सूरज का दिमाग झन्ना गया, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वह क्या करे ? भ्रमित होकर वह अपने शरीर पर हाथ फिराने लगा, इसके बाद उसने किरण के सुन्दर जिस्म को स्पर्श किया। फिर वह आईने के सामने खडा हो गया. वह नग्न अवस्था में था. उसका चेहरा बिलकुल वैसा ही था , जैसा कथित मौत से पहले था. वह अपनी पुरानी लाइफ को याद करने लगा. तभी किरण बोली-- तुमने मेरी बात को सच मान लिया क्या ? हा हा हा ..........मजाक कर रही थी यार ... क्या तुमने इसे सच मान लिया ? तुम भी कमाल करते हो भले आदमी.अच्छी खासी खूबसूरत हसीना के हुस्न की तारीफ करने के बजाय , उसके भूत -प्रेत होने पर शक जाहिर कर रहे हो। मुझे हैरत हो रही है। तुम लड़कियों को कैसे पटाते होंगे ? लड़कियां उसी पर मरती हैं, जो रोमांटिक बात कर सकते हैं, जो लड़कियों की आँखों में डूब सकते हैं और अपने साथ उन्हें भी सुनहरे सपनों की सैर करा सकते हैं। मेरे ख़याल से तुम इन सबमे से कुछ नहीं कर सकते।
सूरज- हाँ , शायद यही वजह है कि मुझसे कोई लड़की नहीं पट पाई जबकि ज़रा -ज़रा से लड़के कई-कई प्रेमिकाएं रखते हैं। हर दिन वे अलग-अलग लड़कियों के साथ घुमते-फिरते नजर आते हैं।
किरण- मैं मानती हूँ, लेकिन यह बात मानने में थोड़ी सी तकलीफ हो टी है कि तुम जैसे हेंडसम के साथ ऐसा कुछ हुआ होगा। गबरू जवान हो, तुम्हारे साथ रात बिताने की हसरत न जाने कितनी हसीनों को हो सकती है। इस दुनिया में यह कैसे संभव है कि २५ साल का मर्द और कुंवारा ही रह जाये। कभी न कभी और किसी न किसी लड़की के साथ कुछ न कुछ जरूर हुआ होगा। मुझे याद आता है एक कस्टमर जो इसी तरह का दावा करता था और जब पीकर टट्टू हो गया तो उसने जो राज खोला वह अविश्वसनीय था। वह दो दर्जन से ज्यादा लड़कियों के साथ सैकड़ों बार हमबिस्तर हो चूका था । उसकी कुछ तस्बीरें भी उसने दिखाईथीं, और तो और उसे रात के दौरान हर दस मिनिट के बाद सेक्स करने की आदत थी। इसके लिए वह एक ही रात में दो वेश्याओं की सेवा लिया करता था। जब वह मेरे पास आया तो पञ्च लाख में एक रात के लिए उसने मुझे बुक किया था और दस हजार की एक लड़की अलग से बुलवाई गयी थी और उस रात उसने एक दो बार नहीं बल्कि पूरे ६ टाइम सेक्स किया था ।
सूरज- क्या ऐसा संभव है ? क्या कोई इंसान इतना पावरफुल हो सकता है ?
किरण- हाँ, हाँ क्यों नहीं ? पर्फेक्स जैसी आयुर्वेदिक दवाओं के चलते कुछ भी संभव है। ये दवाएं आम इंसान को भी फौलाद की तरह बना देती हैं। वह व्यक्ति अगर ज्यादा समय तक रति क्रिया का आनन्द भोगता था तो इसके पीछे यही वजह थी। तुम आज की रात मुझे कितनी बार सुख दे सकते हो ?
सूरज- मैं एकाध बार की बात नहीं करता, मैं तो जीवन भर तूम्हें सुख और संतुष्टि देने का इरादा रखता हूँ।
किरण- मैं कैसे मानु मानूं कि तुम अभी तक कुंवारे हो ?
सूरज-० मेरा मेडीकल चेकअप भी कराना चाहो तो स्वागत है ।
किरण- इतना समय कहाँ हैं ? इसके लिए तुम्हें आज की रात भी कुंवारा ही रहना पडेगा ।
सूरज- यह शायद संभव न हो पाए। क्योंकि अब तो न दिल अपने कब्जे में है और ना ही दिमाग । अब तो प्यास बढ़ती ही जा रही है, जब तक इसे बुझा नहीं लेता , चैन नहीं मिलेगा।
किरण- अच्छा , चलो सेक्स छोडो , क्या कभी किसीसे प्रेम भी नहीं किया ।
सूरज- प्रेम ? उसे प्रेम तो नहीं कह सकते , मगर हाँ , एक लड़की के साथ मित्रता जरूर थी।
मगर उसके साथ रिश्ता ज्यादा नहीं टिक पाया ।
किरण- क्यों ? क्या हुआ ? क्या वह जिस्मानी रिश्ते बनाने से इनकार कर रही थी ?
सूरज- नहीं, ये बात नहीं है ।
किरण- तो और क्या बात हूई ? क्या वह किसी और से प्रेम करती थी ? और इस कारण तुम्हें उससे चिढ हो गयी ?
सूरज - ऐसी भी कोई बात नहीं थी, मैंने खुद भी कभी उसके साथ सेक्स करने की बात अपने मन में नहीं लाई थी। हम दोनों मिलते थे, बातचीत करते थे, कभी -कभी किसी विषय पर बहस भी करते थे , मगर मेरे मन में कभी कोई गलत ख़याल नहीं आया,। एक शाम हम दोनों जब टहलने निकले तो अकेलेपन में उसने मेरा हाथ पकड़ लिया था। मेरे जिस्म में झुरझुरी सी दौड़ गयी और कांपते होठों से मैंने उसके होठों को चूम लिया। किसी महिला को यह मेरा पहला चुम्बन thaa। वह mujhse lipat गयी
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