Sunday, August 22, 2010

lav guru bhag-16

लवगुरु , भाग-१६ , और अगर शोर्ट टाइम का मजा लेना हो तो सिर्फ पांच हजार में ही काम बन जाएगा .ये फीस मेरी अपनी नहीं है. हम तो हुक्म के गुलाम
हैं, हमें जों बताया जाता है , हम् वही करते हैं. वैसे भी आज मेरा यह पहला दिन है. इससे पहले मैंने ऐसा माहोल कभी देखा नहीं है . अगर आप सहयोग करेंगे
तो मुझे भी औरों की तरह यहाँ पर जॉब मिल जायेंगी. मुझे भी अपने परिवार के भरण-पोषण का सहारा मिल जाएगा . वैसे आप चाहें तो आपको इससे कम या
ज्यादा रेट पर मुझसे भी ज्यादा खूबसूरत लड़कियां मिल जायेंगी. मगर मुझे आपने नापसंद किया तो मेरी तनख्वाह घटाने का उन लोगों को पूरा बहाना मिल जाएगा
मुंशीजी- कौन हैं वे लोग ? क्या तुम यहाँ पेमेंट पर काम करती हो ? कितना मिलेगा महीने का ?
डोली- रहना -खाना और महीने के दस हजार मिलेंगे, यानि कि मैं पूरे दस के दस हर महीने अपने घर भेज सकती हूँ ,लेकिन यह सब आप जैसे लोगों पर भी निर्भर
है , क्या करें , पढ़-लिखकर भी कहीं नौकरी नहीं मिलती. कहीं मेहनत -मजदूरी करने जाओ तो वे पहले इज्जत ही लूटना चाहते हैं. अब अगर इज्जत ही लुटवा नी
है तो उसकी कीमत भी क्यों न वसूली जाए. ये लोग कौन हैं, कहाँ रहते हैं , कुछ पता नहीं . वे अपनी पहचान छिपाकर रखते हैं . मैं नहीं जानती उनके बारे में .
मुंशीजी- अगर ऐसी बात है तो तुम यहाँ पर आयीं कैसे ?
डोली- मैंने अखबार में मोडलिंग का एक विज्ञापन पढ़ा था , उसमे ईमेल एड्रेस दिया गया था. मैंने उस पर अपना बायोडाटा भेज दिया तो किसी ने मुझे फोन कर कहा -
- अपने मोडल बनने के लिए जों विज्ञापन दिया था , मैं वहीं से बात कर रहा हूँ , क्या तुम सचमुच मोडल बनना चाहती हो ?
डोली- जी, मैं खूब मेहनत करूंगी . बस एक बार चांस मिल जाए . फिर आपको कभी शिकायत का मौक़ा नहीं दूंगी , आप जैसा बोलोगे करूंगी .
- पक्का ? वैसा ही करोगी ?
डोली- हाँ, कसम से. क्या मुझे चुन लिया गया है ?
-हाँ , मगर उससे पहले आपको स्क्रीनिंग टेस्ट से होकर गुजरना पडेगा. अगर तुम पास हो गईं तो निश्चित ही तुम्हें काम दिया जाएगा.
डोली- मुझे करना क्या होगा ? और उसके बदले क्या मिलेगा ?
-गुड. सही सवाल किया है तुमने , इससे पहले मेरे एक सवाल का जवाब दो , तुम मोडल क्यों बनना चाहती हो ?
डोली- पैसे के लिए मुझे रुपयों की सख्त जरूरत है .
- ठीक है . अब मैं तुम्हारे सवाल का जवाब देता हूँ,. तुमने पूछा कि तुम्हें करना क्या होगा ? कुछ खास नहीं. बस रात भर मजे लूटने होंगे . हर रात तुम्हारा एक नया दुल्हा
तुमसे सुहागरात मनाने आया करेगा. तुम्हें उसको संतुष्ट करना है . अगर इस तरह तुम उसे खुश करती रहीं, तो खाना खर्चा काटकर हर महीने तुम्हें दस हजार मिल जायेंगे , यहसौदा पूरी तरह
तुम्हारी इच्छा पर निर्भर है . अगर मेरा प्रस्ताव पसंद हो तो मुझे इसी नुम्बर पर ठीक एक घंटे बाद फोन कर लेना.
मुंशीजी- ओह , फिर क्या हुआ ? तुमने उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया ?
डोली- हाँ , मैंने बहुत सोच विचार किया. गाँव के लड़के रोजाना मुझ पर फब्तियां कसते रहते थे , मुझे अकेले में पकड़ने के चांस ढूंढते रहते थे. मैं जान गयी कि गरीब कि लुगाई सबकी
भाभी होती है. मैं जिस माहौल में थी, वहाँ भी मेरी इज्जत तार-तार होनी ही थी सो मैंने फोन करने वालेको हाँ कहदी. कोई व्यक्ति मेरे पिता से मिला था , उसने एक साल का एडवांस मेरे
घरवालों को दे दिया है. अब हम एक कमरे में कई लड़कियां साथ -साथ रहती हैं,. आज मुझे आपके साथ भेजा गया है. मुझे कहा गया है कि आपको खुश करने में कोई कसार नहीं छोडूं
मुंशीजी- ओह. तुम्हें जानकार हैरत होगी कि मैंने भी आज तक किसी लड़की के साथ रात नहीं बिताई है , मैं नहीं जानता कि सेक्स का सुख क्या होता है. इस तरह हम दोनों ही अनाडी
हैं. यहाँ के वेटर ने मुझे बहुत कन्वेंस किया , और जब वह मुझे तुम्हारे पास लेकर आया तो तुम्हें देखते ही मेरा ईमान डोल गया, तुम बुत सुन्दर हो . मेरी इच्छा जाग्रत होने लगी ....
डोली- क्या ? बोलो न . थम क्यों गए ?
मुंशीजी- तुम्हारे यौवन का रस पीने की इच्छा . मैं तुम्हारे इन उभारों से खेलना चाहताहूँ.
डोली- आज की रात तुम मेरे पति हो, प्रेमी हो, मेरा जीवाण हो , मेरे सब कुछ हो. मेरे अंग-अंग पर आपका अधिकार है , चाहे जों करो , मुझे इनकार नहीं .

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