Friday, November 21, 2008

दीनानाथ २

सेवा में,
श्रीमान मुख्य न्यायाधीश महोदय
सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली

विषय-वरिष्ठ पत्रकार श्री दीनानाथ तिवारी को सुरक्षा तथा न्याय दिलाने बाबत ।
विवरण- मान्यवर नमस्कार ,
सविनय निवेदन यह है की राष्ट्रीय पत्रकार संघ -मुंबई के संस्थापक और निर्भय पथिक के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीनानाथ तिवारी पर ३० अक्टूबर २००८ को मुंबई स्थित मालाड पूर्व के कुरार पुलिस स्टेशन परिसर में जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में श्री तिवारी के दांत तोड़ दिए गए तथा उनकी छाती की हड्डी तोड़ दी गयी। उन पर यह हमला उस समय किया गया जब वे अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए समाचार संकलन हेतु कुरार पुलिस स्टेशन गए हुए थे। इस सम्बन्ध में श्री तिवारी ने महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के लोगों नामजद करते हुए पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस ने भेदभाव करते हुए आरोपियों का साथ दिया और आरोपियों को मामूली धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार किया। श्री दीनानाथ तिवारी का परिवार फिलहाल सदमे में हैं। उनको अपनी जान माल की चिंता सता रही है। आपसे निवेदन है की मानवाधिकारों तथा लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की रक्षा हेतु श्री तिवारी को अविलम्ब पुलिस की सुरक्षा दी जाए तथा उनके परिवार को दस लाख की क्षतिपूर्ति दी जाए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों, अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए । कृपया इस पत्र को ही याचिका स्वीकृत करें । ज्ञात हो की महाराष्ट्र में परप्रांतीयों के विरुद्ध चल रही मनसे (महाराष्ट्र नव निर्माण सेना )की मुहीम से पूरा देश परिचित है । अब परप्रांतीय पत्रकार भी उसके निशाने पर हैं। देश की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए विघटनकारी ताकतों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। धन्यवाद
आपका-
मुकेश कुमार मासूम

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