Sunday, August 29, 2010

लवगुरु, भाग-23 ,

मुंशीजी - तुम उस सबकी टेंशन मत लों. मेरे रहते हुए तुम्हारे जिस्म को कोई हाथ भी नहीं लगा सकता. अच्छा एक बात बताओ , यह तो तय हो गया कि तुमने अब तक किसी मर्द के साथ जिस्मानी सम्बन्ध नहीं बनाए , मगर अपनी सहेलियों या [पड़ोसन को देखकर कभी मन में इच्छाएं जाग्रत नहीं हुईं ? क्या कभी नहीं लगा कि तुम भी उस तरह का आनंद लूटो . और क्या कभी मन में उत्तेजना नहीं आई ? क्या कभी कामोत्तेजित अवस्था में हस्तमैथुन का सहारा नहीं लिया ?
डोली-मैं झूठ नहीं बोल सकती. एक बार नहीं कई बार हस्तमैथुन का सहारा लिया है . कई बार सुख लिया है . मुझे एक खास महिला ने इसकी शिक्षा दी थी. उसीने कहा था कि मर्दों के सामने तन समर्पित करने से बेहतर है कि इस तरह से सुख प्राप्त कर लिया जाए उसने कहा था कि यदि आप हस्तमैथुन के लिये नई हैं तो अपना समय और स्थान सावधानी पूर्वक चयन करें और एक दृश्य निर्मित करें. इसके लिये बेहतर आइडिया है कि यह तब किया जाय जब आपके घर के सभी लोग बाहर हों . इससे आपमें एक आत्मबोध तो होगा ही साथ ही आपको किसी तरह का डर भी नहीं होगा. इसकी शुरुआत के लिये अपना फोन बंद कर दें, साथ ही यह सुनिश्चित कर लें की आपको किसी तरह की जल्दबाजी नहीं हो. यदि आप दबाव में हैं तो इस दौरान नहाना लाभदायक होगा. धीमा और शांत संगीत बजाएं और अपनी उधेड़बुन से दूर हों. अब आप सेक्सी सोचने और अनुभव करने में सक्षम हैं वह भी बिना रुकावट या बिना दोषी होने की अनुभूति के साथ और यह अनुभूति प्रतिदिन की हस्तमैथुन बिना सोच से बेहतर होगी. ज्यादातर महिलाएं इस वक्त हाथ में लिये जा सकने वाले आइने से अपने गुप्तांगों और जननागों को देखना पसंद करती हैं. यह महत्वपूर्ण भी है कि आप अपने शरीर के बारे में अच्छा और बेहतर ज्ञान रखें, अन्यथा सुना सुनाया फूहड़पन आपको दिमागी अंधेरे की ओर ले जाएगा.
इसलिये अब आइना देखना शुरू कीजिए . अब जब संतुष्ट हो जाएं और उत्तेजना का एहसास होने लगे तो शीशे को एक किनारे रख दो और अपने शरीर को छूना शुरू करें. सीना , पेट और जांघों को थपथपाते हुए सहलाएं और हर उस जगह अपना हाथ फेरे जहां आपको आनंद की अनुभूति मिलती है. आनंद की प्राप्ति में बाधक बन रही हर सोच व डर को बाहर निकाल दें. आप चाहें तो सहलाने के दौरान मसाज आयल का प्रयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही कोई अच्छे परफ्यूम का प्रयोग करें जब आप अपने खास अंग को उत्तेजित कर रहीं हों.
अपनी कल्पनाशीलता का प्रयोग करें. यह हस्तमैथुन के तरीकों की वह चाभी है जिसकी ओर लोग अक्सर ध्यान नहीं देते हैं. जबकि हमारे सेक्सुअल आनंद का ज्यादातर जिम्मेदार हमारा दिमाग ही होता है. किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचे जिसके साथ सेक्स करने की इच्छा रखती हों या अपने पार्टनर को कल्पनाओं में लाएं. अब उस तरीके के बारे में सोचे कि किस तरह से उसके साथ सेक्स करने की इच्छा है साथ ही उस जगह की कल्पना करें जहां सेक्स करना आपको सबसे आनंददायी लगता है. इस तरह आप अन्य कामुक दृश्यों की कल्पना कर उत्तेजना को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. जैसे-जैसे आपकी कल्पनाशीलता बढ़ती जाएगी आप तीव्र उत्तेजना का अनुभव करने लगेंगी.
अब जब सनसनी सी महसूस होने लगे तो बड़े ही सौम्य तरीके से अपने विशेष अंगों को छुएं. थपथपाते हुए सहलाएं, दबाएं और रगड़े वह भी तब तक की जब तक की आप को यह न पता चल जाए कि किस तरीके से ज्यादा आनंद की प्राप्ति होती है. अब अपनी उंगलियों को थूक से गीला करें या फिर कोई खास क्रीम लगाएं. अब सहलाने की क्रिया फोकस करें.
अपनी उंगलियां सीने पर फिराएं, सहलाने के दौरान दबाव और दिशा बदलने का प्रयास करें. कभी किनारे-किनारे तो कभी वृत्ताकार घुमाएं और देखें कि किसमें ज्यादा मजा आता है. अब जब आप तीव्र उत्तेजित हो जाते हैं तो आप देखेंगे कि एक टोपी पीछे खिंच गई है. अब आप खुले सिरे को सहलाकर ज्यादा आनंद की प्राप्ति कर सकतीं है. कई महिलाएं इस प्वाइंट को लेकर काफी संवेदनशील होती हैं.
यहां हम आपको यह बता देना चाहते हैं कि उत्तेजना के लिये कोई भी तरीका चुना जाए लेकिन जरूरी यह है कि उसे सतत् और दृढ़ लय के साथ बनाए रखे . कई बार जब कोई दूसरा महिला में उत्तेजना नहीं पा रहा होता है तब भी ज्यादातर महिलाएं अपने यौन अंगों को स्वयं उत्तेजित कर सकती हैं.
मुंशीजी- फिर तुमने इस शिक्षा को कब अमल में लाया ?
डोली- तुरंत . उसी शाम मुझे मौक़ा मिल गया था. घर में कोई मौजूद नहीं . मैंने मौक़ा देखकर काम करना शुरू कर दिया .

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