र रहना, इस तरह की कोई बात मैं करने वाली नहीं हूँ. मैंने तुमसे प्यार किया है, दिल भी तुम्हींको दूंगी और जरूरत पडी तो जान भी दे दूंगी . ये पकडिये सिगरेट और मुझे एक पैग पीने दीजिए ,बेताबी बढ़ती ही जा रही है, बेचैनियों का आलम ये है कि नस -नस में दर्द हो रहा है. समझ में नहीं आता कि क्या किया जाए ?
जुनैब- अब इन बेचैनियों का एकमात्र इलाज है - सेक्स. अगर ये कर लेती हो तो तन और मन दोनों का दर्द दूर हो जाएगा , मगर एक बात और याद रखना, अगर इसकी आदत पड़ गयी तो एक बार खाना खाने से रह सकती हो मगर सम्बन्ध बनाए बिना नहीं रह सकती . भाजी वाली पड़ौसन ने मुझे ये बात बताई थी. हमारे शहर में वह अकेली ऐसी थी जो भाजी का काम करके भी आलीशान बंगले में रहती थी. वह बँगला उसे उसके एक आशिक ने गिफ्ट में दिया था.
सलमा- कोई इतना बड़ा गिफट कैसे दे सकता है ? ये सब बातें मेरे लिए हैरत वाली हैं.
जुनैब- जब दिल लगा गधी से तो परी क्या चीज है ? यहाँ पर ऐसे -ऐसे लोग पड़े हैं जो अपनी चाहने वाली के लिए ताजमहल तक बना डालते हैं. ऐसा ताजमहल , जिसकी कोई कीमत नहीं होती जो अनमोल होता है. दुनिया में सबसे अलग होता है. सबसे खास और बेशकीमती होता है.
सलमा- हाँ , ये बात तो है. आप भी तो मेरे चाहने वाले हैं, ये तो बताओ मेरे लिए तुम क्या बानाने वाले हो ?
जुनैब- जो तुम कहो मैं वही करने के लिए तैयार हूँ. यहाँ तक कि तुम्हारते एक इशारे पर अपनी जान भी दे सकता हूँ. अगर यकीन नहीं आये तो कभी आजमाकर देख लेना .
सलमा- तुमने बहुत पी ली है, इसके लिए ऐसी बात कर रहे हो . जब वक्त आएगा तो सब कुछ भूल जाओगे.
जुनैब- जी नहीं. अपनी कहो. तुम्नको ही चढ गयी है, तभी तो मेरी बात का भरोसा नहीं कर रही हो.
सलमा- ऐसी बात है तो चलो इस होटल के टेरेस पर चलते हैं. वेटर बता रहा था कि वहाँ पर प्यार भरे गीत सुनाये जा रहे हैं. चलो वहाँ चलते हैं. पहले गीत सुनते हैं. उसके बाद दोनों लोग छत से कूदते हैं. अगर हम दोनों एक दुसरे से प्यार करते हैं और यह प्यार सच्चा है तो इस सच्चाई के लिए हमें जान देने के लिए तैयार रहना होगा.
जुनैब- ठीक है, मुझे तुम्हारी हर बात मंजूर है, जिस तरह और जब भी चाहो मुझे आजमा सकती हो, मैं तुम्हारी खातिर सब कुछ करने के लिए तैयार हूँ.
सलमा- फिर देर क्यों करते हो, चलो टेरेस पर चढ़ते हैं.

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