Tuesday, November 24, 2009

लिब्रहान रिपोर्ट पर राज्यसभा में बहस के दौरान सपा नेता अमर सिंह और बीजेपी के एसएस अहलूवालिया के बीच जमकर हाथापाई हो गई।
दन में लिब्रहान रिपोर्ट पेश होते ही भाजपा के सांसदों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। इस बात से नाराज होकर सपा नेता अमर सिंह अपनी सीट से उठकर भाजपा सांसद एसएस अहलूवालिया की तरफ बढ़े और उन्होंने उनसे हाथापाई शुरू कर दी।
सके बाद सदन में जमकर हंगामा शुरू हो गया और स्थिति बेकाबू होता देखकर सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
हालांकि अमर सिंह ने बाद में कहा, मुझसे गलती हुई है और मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि वह अपने आचरण से दुखी हैं, लेकिन यह भी साफ किया कि राम हमारी आस्था हैं, राजनीति नहीं। उन्होंने कहा कि मैं अहलूवालिया से बड़ा रामभक्त हूं।राज्यसभा में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद भाजपा नेता एसएस अहलूवालिया के साथ धक्का- मुक्की की घटना पर अफसोस व्यक्त करते हुए सपा महासचिव अमर सिंह ने कहा कि वह इस घटना के लिए देश, संसद और अहलूवालिया से माफी मांगते हैं।
अमर सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं सदन में अपने आचरण से आहत हूं और दो बजे जब सदन बैठेगा, तो अपने मित्र अहलूवालिया से माफी मांगने को तैयार हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि भाजपा किसी को मजबूर नहीं कर सकती है। मैं स्वयं राम का भक्त हूं। राम में हमारी आस्था है, लेकिन यह हमारी राजनीति का विषय नहीं।’’
आयोग की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद सदन में ‘जय श्रीराम’ के नारे के विषय में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘देखो ऐ दीवानों ऐसा काम न करो, राम का नाम बदनाम न करो।’’ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए।
इससे पहले दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गई।
मंगलवार को कैबिनेट की इस बारे में बैठक हुई।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अनुपस्थिति में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में सुबह यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया। रिपोर्ट को प्रश्नकाल के बाद 12 बजे के करीब संसद में पेश किया गया।

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