लवगुरु-११०
अब अपना भी दिल नहीं चाहता कि जों
अपना करीबी है उसे नौकर बनाकर रखा जाए . तुम योग्य लोग हो. तुम्हारी योग्यता का भरपूर फायदा उठाना चाहिए.
चम्पा- आप महान हैं. गरीबों के प्रति बड़ी दया है आपके मन में. मुझे और केशव को गांव जाना होगा. वहाँ पर लोगों को भर्ती के बारे में बताना होगा .
रानी- ठीक है, जा सकती है. आराम से हमारा ड्राइवर गाड़ी लेकर जाएगा , तुम साथ आना -जाना. रेल , बस में क्यों धक्के खाती फिरती हो ? मुझे ज्यादातर खूबसूरत लडकियां चाहिए . जों अंगरेजी बोलना जानती हों, समझना जानती
हों , अनपढ़ भी चलेंगी मगर १० से १२ साल की, उनको यहाँ परअपने खर्चे से पढ़ा दिया जाएगा. उनके परिवार वालों को हर माह वेतन मिला करेगा. तुम तो जानती ही हो कि हमें तुम जैसी नमकीन लडकियां ही पसंद हैं.
चम्पा- - मैं समझ गयी मालकिन. कोई चिंता की बात नहीं है. मैं सब सिखा दूंगी. अच्छी तरह से बता दूंगी कि उनको रात के दौरान क्या करना है ?
अच्छा, सिर्फ कोरी लड़कियां ही चलेंगी या शादीशुदा के लिए चांस है ?
रानी -अगर तुम्हारे जैसी कोई नमकीन शादीशुदा है तो दौडेगी , तुम भले ही शादीशुदा हो मगर कमाल की लगती हो. मुझे तुम बहुत पसंद हो ... जीरदडाचाहता है , तुम्हें गाँव ही न भेजूं मगर क्या करूं, भेजना भी तो जरूरी है , आखिर
गरीबों और जरूरतमंदों का भला भी तो करना ही होगा न . अगर उनेहं रोजगार दे दिया जाता है तो उनकी स्थिति सुधर जायेगी. मान -अपमान या सम्मान की भावना तभी आती है जब इंसान सही सलामत होता है. मरने के बाद कौन
क्या करता है कौन जानता है? अक्सर लोग कहते हैं कि अच्छा काम करने वाला मरने के बाद स्वर्ग में जाता है और गलत काम करने वाला सीधा नर्क में , मगर मैं कहती हूँ कि इस बात की गारंटी क्या है ? कि ऐसा होता ही होगा
हाँ , इस बात की गारंटी है कि ज़रा सा भी हाथ जल जाए तो बेहद दर्द होता है,. पीड़ा जीने नहीं देती . और जब हम अपने मन पसंद साथी के साथ सेक्स करते हैं तो अथाह आनंद की अनुभूति होती है. जी चाहता है कि उस आनंद को
हमेशा के लिए भोगते रहें. तो मेरी निगाह में यह स्वर्ग है. बाकी सब बेकार की बातें हैं . अगर आदमी की जेब में पैसा है तो गैर भी सम्मान देते हैं और जब इंसान के पास पैसा नहीं होता तो उसे अपने खास घरवालों का अपमान भी
सहना पड़ता है. इतना फर्क है मेरी जान. इसलिए येन केन प्रकारेण इंसान को दौलत कमानी चाहिए.
चम्पा - बहुत बड़ी बात कही है , मैं सहमत हूँ इससे. मैं आपके नक़्शे कदम पर ही चलूंगी . हमेशा -हमेशा के लिए .
रानी- दिल से कह रही हो या फिर मुझे सिर्फ बेवकूफ बनाने के लिए, मेरा मतलब है कि मेरा दिल रखने के लिए कह रही हो ?
चम्पा- अगर रत्ती भर भी झूठ कहूँ तो यूँ ही मर जाऊं.
रानी- अच्छा तो ये बताओ कि अगर मेरे किसी परिचित का दिल तुम्हारी इस गदराई हुई जवानी पर आ जाए तो उसके साथ भी मजा कर सकती हो न ?
चम्पा- अगर आपका आदेश हो तो इंसान क्या मैं जानवर के साथ भी सेक्स करने के लिए तैयार हूँ.
रानी- किसी अफ्रीकन के साथ भी ? समझ रही हो न, जों वे हवशी जैसे होते हैं.
चम्पा- अहन क्यों नहीं ? मगर मैंने सूना है कि वे बहुत कामुक होते हैं. उनका विशेष अंग भी बहुत बड़ा, सख्त और खतरनाक होता है ? क्या ये सच है ?
रानी- हाँ, मैंने तो एक रात में चार- चार अफ्रीकन के साथ मजा किया है. ऐसे समझो जैसे कि हम स्वर्ग में आ गए हों. ऐसे दिखने में भले ही उनकी शक्ल अच्छी नहीं लगती मगर बिस्तर के असली मास्टर वही होते हैं.
चम्पा- क्या उस समय तकलीफ नहीं होती ?
रानी- थोड़ी बहुत ही होती है ज्यादा नहीं. बाद में तो आनंद आने लगता है.
चम्पा- क्या बाद में तकलीफ नहीं होती ?
रानी- एक दो दिन टांगों में तकलीफ होती है उसके बाद तो आनंद ही आनंद मिलता है.
चम्पा-मैं तो मर ही जांउगी, वैसे एक बात कहूँ , मुझे भी सख्त मर्द पसंद आता है.
रानी- और मुझे भी तो ऐसे ही मजा आता है. इतना ज्यादा मजा कि कभी कभी तो पति भी बेकार लगने लगता है, सारी दुनिया बेकार लगने लगती है .
चम्पा- इतना मजा देते हैं वे लोग.
चम्पा- तो कल ही मुझे ऐसा मजा लेने दो न प्लीज , लेकिन पहले दिन आपको भी साथ में रहना होगा .
रानी- नहीं री बावरी, उन लोगों को सिर्फ तन्हाई ही पसंद है.
चम्पा- जब आप साथ हैं तो भला क्या गम है ?
No comments:
Post a Comment