कहा जाता है कि प्रेम का आनंद प्राप्त करने में नहीं बल्कि प्रदान करने में आता है. इसलिए चुम्बन करते समय भी ध्यान रखें कि आपके साथ को क्या पसंद है और क्या नहीं. मात्र अपनी खुशी के लिए जबरदस्ती ना करें. इससे संबंधों में तनाव आ सकता है.चुम्बन करते समय अपनी भावनाओं पर काबू रखना बहुत आवश्यक होता है. पुरूष नैसर्गिक रूप से सेक्स के प्रति अधिक उत्तेजना महसूस करते हैं जबकि महिलाओं को इसके लिए तैयार होने में समय लगता है. चुम्बन लेते समय भी अधिक आक्रमक होने से बचना चाहिए. चुम्बन की शुरूआत मात्र होठों को आपस में मिलाने से होनी चाहिए. इसके बाद युगल अपने मूँह को ह्ल्का से खोल सकते हैं. इसके बाद बाकी सबकुछ आपके और आपके साथी के ऊपर निर्भर है. जरूरत है आपसी प्रेम की.कई लोगों को शिकायत होती है कि उनकी पत्नी या गर्लफ्रेंड को चुम्बन लेना ही नहीं आता. यहाँ यह बात महत्वपूर्ण होती है कि हर इंसान की भावनाएँ अलग होती है और ईच्छाएँ भी. इसलिए हर व्यक्ति हर समय हर किसी परिस्थिति के लिए तैयार नहीं हो पाता है. चुम्बन की कला के साथ भी ऐसा ही है. परंतु अपने साथी से सीखा जरूर जा सकता है. चुम्बन लेते समय देखें कि आपका साथी क्या कर रहा है. उसकी नकल कर भी आप उसे संतुष्ट कर सकती हैं.
चुम्बन लेते समय अति उत्साहित होकर अपने साथी को चोट पहुँचाने से बचें. चुम्बन लेते समय अपने साथी के बाल नोच लेने या कमर को दबोच लेने से बचना चाहिए. कहीं से भी यह नहीं लगना चाहिए कि आप अपने साथी पर हावी हो रहे हैं.
यह एक वैज्ञानिक मान्यता है कि जब हम भावनात्मक आनंद प्राप्त करते हैं तो हमारी आँखें बंद हो जाती है. चुम्बन के समय भी ऐसा ही होता है. परंतु कुछ लोग चुम्बन के समयअपनी आँखो को खुली रख अपने साथी को देखना पसंद करते हैं. थोडी देर के लिए यह ठीक है परंतु देर तक ऐसा करने से आपके साथी को असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए बेहतर यह है कि आप अपनी आँखों को बंद कर दें और मन की आंखों को खोल लें.
यदि ऐसा स्वाभाविक रूप से होता है और यदि आप दोनों इसके लिए तैयार हैं तो अलग बात है, अन्यथा चुम्बन के समय सेक्स को अपने दिमाग से दूर रखें. चुम्बन के समय अपने साथी को यह अहसास ना कराएँ कि आपकी असली मंशा कुछ और ही है. अपने हाथों को अपने साथी के चेहरे और कमर तक सीमित रखें. कई बार तब रिश्तों में तनाव आने लगता है जब महिला को यह लगने लगता है कि उसका प्रेमी उससे मात्र इसलिए प्रेम करता है क्योंकि उसे सेक्स चाहिए. वैसे भी कहा गया है कि प्रेम के लिए सेक्स कीजिए, सेक्स के लिए प्रेम .
और अब आकर शुजात को इस बात का ध्यान आया था कि उसे चुमबन लेने के लिए किस तरह से सफाई का ध्यान देना है .
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