Saturday, August 28, 2010

लवगुरु, भाग-२२
और अब वह उनको इतना काम सुख देने का मन बना चुकी थी , जिससे वे उस पर लाखों रुपये आसानी से उड़ा सकें। इसलिए वह उनको खास ट्रीटमेंट देना चाहती थी। तभी तो वह लवगुरु द्वारा सिखाई गयी हर बात को ठीक तरह से याद कर रही थी। उसे बताया गया था कि जब पार्टनर के साथ बेड पर रहो और सामने ज्यादा उम्र का व्यक्ति हो तो उसे पटाने के लिए हुए उसके कानों को हौले से कुतरते हुए एक आग पैदा करने की कोशिश करिये । ध्यान रखें की हल्के से दांत गड़ाएं साथ ही कान के चारों ओर ओंठों से दबाते हुए चूसे तथा बीच में फूंक मारकर एक अलग सा अहसास पैदा करें। लेकिन इस दौरान जीभ से धक्का तब तक न दें जब तक कि आप यह निश्चित न कर लें कि यह उसे पसंद है
हर पुरुष चूमना पसंद करता है. अपनी जीभ उसके निचले ओंठ पर फिराएं. इसके साथ ही उसपर चूमना शुऱू करते हुए उसके ओंठों को अपने ओंठों मे भरने का प्रयास करें इस दौरान उससे चिपकते हुए उसके नितम्बों को ग्रिप में लें, इसके साथ ही अपने नाभि क्षेत्र को उससे रगड़ते भी जाएं जो उसे एक सुखद अहसास दिलाएगा.
प्यार भरी चुभन को लेकर अपना सीमा क्षेत्र न बनाएं और वहीं के होकर न रह जाएं। अपने ओंठ और जीभ उसकी गर्दन पर फिराते हुए उसे बहकाएं, लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता । और फिर उसे कंधों पर दबाव देते हुए सहलाएं इससे उससे आराम की अनुभूति होगी. फिर अपने बालों से उसके कंधों पर ब्रश करें जो उसमें सनसनी भरेगा फिर
उंगलियां भी उत्तेजना का एक महत्वपूर्ण अंग बन सकती हैं. उसकी उंगलियों को ठीक उसी तरह चूसे जैसे मुख मैथुन कर रहीं हों. इस दौरान उसकी आंखों में देखते हुए उसे यह अहसास कराएं कि आप ऐसी महिला है जो उस चीज को चूसने पर वास्तव में आनंद का अनुभव करती है.
पुरूषों का सीना महिलाओं की गोलाइयों की तरह संवेदनशील नहीं है लेकिन उससे कम भी नहीं है. कई पुरुष यहाँ पर चुटकी काटना और खींचना पसंद करते है. इसलिये यहां दबाव देकर देखें उसे क्या पसंद है साथ ही उसके सीने में रुकने को नजरअंदाज न करें. यहां निश्चित समय देना जरूरी है. इस दौरान उसके सीने में अंगुलियां फिरा कर उसमें उत्तेजना भरने का प्रयास करें यदि सीने में बाल हैं तो उनमें उंगलियों की सहायता कंघी करने का उपक्रम करें इससे उसमें उत्तेजना का संचार होगा.
कुछ पुरुष यहां मसाज करना पसंद नहीं करते हैं लेकिन कई लोग इसे उत्तेजक मानते हैं. यहां अपने हाथ फिराएं, थपथपाएं तथा गूंथने का उपक्रम करें . इस दौरान चिकने द्रव्य या टेलकम पावडर का भी प्रयोग करके इस खेल को और रोमांचक व सनसनी युक्त बना सकते हैं. इस दौरान उसके कूल्हों पर उंगलियों से गड्ढे बनाना काफी उत्तेजक होता है.
कूल्हों पर केन्द्रित होकर समय का दबाव यहां खर्च कर सकते हैं. ज्यादातर पुरुष यहां हाथों से टटोलना पसंद करते हैं तथा यहां मसाज के साथ ग्रिप में लेकर दबाव देना भी उनमें उत्तेजना भरता है. इस समय उनके कूल्हों को उंगलियों में दबाते हुए खींचना अच्छा लगता है तो कुछ को हाथ फिराते हुए नाखूनों का हल्का दबाव भी उत्तेजित करता है.
पुरुष का विशेष अंग सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग होता है. इसका अग्र सिरा तो सबसे ज्यादा उत्तेजक होता है. अपनी हथेलियों को इसपर फिराते हुए उसे उत्तेजित कर सकती हैं या फिर आपको और उसे पसंद हो तो चूस कर भी उत्तेजित किया जा सकता है. कुल मिला कर यही उत्तेजना का पूरा सामान है इसे आप अपनी और उसकी पसंद के हिसाब से जैसा चाहे वैसा करते हुए सनसनाहट का ज्वार पैदा कर सकती हैं. इसका हर हिस्सा उत्तेजना की नसों से भरा होता है जो छूने मात्र से कामोद्दीप हो जाता है.
अब डोली ने वही सब करने का प्रोग्राम बना लिया। वह मुंशीजी के प्रत्येक अंग को चूम रही थी, सहला रही थी । साथ ही उन बातों को याद करती जा रही थी जों लवगुरु ने उसे खास रूप से बताई थीं।
डोली ने वैश्या व्यवसाय को ऊंचाई देने के लिए कोई कसार नहीं छोड़ी थी. वह इस बदनाम व्यापार को भी कोरोपरेट का टच देने की कोशिश कर रही थी . वह चाहती थी कि रोजाना नए -नए प्रयोग करे, अपने ग्राहकों को खास मजा दे और उसका यह धंधा हमेशा फलता-फूलता रहे. उसने हर उम्र के पुरुषों को आनंद देने के तरीके ईजाद कर रखे थे .
उसे काफी देर तक खामोश देखकर मुंशीजी बोले-
-कहाँ खो गयी मेरी जान ? क्या तुम मेरे साथ खुशी का अनुभव नहीं कर रहीं ?
डोली- ये आप क्या कह रहे हैं ? मैं सोच रही थी कि आप तो इतने प्यारे मिल गए , मेरे पहले ग्राहक हैं . मगर अब आगे क्या होगा ? न जाने कैसे -कैसे ग्राहकों को संतुष्ट करना होगा ?

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