कंडोम विभिन्न लंबाई, चौड़ाई तथा मोटाई में उपलब्ध है। लेकिन इसके बारे में दो बाते महत्वपूर्ण है। पहला, वह प्लास्टिक का बना हुआ है या जंतुओं के रेशों से। दूसरा, वह इस आकार में हो कि उसका प्रयोग करने में आसानी हो। कंडोम के पैकेट पर एक्सपाईरी डेट लिखा होता है। अगर यह एक्सपायर हो चुका है या सूखकर कड़ा हो चुका तो इसका प्रयोग न करें। इसको जांचने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि आप उसके एक भाग को हाथ में लेकर छुएं।कंडोम को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए इसे ठंडे और सूखे स्थान में रखना चाहिए। इसके पैकेट को एक ओर से खोलकर, सावधानी से निकालना चाहिए। इसे दांत या ब्लेड से नहीं काटना चाहिए। इससे कंडोम के क्षतिग्रस्त होने का खतरा होता है। तैलीय कंडोम का प्रयोग करना चाहिए। अगर कंडोम सुखा हुआ हो तो, पानी से बने तैलीय पदार्थ इस पर लगाना चाहिए। इससे कंडोम सुरक्षित रहता है। पेट्रोलियम पदार्थों से बने तैलीय पदार्थों या वेस्लीन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे कंडोम के बकार होने का डर होता है।कंडोम का प्रयोग किसी अन्य दवाई के साथ करना चाहिए , इससे कंडोम के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में भी अनचाहे गर्भ या यौन संबंधी रोगों से बचाव होता है। कुछ लोगों को किसी खास दवाई से एलर्जी होती है। इसलिए इन दवाईयों का प्रयोग परीक्षण करके ही करना चाहिए। कंडोम का प्रयोग यौन क्रिया आरंभ करने से पहले करना चाहिए। सेक्स से पहले इसे पुरुष के खास अंग पर अच्छी तरह लगाना चाहिए। यौन क्रिया के तुरंत बाद इसे निकाल कर फेंक देना चाहिए।मगर यार , ये बताओ कि ये सवाल आज तुम क्यों कर रही हो ? कम्मो- चलो रास्ते में बातें करेंगे , टाइम हो गया है. मैं बिलकुल तैयार हूँ. शिल्पा और कम्मो जल्दी से होटल के कमरे से निकल गयीं. आज कम्मो बहुत खुश थी. कहाँ तो वह बेचारी मुंबई भागकर आयी थी, उसको कोई रास्ता नजर ही नहीं आता था और कहाँ अब उसकी सारी खुशियाँ मिल गयीं. एक झटके में ऐसी महिला साथी मिल गयी जो उसको पुरुषों जैसा सुख देती थी, उसकी नौकरी दिलाने ले जा रही थी और उसको मुंबई में फ्लेट दिलाने का भी वादा कर चुकी थी. वह ऐसी दोस्त थी जिससे वह कुछ भी शेयर कर सकती थी. वो भी जिसे कोई पत्नी अपने पति से नहीं करना चाहती . रास्ते में उन दोनों ने खूब गप-शाप की, शिल्पा का ज्यादा दूर नहीं था. मुश्किल से पौना घंटे के सफर के बाद वे दोनों वहां पहुच गयीं. उसके ऑफिस का रंग -ढंग देखकर कम्मो चकित रह गयी. बहुत विशाल और सजा हुआ ऑफिस था. बेहद मंहगा कालीन था , जिस पर पैर रखकर वह शिल्पा के केबिन तक पहुची . उसका बोस दिखने में आकर्षक था और अपनी असली उम्र से काफी कम का दिखाई देता था. जब शिल्पा कम्मो को उसके पास लेकर गयी तो पहले तो उसने उसे बिलकुल नजरअंदाज ही कर दिया मगर थोड़ी देर के बाद जब बोस ने कम्मो को अकेले अपने ऑफिस में बुलाया तो कहने लगा- -गुड, तुम्हारा बायोडाटा तो काफी प्रभावशाली है, दिखने में भी सुन्दर हो मगर हार्ड वर्क जरूरी है, समर्पण जरूरी है , वो सब कर पाओगी क्या ? देर रात तक रुकना पड सकता है. काम के सिलसिले में बाहर भी जाना पडता है . कभी दुसरे राज्यों में तो कभी दुसरे देशों में . ये सब कर पाओगी ? कम्मो- हाँ सर , एक बार अगर चांस मिला तो निश्चित रूप से मैं खुद को सिद्ध कर दूंगी . मैं खूब मेहनत करूंगी . आपको शिकायत का कोई मौक़ा नहीं दूंगी . हर बात मानूंगी , हर बात . यह बात उसने इस अंदाज से कही कि बोस के मन में गुदगुदी सी होने लगी . वह समझ गया जो इशारा कम्मो चाहती थी. खेला खाया खिलाड़ी थी. उसकी कंपनी वार्ड लेबल की थी और इण्डिया का पूरा काम वही देखता था . वह काबिल और मेहनती के अलावा प्रतिभाशाली भी था मगर खूबसूरत लड़कियां उसकी कमजोरी थीं. सुन्दर लड़की देखते ही उसके मन में लड्डू फूटने लगते थे. |
Sunday, June 27, 2010
प्यार से प्यारा , यार हमारा भाग-४९
कम्मो- एक बात तो बताओ. कंडोम का प्रयोग कैसे किया जाता है ? वैसे तो कभी ऐसा होगा नहीं , मगर कभी ऐसा हो गया कि कंडोम लगाना पड़े तो इसके बारे में कुछ जानकारी है ? अगर है तो बताओ . सब कुछ जानना चाहती हूँ.
शिल्पा-
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