दीपू- वाह, तब तो वह लड़कियों के बीच बहुत फैमस होगा... मरती होंगी उस पर ?
शैली- हाँ, इसमें कोई दो राय नहीं, वह गज़ब का खिलाड़ी था... तुम भी उससे किसी मामले में कम नहीं हो, उसका स्टेमिना कम था तुम्हारा बहुत ज्यादा है... वह इस खेल के मैदान में ज्यादा देर तक नहीं ठहर सकता था... थोडी सी देर में ही हांफने लगता था , तुम्हारी बात अलग है... तुम जब तक मैदान में डटे रहते हो तब तक की मैं ख़ुद भी संतुष्ट नहीं हो जाती... मेरी समझ में नहीं आता की तुम इतनी ताकत कहाँ से एकत्रित कर पाते हो...
दीपू- तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे की मैं इस दुनिया से कोई अलग काम कर रहा हूँ, ?
शैली- अलग तो है ही... तुम सच्चे मर्द हो ... मेरे पास जो ग्राहक आते हैं , उनमे ज्यादातर लोग आधे मर्द ही निकलते हैं... जब मैं गर्म होकर तैयार होती हूँ तो वे फेल हो जाते हैं, भले ही मैं काल गर्ल हूँ और उन्हें सुख देने की मुझे भरपूर कीमत भी मिलती है मगर इसका मतलब यह नहीं की हमारा जिस्म पत्थर का है, हमारी भ सम्वेद्नायीं होती हैं, कुछ इच्छाएं होती हैं... हमारे सीने में भी एक दिल धड़कता है... हमें भी ग्राहकों से कुछ अपेक्षाएं होती हैं.... हम उम्मीद करते हैं की हमको भी बीच मंझधार में तड़पता हुआ नहीं छोड़ा जाए, लेकिन जब उम्मीदें पूरी नहीं होती तो बहुत तकलीफ होती है...
दीपू- लेकिन तुम तो कहती हो की तुम्हें सिर्फ़ पैसे से मतलब होता है किसी और चीज से नहीं ?
शैली- इसके सिवाय और कह भी क्या सकते हैं.... ग्राहक से लड़ तो नहीं सकते... हमें सिर्फ़ उसको ही खुश करना होता है... ये तो मैं तुम्हें अपने दिल की आवाज सुना रही हूँ...
दीपू- अपने ग्राहकों को अगर ज्यादा संतुष्ट करना है तो तुम्हें मर्दानगी का एक राज बताता हूँ,
शैली- इसका भी कोई राज होता है, वाह ... फ़िर तो मैं जरूर जानना चाहूंगी....
दीपू- जो लोग तनाव में होते हैं, किसी कारणवश शराब या अन्य नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं उन लोगों की शारीरिक शक्ति कमजोर होने लगती है.... ऐसे लोग अपने बेद पार्टनर को सुख नहीं दे पाते, ख़ुद भी दुखी रहते हैं और अपने साथी की जिन्दगी में भी जहर घोल देते हैं....
शैली- अरे यार दीपू, होशियार हो तुम तो सब कुछ जानते हो मेरे यार... और बताओ तुम्हें इस बारे में क्या जानकारी है ? मैं सुनना चाहती हूँ...
दीपू- नहीं पहले तुम अपनी कहानी कहो, तुम कुछ कह रही थीं....
शैली- पहले तुम .... समझे....
दीपू- ठीक है... मैं हर उस आदमी को तंदरुस्त बनाने का राज जानता हूँ जो नामार्दांगी का जीवन जीने के लिए अभिशप्त हैं... अगर वे लोग विगोरा हाई पावर नामक दवा का एक कोर्स पूरा करें तो उनका जीवन खुश हाल बन सकता है... यह होम्योपैथिक भारतीय दवा है... जो लोग इसका सेवन करते हैं... वे कभी भी सर झुकाकर नहीं चल सकते... खुशियाँ उनके कदम चूमती हैं....
Friday, May 22, 2009
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1 comment:
good
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