लवगुरु- गुड. यह तो पहला नुस्खा हुआ. इसके बाद तुम्हें हमेषा अपने होठों पर मुस्कान लटकानी होगी. खुशी हो या गम , बस मुस्कराने की प्रेक्टिस करते रहो. जिससे सामने वाला अगर गुस्से में भी हो तो उसे हंसी आ जाए. और ये कहावत तो तुमने सूनी ही होगी , कि जों हंसी, वो फंसी. जब तुम्हारे दिल की रानी तुम्हारी दूकान पर आये तो पहले आहिस्ता-आहिस्ता उसके साथ नजदीकियां बढाओ. जब वह तुम पर थोडा- थोडा भरोसा करने लगती है तो उसके साथ अपने दुःख-सुख शेयर करने शुरू करो . तुम उसकी पसंद पूछ सकते हो, अपनी पसंद उन्हें बता सकते हो.
मुंशीजी- लड़की पटाने के तरीके भी बड़े मुश्किल होते हैं. मैंने तो सोचा था कि ...
लवगरु- कि कोई लड्डू होगा , जिसे लेजाकर फटाक से खा लोगे और जिसे तुम चाहते हो वह जादुई तरीके से तुम्हारी बांहों में आ जायेगी. तुम उसे अपना बना लोगे और आसानी से उसकी जवानी का रस चूस लोगे ?
मुंशीजी- हाँ, करेक्ट. ऐसा ही कुछ था मन में . मगर यहाँ आकार तो सारी बातें ही पलट गईं, मगर आप हैं बड़े दिलचस्प . हर बात को मजेदार बना देते हैं. अगर मैं छबीली को साथ लाया होता तो मुझे छोड़कर अब तक वह आपसे प्रेम करने लगती. सच कहता हूँ. इतनी मिठास घुली है आपकी बातों में.
लवगुरु-अब मक्खन लगाना बंद करो, और लड़की पटाने के नुस्खे पर गौर करो, मैं बता रहा था कि उसे कोई जोक सुनाओ, उसकी पसंद की कोई खाने की चीज उसे गिफ्ट करो, इसके अलावा उसके घर की तकलीफों पर भी गौर करो. अगर घर में उसका कोई छोटा भाई या बहन है तो उसे गोद में उठाकर उससे प्यार कर लिया करो . उसकी तारीफ़ में जमीन आसमां एक कीजिये. फिर उसे अपनी चाहने वाली के साथ जोड़ दीजिए कि वह तो उससे भी बेहतर है , इससे आप आराम से साइड से उसकी प्रशंसा कर सकते हैं. उसके यौवन के उभारों की , उसके होठों की , उसके फिगर की, उसके बालों की किसी फ़िल्मी हेरोइन से तुलना करिये फिर हीरोइन का पल्ला नीचा कर डालिए . कहिये कि वह उससे भी ज्यादा हसीन है, उससे कहिये कि अगर वह फ़िल्मी दुनिया में कदम रखती है तो धमाका हो जाएगा, सब हीरो उससे जलन करने लेंगे. उसे बताइये कि सफलता की हर सीढी पर उसका अधिकार है और समय आने पर वह उसे हासिल करके रहेगी . कभी-कभी उसे अपने ऐसे किसी सपने के बारे में बता सकते हैं , जों आपने कभी देखा ही नहीं हो . मगर थोडा सा झूठ बोलकर आप उसे यह दिखाने में कामयाब हो जायेंगे कि सिर्फ असलियत में ही नहीं बल्कि रातों में भी आप उसके बारे में सोचते हैं. उसे लगेगा कि आप उसमे दिलचस्पी ले रहे हैं. इससे वह भी आपके बारे में सोचना शुरू कर देगी.
लवगुरु इतने जादुई अंदाज में यह सब बयान कर रहा था कि मुंशीजी तो सपने में खो गए. उन्हें लगा कि सचमुच छबीली उनकी बांहों में आ गई है. वे उसके नरम नाजुक और रसीले होठों का रसपान कर रहे हैं. इनका खास अंग भयंकर काले नाग की तरह फुंकार रहा है . वासना की खतरनाक बयार बह रही है। मुंशीजी अपने आपको रोक नहीं पा रहे हैं। छबीली ने अपनी आँखें मूँद ली हैं। शायद ज्यादा कामुकता की वजह से ऐसा हो रहा है । मुंशीजी उसके सीने की पर्वत चोरियों को मसल रहे हैं। वह आह -आह बोलकर अपनी दशा का इजहार कर रही है।
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