भाग-१२
सलमा- कमरा किसलिए ?
जुनैब- मजा के लिए , मौज के लिए . असली आनंद के लिए . तुम आराम से अपनी टाँगें फैलाकर , अपनी पलकें मूंदकर पडी रहना और मैं तुम्हारी मस्त मस्त मालिस करूँगा . कल्पना करिये वो द्रश्य कैसा होगा. अगर इस तरफ के तुम दो चार जन्म और भी ले लो तब भी कुछ होने वाला नहीं है. मेरा मतलब है की इतना आनंद तुम्हें मिलने वाला नहीं है जितना उन कुछ पलों में ही मिल जाएगा. जब खुशियाँ आपके द्वार पर दस्तक दे रही हैं, तो सोच विचार में समय क्यों बर्बाद करती हो. तुम्हारे जैसे जो लोग सोचते हैं वे हमेशा सोचते ही रह जाते हैं.आज प्यार का मौसम है. प्रेम तुम्हें पुकार रहा है, तुम चाहो तो इसे स्वीकार करके हमेशा -हमेशा के लिए खुशियाँ इकट्ठा कर सकती हो और चाहो तो इसे ठुकरा सकती हो. सब कुछ तुम्हारे ऊपर ही निर्भर करता है.
सलमा- तुम मुझे किस दुविधा में फंसा रहे हो, मैंने जिस काम का हमेशा विरोध किया है आज उसीके लिए मुझसे कहलवा रहे हो. ये कैसा इम्तिहान है ? कहीं ऐसा तो नहीं की पूरी प्लानिंग के साथ तुम मुझे यहाँ लेकर आये हो .
जुनैब- जब तुमने प्यार के लिए मना किया होगा, वह समय दूसरा था. उस वक्त तो ऐसा होना ही था. लेकिन अब सदा के लिए तो कुंवारी बनकर बैठ नहीं सकती न. ये जवानी के सुख लूटने का समय है, अगर इसे चूक जाओगी तो पल-पल इसके लिए तरसती रहोगी . तुम या हम दुनिया से अलग नहीं हैं. और देखो दुनिया के लोग कैसा मजा ले रहे हैं. किस तरह से समय का सदुपयोग करने में लगे हैं. हमको चूकना नहीं चाहिए . देखो , सामने वाली लड़की की उम्र २० से ज्यादा नहीं है और उसका साथी देखती हो, वह ६० साल से भी ज्यादा उम्र का लगता है. यह बेमेल प्यार किसी खास मजबूरी की दें हो सकता है. और वह खास मजबूरी सिवाय दौलत के और कुछ नहीं हो सकती. दौलत की खातिर इस लड़की ने इस आदमी का साथ देना मंजूर किया होगा . इसका साथी इसे बिस्तर पर सिवाय दुखों के और कुछ नहीं दे सकता . इस लड़की का जिस्म सुलगता रहेगा मगर यह कुछ नहीं कर पायेगा . यह इसकी जिस्मानी जरूरतों को किसी भी हालत में पूरी नहीं कर सकता .
सलमा- यह शराब पी रही है, अच्छा खाना खायेगी , डांस कर रही है और भला इसकी क्या जिस्मानी जरूरतें हो सकती हैं. तुम कुछ भी कह देते हो. मुझे गर्म करने के लिए गर्म शब्दों का सहारा लेते हो. मुझे महसूस होता है जैसे तुम जान बूझकर ये सब बोलते हो.
जुनैब- अभी तुम सेक्स की हसीं दुनिया से परिचित नहीं हो. यह एक ऐसी दुनिया है जिसका स्वाद सबसे अलग होता है. यह आनंद देने वाला मार्ग है. अगर दो युवा जोड़े अपनी मर्जी से जीवन साथी चुनकर प्रणय क्रीडा का आनंद लेना चाहते हैं तो यह सुख स्वर्ग से भी बढ़कर होता है.
तभी सलमा की नजर एक ऐसी लड़की पर पडी जिसमे नाम मात्र के कपडे पहन रखे थे. वह नशे में धुत थी और एक कोने में खड़ी थी. उसका साथी उसके सीने की दोलाइयों को चूस रहा था. किसीका ध्यान उन दोनों की तरफ नहीं वे इस तरह से खेल खेलते थे की किसी को दिखाई भी न दे , लेकिन ना जाने कैसे सलाम की निगाह उस पर पड़ गयी . सलमा का जिस्म भी गर्म होने लगा . वह लड़की कसमसा रही थी. अपने हाथों से उस लड़के के गुप्त अंग को सहला रही थी . उसका साथी अपने काम को पूरे धैर्य के साथ अंजाम दे रहा था. सलमा बोली -
- देखो जुनैबं, अँधेरे में वह प्रेमी जोड़ा क्या कर रहा है ?
जुनैब- यही तो काम क्रीडा है, इनके चेहरे को गौर से देखो, कितने खुश नजर आ रहे हैं. जब ये अपनी मंजिल पर पहुंचेंगे तो इनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहेगा . मैं और तुम इससे भी अच्छा प्यार कर सकते हैं. ये तो इस क्लब में ही मजा ले रहे हैं, हम लोग तो आराम से अपना कमरा लेकर ऐश करेंगे .
Sunday, May 15, 2011
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