लवगुरु , भाग-७२
मुंशीजी - ठीक है... हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े -लिखे को फारसी क्या ? तुम भी हो, हम भी हैं और साथ ही समय भी है. होत्तल है और फिल्म है. अभी देख लेते हैं कि आगे क्या हुआ ?
डोली मुस्कराने लगी, उसने भी अब टाइम पास करने में ही भलाई समझी, डोली के तो दोनों हाथों में लड्डू थे. अगर मुंशीजी जल्दी से अपनी हवस बुझा लेते तो वह भी जल्दी आराम से सो जाती और अगर वह
लेट कर रहा था तो वह भी डोली के लिए फायदेमंद स्थिति ही थी. उसके तो पैसे बढते जा रहे थे, जितने दिन के लिए मुंशीजी ज्यादा बुकुंग करते , उतना ही डोली का फिक्स धंधा होता. बेचारे मुंशीजी को क्या मालूम था कि
डोली शहर की नंबर वन वैश्या थी औरयह अड्डा भी उसके पार्टनरशिप में चल रहा था. मुंशीजी तो बस वही जानते थे , जितना कि डोली ने उसको बताया था . मुंशीजी े फिर से वही फिल्म चालू करदी . आवाज भी ज़रा तेज
करदी. स्क्रीन पर केशव दिखाई दिया, वह बिलकुल नग्न अवस्था में था और अपने कपडे पहन रहा था. बिजली अभी तक निर्वस्त्र अवस्था में ही थी. केशव ने एक बार बिजली के होठों को चूमा और कमरे से बाहर निकल गया .
केशव सोच रहा था कि इस स्थिति में वह फिर से रानी को संतुष्ट कर भी पायेगा कि नहीं ? वहबि९ज्ली के मरे में आते समय रानी के कमरे के बाहर से दरवाजा लोक कर आया था. जाकर उसने वही दरवाजा खोल दिया . उसने
देखा कि रानी अभी तक जाग रही थी. उसके हाथ में पैग था. केशव के प्रवेश करते ही बोली-
-कब से तेरी रह देख रही हूँ, अबे कहाँ चला गया था ? कहीं ऐसा तो नहीं कि उस नौकरानी से जा लिपटा था ? सच बोल ?
केशव- नौकरानी, छी, क्या कहती हो मालकिन ? महारानी के रहते कोई नौकरानी से भला कैसे हाथ लगायेगा, वैसे भी बेचारी नौकरानी तो सीढी है. कभी देखती भी नहीं है. अगर देखती भी तो उस काली कलूटी
को कौन छूता ? जब आप जैसा बेपनाह हुस्न मौजूद हो. आप बहुत खूबसूरत हैं मालकिन. भले ही मेरी बीवी आपकी उम्र से बहुत कम है. मगर आपके सामने कहीं नहीं टिकती . सच कभी ता हूँ , आप किसी कुंवारी लड़की से
कम नहीं हैं. मैं तो सचमुच पहचान भी नहीं पाया कि मैकिसी शादीशुदा और बड़े बच्चों वाली के साथ सेक्स कर रहा हूँ. इसे आप हकीकत समझें , ज़रा भी बनावट नहीं है मेरी बातों में .
रानी - अच्छा अब रानी चालीसा पढ़ना छोड़ और ये बता कि कहाँ घूम रहा था इतनी देर ? मैं कितनी परेशान हो रही थी.
केशव- थोड़े से काम बचे थे, और आपने यह भी तो कहा था कि आपकी सेवा के लिए अपने छोटे भाई रमन को ले आऊं . सोच रहा हूँ कि मैं कल सुबह ही घर हो आऊं. रात को वापस लौट आउंग. कल करे सो आज कर, आज
करे सो अब, पल में प्रलय होयगी बहुरि करेगा कब ? उसी लिए एक जोड़ी कपडे भी धोकर डाल दिए हैं. सुबह थोड़े पैसे की जरूरत होगी . आप वो देख लेना.
रानी- सुबह क्यों, पैसे अभी ले ले, यह ठीक रहेगा. मजबूत है न छोकरा ? या तेरी बीवी के चक्कर में पड़कर छुआरा जैसा सूख गया है ?
केशव- मजबूत है मालकिन, गाँव में करता ही क्या है ? खा पीकर दंड पेलता है. करारा लड़का है . खूब मजे देगा भी और मौज लेगा भी. हार मानने वाला छोकरा नहीं है.
रानी - फिर तेरी घरवाली क्याकरेगी ? उसकी काम वासना को कौन शांत करेगा ? उसको तो रोजाना की आदत लग चुकी होगी न ? उसके बारे में भी कुछ सोचो .
केशव- हाँ, मैंने तो इस बारे में कुछ सोचा ही नहीं, ऐसा नहीं कि रास्ता भटक जाये, वैसे ऐसा करेगी तो नहीं . अच्छे खानदान की है. वो तो भाई के साथ इसलिए सम्बन्ध बना बैठी क्योंकि घर का मामला है .
और मेरे ख़याल से हमारे घरवालों ने भी थोड़ी सी ढील छोड़ दी होगी कि घर का माल घर में ही रहेगा तो बेहतर है. शायद इसलिए वह भी बेफिक्र करती होगी . मुझे यह बात किसी और ने नहीं बल्कि मेरी ही साली ने बताई है .
क्योंकि वह मुझे बहुत चाहती है. उसीने कहा था कि जिसके लिए तुम इतना मरते हो वह आजकल तुम्हारे भाई पर मर रही है और रोजाना मौज लेती है. दोनों रात को एक ही कमरे में सोते हैं. यह बा अन्य घरवालों को
भी मालूम है. तब मैं जान पाया कि ऐसा सब हो रहा है.
रानी-यार तू तो बड़ा सयाना है. साली को भी नहीं छोड़ा, क्या उसका भी झिंगालाला कर डाला ?
केशव- हाँ, आपसे झूठ नहीं बोलूंगा, मगर मैंने जबरदस्ती नहीं किया . उसने मुझे बहुत प्रेस किया था. अब तो उसकी भी शादी हो चुकी है, लेकिन उसका पति फ़ौज में नौकरी करता है. बेचारा कभी-कभी आता है .
जब उसने स्पष्ट रूप से मुझे अपनी मजबूरी बताई तो मेरे पत्नी ने भी कभी-कभी उसकी भूख शांत करने की अनुमत दे दी.
रानी- तो क्या , तू अपनी बीवी के सामने साली के साथ कामक्रीड़ा करता रहा है ?
केशव-हाँ, बड़े आराम से . क्योंकि साली की ससुराल में यह सब संभव नहीं था, तो मेरी बीवी उसे हफ्ते भर के लिए हमारे घर बुला लिया करती थी और रात कोमैं उन दोनों को बड़े आराम से संतुष्ट कर दिया करता
था. दोनों ही खुश रहती थीं, मेरी बीवी भी खुश थी , उसे लगता था कि मैं जों कुछ कर रहा हूँ, उसीकी जानकारी में कर राह हूँ .
रानी-तो क्या तू मेरी और अपनी बात भी उसे बता देगा ?
केशव- आप कहेंगी तब न, ऐसे तो नहीं बताने वाला. अगर आप कहती हैं तो यकीन मानो वह मना नहीं करेगी. बल्कि कामक्रीड़ा के दौरान आपको उत्तेजित करने के लिए वह खुद भू उपस्थित रह सकती है .
रानी- क्या बात कर रहे हो ? कहीं उसे ग्रुप सेक्स की आदत तो नहीं है ?
केशव- वो क्या होता है ?
No comments:
Post a Comment