Monday, May 23, 2011

भाग-२०
जुनैब - तो क्या आप इसके साथ रोजाना सम्बन्ध बानाती हैं.
- नहीं रे पागल है क्या ? ऐसी कोई बात नहीं है. जब मूड हो तभी कर लेती हूँ. अगर मैं रोजाना करती तो तुमको पता नहीं चलता क्या ?
जुनैब - नहीं , बिलकुल नहीं. मुझे क्या पाटा चलेगा ? मैं यहाँ पर हमेशा थोड़े ही रहता हूँ.
- हफ्ते में एक या दो बार, बस. इससे ज्यादा कभी नहीं किया . बीच -बीच में तो मर्द ही मिलते रहते हैं. कुछ चुनिन्दा लोगों के साथ ही समबन्ध बनाती हूँ, एड्स का डर लगा रहता है . अगर एड्स का रोग हो गया तो जानते हो जिंदगी को क्या लग जायेंगे . समझ गए न, इसलिए अभी तुम भी इशक के रोग से दूर ही रहना . लड़कियों से भी दूर रहना और लड़कों से भी. जब कभी ज्यादा मन करे और शरीर की आग को शांत करने का कोई तरीका ही नजर न आये तो बाथरूम में जाकर हाथ की सफाई दिखा सकते हो. यह भी लिमिटेड करना ही ठीक रहेगा . ज्यादा हस्तमैथुन से भी बहुत नुक्सान होता है.समझ रहे हो न, मैं क्या कह रही हूँ. तुम्हें मुझे देखने की आदत पड़ गयी है, तो कोई बात नहीं . मैंने भी माफ कर दिया है. देख -देखकर खूब मजे लो. जो चाहे सीख भी लो, सुहागरात मनाने के काम आएगा. तुम्हारा ये अनुभव भी बेकार नहीं जाएगा. और जानते हो तुम्हारी जब शादी होगी तो तुम्हारी पत्नी तुमसे खुश हो जायेगी . कहेगी कि मजे का शौहर मिला है, जिसे पहले से ही सब कुछ पता है. काम क्रीडा करने के तौर तरीके भी आसान नहीं हैं. जो कोई इस काम को सीख जाता है उसकी भी बल्ले -बल्ले हो जाती है. मगर इससे एक नुक्सान भी है. जानते हो क्या ?
जुनैब - जब इतना कुछ बता दिया है तो ये भी बता ही डालो.
- तुम्हारी पत्नी को तुम पर संदेह भी हो सकता है. वह सोचेगी कि जब तुम इतना सेक्स ज्ञान रखते हो तो जरूर तुम्हें इसके बारे में सब कुछ जानकारी होगी.
सलमा- अच्छा जी, तुम मर्द लोग भी बड़े गज़ब के होते हो. कहते कुछ हो और करते कुछ हो. मैं नहीं मानती कि तुमने उस भाजी वाली को ऐसे ही छोड़ा होगा. माना कि एक बार के लिए तुम उसको छोड़ भी दोगे मगर इतनी कामुक महिला जो अपने जिस्म की प्यास बुझाने के लिए कुत्ते का सहारा लेती हो , वो एक कोरे लड़के को अकेले में कैसे छोड़ सकती है. उस स्थिति में जबकि वह किसी और के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाती थी तो तुम भी उसके घर में मौजूद रहते थे.
जुनैब- मेरी जान मत खाओ , चाहो तो मेरे कुंवारेपन का टेस्ट करवालो, मैं बिलकुल कोरा हूँ. अभी तक मैंने कभी किसी लड़की का साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाए हैं. ,मैं ये भी बता चुका हूँ कि मैंने कई बार उस भाजी वाली के पास प्रस्ताव रखा था ,मैंने अपना तना हुआ अंग भी कई बार दिखाया , लेकिन उसने साफ़ इनकार कर दिया था. उसका मानना था कि मेरी उम्र कम है , अगर मुझे काम क्रीडा की आदत लग गयी तो मैं कैरियर पर ध्यान नहीं दे पाऊंगा. दूसरी बीवजह जो उसने बताई वो ये थी कि मेरे पिता के सांसद होने के कारण उसे इस बात का भय था कि इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते. एक न एक दिन इसकी जानकारी लोगों को हो जायेगी . अगर सांसद को यह मालूम हो जाता कि उनके बेटे के साथ किसी औरत ने यौन व्यवहार किया है तो उसकी जान ही ले लेते .
सलमा- अब चाहे जो कहो , यह दलील किसीके गले नहीं उतरेगी .
जुनैब- बात सही है. उसने भी यही कहा था कि तुम्हारी बात कोई मानेगा नहीं. चाहे जो कहना. आज वही हो रहा है.
सलमा- मुझे भरोसा है तुम्हारी बात पर. अब मुझे सिगरेट की तलब हो रही है. तुम भरोसा नहीं करोगे , आज तक मैंने कभी इसे हाथ भी नहीं लगाया था. सिगरेट और शराब के नाम से बचपन से ही चिढ थी,मगर जबसे तुम मिले हो. तुमने मेरा खाने -पीने का मेनू ही बदल दिया है. अब मुझे पजाम अच्छा लगता है. धुंए उडाना अच्छा लगता है और सबसे मुख्य बात ये कि तुम्हारे शरीर से लिपटकर प्यार करना भी अच्छा लगता है.
तुम्हें तो बता ही चुकी हूँ कि प्यार के नाम से ही मुझे डर लगने लगा था . मैंने सोच लिया था कि जीवन में कभी किसी लड़के के प्यार के चक्कर में नहीं आउंगी. मैंने भी यह सुन रखा था कि लड़के लोग पहले तो हम जैसी जवान और सुन्दर लड़कियों को अपने प्रेम के जाल में फंसाते हैं और बाद में उनका शारीरिक शोषण करते हैं.
जुनैब- तुम भी बड़ी भोली हो . हर लड़का एक जैसा नहीं होता. सब अलग-अलग तरह के होते हैं. कोई गलत होता है तो कोई बहुत अच्छा होता है. ऐसी लड़कियों की भी कमी नहीं है जो लड़कों को अपनी अदाओं में फंसाकर उनका आर्थिक शोषण करती हैं और बाद में उन्हें धोखा दे देती हैं.



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