- तुम तो कमाल के हो विनीत, तुमने मेरे जिस्म को जो सुख दिया है उसे मैं कभी भुला नहीं सकती... तुमने जिस तरह से मालिस की है, मैं बेहद खुश हूँ, अब मैं तुम्हें कभी नहीं भुला पाउंगी... मैंने अगर तुम्हारा चुनाव किया है तो वो ग़लत नहीं है... वास्तब में मैंने
तुम्हें पाकर ख़ुद को पा लिया है... अलग -अलग देशों के अलग -अलग तरह के लोगों के साथ जिस्मानी खेल खेलना मेरा शौक है , अब तक मैं कई देशों के मर्दों से सम्बन्ध भी बना चुकी हूँ...मगर तुम जैसा गज़ब का मर्द पहली बार देख रही हूँ, कहते हैं की होशियार लोग लिफाफा देखकर ही मजमून भांप लेते हैं...मैं अनुमान लगा सकती हूँ की तुम क्या चीज हैं... बस एक बात गले नहीं उतरती...
विनीत- वो कौन सी बात है ? मुझसे बेहिचक शेयर करो... मैं बुरा नहीं मानूंगा... मुझे तुम परी जैसी लगती हो...
अना- ऐसा कौन सा पेड़ है जिसे हवा नहीं लगी हो, और तुम हो की किसी भी महिला के साथ सम्बन्ध होने से इनकार करते हो... ऐसा कैसे हो सकता है, अगर तुम इतनी अच्छी मालिस करते हो और पूर्व में भी ये काम करते रहे हो तो फ़िर सेक्स से अछूते कैसे रह सकते हो, भला वो कौन सी महिला होगी जो अपने नग्न बदन पर तुमसे मालिस भी करवाए और तुमसे आनंद भी नहीं उठाये ...
विनीत- बात सही है, मगर मैं एक ऐसी कंपनी में काम करता था जो विदेशी पर्यटकों की मालिस का कार्य करती थी... वहाँ पर हमको सख्त हिदायत दी जाती थी की किसी भी महिला के जिस्म को ग़लत निगाह से नहीं देखा जाना चाहिए... उस मसाज सेंटर के एक लड़के पर जापान की एक महिला ने शारीरिक छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करा दिया था... इससे उस मसाज पार्लर की बहुत बदनामी हुई थी... यही एक कारण था की वहाँ काम उन्हीं लड़को को दिया गया था जो चरित्रवान थे और जिन पर पूरा भरोसा था..। मैं भी एक भरोसेमंद लड़का माना जाता था...
अना- चलो , यह माना की तुम्हें सख्त हिदायतें होंगी लेकिन क्या कोई मालिस करवाने वाली लड़की तुम्हारे साथ सेक्स करने की इच्छा जाहिर नहीं करती होगी ?
विनीत- हाँ , ऐसी कई लडकियां होती थीं, जिन्हें मैं नम्रतापूर्वक इनकार कर दिया करती
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