लवगुरु. ६७
केशव- ये हथियार ? ओह ... लगता है यह मुझे जेल की हवा खिल्वायेगा . क्या करू मजबूर हूँ . एक तो आप जैसी खूबसूरत मेरे सामने नंग लेटी हुई है और दूसरा आपने मुझे शराब भी पीने को दी है , इसलिए
आज मुझे कुछ अच्छे बुरे का ज्ञान नहीं रहेगा. जों भी हो , इतना याद रखिये कि आज जों भी होगा, होगा , अरे हाँ होगा, उसके लिए मैं आ आ अकेला जिम्मेदार नहीं रहूंगा , आप भी होंगी बराबर की जिम्मेदार .
रानी- अरे ये क्या, तू तो पीकर टुल्ल हो गया, ऐसा लगता है जैसे थोड़ी देर में ही तू गिर पडेगा. छी , मैंने तुझे मर्द समझा था और तू ये क्या निकला. मैं तो सोचती थी कि तू गाँव का है, ताकतवर होगा, तुझे
नौकरी पर रखूंगी तो एक पंथ दो काज हो जायेंगे मगर लगता है कि तू इस काबिल नहीं है. नौकरी देने के बारे में अब दो बार सोचना होगा.
केशव- ये क्या कह कह ,कह रही हैं आप भले ही जुबान लडखडा रही है , मगर यकीन मानो , कदम नहीं लड्खायेंगे . मैं गाँव का मर्द हूँ. असली मर्द . मुझे अगर लाल्कारोगी तो हद से गुजर जाउंगा . याद रखना .
रानी- क्या करेगा हद से गुजरकर ? पूरी बोतल खत्म करेगा और फिर रात भर उल्टी करता फिरेगा , और आखिर में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ेगा .
केशव- नहीं, हम प्यार करेंगे , जानती हो अभी तक मैं क्यों रुका हुआ हूँ ? क्योंकि मन आदर करता हूँ आपका. आपसे डरता हूँ यार . आज पहला दिन ही तो है. मुझे इसका कोई अनुब हव तो है नहीं . इसलिए एडजस्ट होने में
ज़रा सा टाइम तो लगेगा ही.
केशव- ज़रा सा लगता है तो कोई फर्क नहीं पड़ता. तकलीफ तो तब होती है जब कोई आधा -आधा घंटा बिस्तर पर तरसाता है, कुछ आया समझ में कि डिटेल समझाऊँ. ?
बिजली- फिर क्या हुआ ? तुमने क्या कहा ?
केशव- माहौल कुछ कहने का नहीं, करने का था, पहली बार मैंने इस तरह शराब पी थी. पहली बार बाहर की औरत के नग्न जिस्म को स्पर्श कर रहा था, नया शहर , नया माहौल, इसलिए दिल में थोडा सा डर तो था. और वही
डर मुझे खुलकर कुछ करने नहीं दे रहा था. फिर भी मैंने अपने आपको संभाला . अपना ध्यान एक ही स्थान अपर केंद्रित किया और रानी के बदन पर जों थोड़े बहुत कपडे बचे थे, उनको भी उतार फेंका, इसके बाद मैंने अपने वस्त्र
भी उतार दियी, रानी सिर्फ मुस्करा रही थी. शायद वह मेरे पुरुषत्व को ललकार खुश थी. ठीक ऐसे ही जैसे कोई शिकार अपने शिकार को देखकर खुश होता है .
बिजली -इसके बाद क्या हुआ ? जल्दी बताओ . मेरा दम निकला जा रहा है . जिस्म में कामोत्तेजना का तूफ़ान उठ रहा है.
केशव- नहीं, नहीं . अभी बता रहा हूँ. मैंने उनको अपनी बांहों में कैद कर लिया और ऐसे उठा लिया जैसे कोई बच्चा अपना मनपसंद खिलौने को उठा लेता है. उनका बदन गर्मी से झुलस रहा था. मैंने अपनी तपती हुई
जीभ उनके सीने पर रखदी . इसके बाद आहिस्ता-आहिस्ता , आह, ज़रा मेरे करीब आओ , मैं करके दिखाता हूँ. देखो मैंने इस तरह से उनके सीने को चूमना शुरू कर दिया . वे आहें भरने लगीं, ये बेहद गर्म आहें थीं.
मैं भी सुलग रहा था और वे भी सुलग रही थीं, मैंने कहा -
- अब तो आप जान गयी कि मैं गाँव का असली मर्द हूँ , जवानी का असली मजा दे सकता हूँ.
रानी- अभी से इतने बडबोले मत बनो, पहले मुझे सम्पूर्ण संतुष्टि तो दो. जब तक मुझे बिस्तर पर पछाड़ नहीं देते , तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता .
बिजली- फिर आपको जोश आ गया होगा,. आह सचमुच मजा रहा है. अब मैं ये जान सकती हूँ कि उस वक्त क्या हाल रहा होगा . तुम तो जादूगर हो केशव . मैं नहीं जानती थी कि काम क्रीडा करने में इतना आनंद आता है ?
अब जान रही हूँ, आज से यह ध्यान रहे कि मोम को खुश करने के बाद रोजाना तुम मुझे भी खुश करोगे . पेमेंट की चिंता मत करो , वो मैं तुमको अलग से दिया करूंगी .
केशव- ये अच्छा काम नहीं है मेमसाब, एक न एक दिन हमारी चोरी पकड़ी जायेगी और मुझे दण्डित किया जाएगा . इस घर में तुम्हारी मम्मी की चलती है, वही मुझे बचा सकती हैं मगर जब तुम्हारे साथ सम्बन्ध
रखूंगा तो मुझे उनकी सहानुभूति भी नहीं मिलेगी.
बिजली- ऐसे समय पर तहकी हारी बातें मत करो . मैं सब संभाल लूंगी. नियम सबके लिए बराबर होते हैं. अगर वे गलत कर रही हैं तो मैं बी ही गलत कर सकती हूँ . और मुझे इस रास्ते पर डालने के लिए सिर्फ और
सिर्फ वही जिम्मेदार हैं. जब जिम्मेदार वे हैं तो सजा आ भी उनको ही मिलनी चाहिए हमको नहीं. देखा जाए तो आप भी इनोसेंट हैं. आपने तो वही किया जों उन्होंने आपसे करवाया ,
केशव- वक्त आने पर तुम फिसल तो नहीं जाओगी . मेरा अकेले का कसूर तो नहीं बताओगी न ?
बिजली- तुम चिंता मत करो, सारा कसूर मैं अपने ऊपर ले लूंगी, मगर तुमको तकलीफ नहीं होने दूंगी ..
केशव पहले लोग ऐसी ही प्यार भरी बात करते हैं और बाद में अपने सारे वादों को भूल जाते हैं.
बिजली- तुमने अभी बिजली को जाना नहीं है, मैं ऐसी नहीं हूँ, भरोससा करो, मैं तुमको किसी मुसीबत में नहीं डालूंगी . अगर किसीने देख भी लिया तो मैं कहूंगी कि मैंने जों कुछ भी किया है वह अपनी मर्जी से किया है
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