लवगुरु-८९
बिजली- इस झूठी दीवार के गिरने से सबसे ज्यादा खुशी तो मुझे होगी , मैं नहीं चाहती कि हमारे बीच कोई बेमेल रिश्ता कायम हो.
केशव- आप हद से गुजर रही हैं.
बिजली- काश , मैं ऐसा कर पाति. प्यार में हद से गुजर पाती. क्योंकि इश्क का असली मजा तब तक नहींमिल सकता , जब तक कि आशिक और महबूबा हद से ना गुजर जाएँ , दीवाने न हो जाएँ.
और यकीन मानो , मैं आपकी दीवानी हो चुकी हूँ. दीवानगी का यह रंग अब कभी छूटने वाला नहीं है. ऐसा पक्का रंग जमाया है कि नस -नस में समा गया है. तुम मेरी जरूरत बन गए हो .
केशव- पागल हो तुम. तुमने क्या सोचकर मुझे चूमा है, मैं नहीं जानता. यहाँ तो तुम मुझे उलटे पैसे दोगी , जबकि तुम्हारे कितने ही दोस्त तुम पर लाखों करोड़ों खर्च कर सकते हैं,. ऐसा हसीन बदन पाने के लिए
तो लोग किसी भी हद से गुजर सकते हैं. तो तुम वहाँ ट्राई क्यों नहीं करती ?
बिजली - बस अपना- अपना नजरिया है. किसीके लिए पैसा महत्वपूर्ण है, किसीके लिए प्यार और किसीके लिए मौजमस्ती .
केशव- क्या मैं जान सकता हूँ कि आपके लिए क्या इम्पोर्टेंट हैं /
बिजली- तुम . यानि की मेरी शारीरिक जरूरत. बिस्तर पर जितना सुख मुझे तुम देते हो, मेरा ख़याल है कि उतना और कोई नहीं दे सकता. दौलत की मेरे पास कोई कमी नहीं है. अगर ऐसा नहीं होता तो मेरी मोम
अपने लिए तुम्हारा चुनाव क्यों करती ? उन्होंने तो दुनिया देखी है. अगर वे तुम्हारी सेवायें ले रही हैं, इसका मतलब तुम उन सबसे बेस्ट हो, जिनका जिक्र कर रहे हो. यह सवाल तो तुमने उनसे भी किया होगा. तब क्या कहा उन्होंने ?
केशव- कहती थीं कि बाहर के लोगों में दम नहीं होता. बिस्तर पर आते हैं और अगले एक मिनिट में ही पिटा सा मुंह लेकर चले जाते हैं. जिस्मानी ताकत ही नहीं रही, बस उनका मन करता है और उसीके लिए ये सब अक्रते रहते हैं.
बिजली ओह, इसका मतलब उन्होंने बहुत सोच समझकर ही तुम्हें इस काम के लिए चुना है , और क्या कहा ठा ?
केशव- कहती थीं कि बाहर के लोगों से शारीरिक सम्बन्ध बनने में बहुत जोखिम होते हैं. एक तो लोगों को खबर लग जाती है, दूसरे ब्लेकमेलिंग का भी डर रहता है. और अगर घर के नौकर के साथ जिस्मानी ताल्लुकात बनाए
जाएँ तो किसी बाहर वाले को शक नहीं होता, नौकर का भी भला होता है, उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक हो जाती है और वह काम भी मेहनत और ईमानदारी के साथ करता है. क्योंकि वह अपनत्व की भावना के साथ काम
करने लगता है. और भी कई बातें कहीं, जिन्हें कहना मेरे मुंह से उचित नहीं लगता.
बिजली- मैंने कहा था न कि वे बहुत अनुभवी हैं, और तुम्हें चयन करने का उनका फैसला गलत हो ही नहीं सकता. आज शराब लेने के लिए तुम्हें मोम के कमरे में नहीं जाना पडेगा , आज तो मैंने पहले से ही इंतजाम कर लिया
है. एक बात और बताना चाहूंगी , पहले पढाई से मेरा मन भटक रहा ठा लेकिन जबसे तुमने मेरे साथ सुहागरात मनाई है, तब से सब कुछ बदल गया है. अब मैं आराम से ध्यान लगाकर पढाई कर रही हूँ, जाहिर सी बात है कि इसका
रिजल्ट भी बेहतर ही होगा और यह सब हुआ है तुम्हारी वजह से, क्योंकि अब मेरे दिल में यह बात घर कर गयी है कि रात को बिस्तर गर्म करने के लिए तुम मौजूद हो ही. दिन भर ठीक से स्टडी करूंगी और रात को जी भरके मस्ती.
केशव- मैं भविष्य में कभी भी तुम्हें निराश नहीं करूँगा , जब चाहोगी, जैसे चाहोगी , मैं हाजिर रहूंगा . ये समझिए कि मैं तो आपका गुलाम हूं, आप जिस तारह से चाहें मेरे बदन का इस्तेमाल कर सकती हैं. इस पर सिर्फ और सिर्फ आपका
हक है. मैं अपनी पत्नी को भी उतना समय नहीं दूंगा, जितना कि आपको देना चाहता हूँ.
बिजली- पत्नी का हक मारना तो अपराध है, तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए.
केशव- फ़िक्र मत करो , उसका हक अदा करने के लिए रमन और रानी मैडम मौजूद हैं, जब मैं शहर में होता था तो उस समय रमन और चम्पा एक दुसरे के तन की प्यास बुझाया करते थे. और मैंने आज देखा कि मैडम भी बड़ी पहुँची
हुई चीज हैं. उनके हाथों में वो कलाकारी है कि चम्पा को अपने हाथों से ही संतुष्ट कर सकती हैं.
बिजली- क्या कह रहे हो, मेरे ख़याल से मर्द के बिना कोई औरत जिस्मानी रूप से संतुष्ट नहीं हो सकती.
केशव- मजे का माप तो किया नहीं , मगर हाँ, अगर मर्द नहीं है तो औरत भी औरत को भरपूर मजा दे सकती है और यह सब मैंने अपनी आँखों से देखा है.
बिजली- होता होगा, कुछ भी हो सकता है, मगर मैं तो तुम्हारे बिना चैन से नहीं जी सकती . आज भी कल की तरह ही आहिस्ता -आहिस्ता प्यार करना.
केशव- अब भूल जाओ आहिस्ता का राग, ये तो तब तक ही होता है जब तक कि रास्ता ओपन न हो, एक बार राह खुल गयी तो कोई भी आओ, जाओ कुछ फर्क नहीं पड़ता .
बिजली- मुझसे मजाक कर रहे हो केशव, कि गाली दे रहे हो. ?
केशव- यह कहावत है बिजली, आज तुम्हारा हुस्न बिजलियाँ गिरा रहा है. जबसे हमने सुहागरात मनाई है, तबसे तुम्हारा रूप रब्ग और भी निखर गया है.
बिजली- प्यार में बहुत ताकत होती है केशव, आओ, मेरे करीब मुझे अपनी बांहों में कसकर दबालो. मेरी देह को चटका डालो.
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