भाग-२३
सच्चा प्रेमी तो वही होता है जो जिस्म तक नहीं रूह तक , दिल की गहराइयों तक पहुँचने का काम करता है . अगर तुम चाहते तो अब तक मेरे साथ शारीरिक सम्बन्ध बना सकते थे मगर तुमने ऐसा नहीं किया, मैं तुम्हारी साथ नग्न अवस्था में थी. तुम भी नग्न थे, मगर मेरे कहने पर तुरंत टेरेस तक चले आये. इससे साफ़ होता है कि तुम प्रेम के भूखे हो, सीढ जिस्मानी सुख तक सीमित नहीं हो. तुम जीत गए जुनैब.
जुनैब- सचमुच मेरे मन में इस तरह का कोई गलत भाव नहीं है, जिससे कि तुमको तकलीफ होती हो. जिससे कि तुम्हारे आत्मसम्मान को ठेस पहुँचती हो
सलमा- हमारा प्यार सच्चा है. हमें कोई भी जुदा नहीं कर सकता . मुझे तुम्हारा यह प्रस्ताव अच्छा लगा कि हम लोग हफ्ते में एक बार मिला करेंगे , जी भरके प्रेम करेंगे और बाकी के दिनों में अपने कैरियर पर ध्यान देंगे .इससे किसीको हमारे संबंधों के बारे में जानकारी भी नहीं होगी और हम ठीक तरह से मिल भी सकते हैं.
जुनैब- आखिरकार औकात में आ ही गयी न, मैं भी तो आपको पहले ऐसे ही समझा रहा था, उस समय तो तुम भी ना नुकर करने में लगी थीं. अब समझीं कि अच्छी तरह से कैसे जिया जा सकता है. इसमें रिस्क भी कम रहेगा और काम भी बेहतरीन तरीके से हो जाएगा. एक ही रात में मैं तुम्हें इतना सुख दे दिया करूँगा कि उसीके सहारे तुम आराम से बाकी के दिन गुजार सकती हो.. उसके बाद में छुट्टी आ ही जाएगी . तुम्हें खर्चे के लिए भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. किसी फाइव स्टार होटल मे हम दोनों मिला करेंगे. वहाँ पर आराम से रात गुजारेंगे . उस रात जमकर पार्टी करेंगे, सिगरेट -शराब पियेंगे , यहाँ तक कि ब्लू फिल्म भी देखेंगे मगर यह तय है कि सप्ताह के बाकी दिनों में शराब और सिगरेट को छुएंगे भी नहीं. बोलो मंजूर है ? यह समय हमारा इस तरह से गुजरेगा जैसे कि राजा महाराजा का होता है. तुम मेरी महारानी होंगी और मैं होउंगा महाराजा . मेरे सुरक्षा कर्मी मेरे साथ होंगे इसलिए हमें कोई कभी भी रंगे हाथों तो पकड़ ही नहीं सकता . उसकी तो गुंजाइश हेई नहीं छोड़ी है. हम दोनों के बीच में कभी कोई नहीं आएगा.
सलमा- आप ठहरे सांसद के बेटे. आपके पास करोरों -अरबों की संपत्ति है जबकि मैं एक आम खानदान से ताल्लुक रखती हूँ. ऐसे परिवार से जहां पर जैसे-तैसे गुजारा होता है. तुम्हारे परिवार के लोग क्या सोचेंगे हमारे संबंधों के बारे में ?
जुनैब- सोचना ही क्या है ? प्यार से बड़ा कुछ होता है क्या ? प्यार की खातिर लोग किसी भी हद से गुजर जाते हैं. वे जो चाहें त्याग कर देते हैं. हमने सूना है की राजा -महाराजा अपनी गद्दी तक छोड़ देते हैं. ऐसा होता है यहाँ .अगर वे मुझसे कुछ कहेंगे तो मैं साफ़ बता दूंगा की मैं सलमा से प्यार करता हूँ और जिऊँगा-मरूंगा तो सिर्फ सलमा के साथ .
सलमा- ऐसा न करना की जब बोलने की बारी आये तो चुप रह जाओ. अक्सर लोग ऐसा करते हैं. बोलने के समय पर चुप हो जाते हैं और चुप रहने के टाइम पर बड -बड करते रहते हैं.
जुनैब- जी नहीं, हम ऐसे लोगों में से बिलकुल नहीं हैं. हम तो ऐसे हैं की एक बार प्यार का हाथ बढ़ाया है तो अपनी जान भी दे देंगे लेकिन कभी भी बेवफाई नहीं करेंगे . दागा देना तो हमने सीखा ही नहीं है.
सलमा- अरे ये क्या ? संगीत तो बंद हो गया. अबी कैसे होगा डांस ? डांस के चांस तो खत्म ही हो चुके हैं. चलो एक बार फिर से अपने प्रेसीडेंट सुइट में चलते हैं. वहीं पर कुछ संगीत- वन्गीत सुनते हैं. ठीक है ?
जुनैब के चेहरे से मुस्कान उभर उठी, वह जान गया की सलमा के जिस्म में जबरदस्त आग सुलग रही है, वह काम वासना की आग को और भी ज्यादा भडकाना चाहता था इस ताकि आराम से उसकी प्यास को शांत किया जा सके. जुनैब ने एक जोरदार अंगड़ाई ली और फिर सलमा को लेकर अपने खास कमरे में आ गया . उसने पहली बार महसूस किया की सलमा पहले से ही पहल करने के मूड में थी. उसने ब्लू फिल्म देखने का भी जिक्र किया था. जुनैब तो अक्सर अपने लैपटॉप पर अश्लील फिल्म देख लिया करता था ,उसने सोचा की आज टीवी पर भी देख लिया जाए तो क्या फर्क पड़ता है. उसने होटल के एक स्टाफ को बुलाकर एक ब्लू फिल्म की सीडी का इंतजाम कराया .
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