Friday, June 11, 2010

प्यार से प्यारा , यार हमारा भाग-३४

- नहीं , नहीं बिलकुल झिझक नहीं. जब तुमने मुझसे अपनी सारी बातें शेयर की हैं तो मै भी बताउंगी तुम्हें . सब कुछ बताउंगी . मैंने किस-किसके साथ और कब-कब सेक्स किया वो सब बताउंगी . पहले सेक्स के बारे में चर्चा करते हैं. मेरा नाम शुभा है . मैंने कही पढ़ा था कि

शरीर के कौन से अंग ऊर्जा के केन्द्र वाले है,इसकी खोज करना आसान है। यदि आप पति हैं तो पत्नी को घ्यान से देखें, जो अंग आंखो को अच्छे लगें और मन को सुकून दें तथा भडकाएं भी, वहां हाथ फेरना शुरू कर दें। इससे आपकी पत्नी कामोत्तेजित हो उठेगी और वह खुद सेक्स के लिए पहल करना भी आरंभ कर देगी। अंगो की पहचान पति-पत्नी दोनों को ही होनी चाहिए।
सेक्स को तरीके से और सलीके से किया जाए तो संतुष्टि मिलती है और प्यार की भूख संतुष्टि मिलने के बाद ही खत्म होती है। सेक्स संबंघ बनाते हुए भी कई दंपत्ति अतृप्त ही होते हैं क्योंकि उन्हे सेक्स को करना नहीं आता है। अघिकतर दंपत्ति तो सेक्स में देर तक न टिके रहने की समस्या से ग्रस्त रहते हैं। जब पति के साथ यह समस्या होती है तो पत्नी को सेक्स में कोई आनंद नहीं मिल पाता है। बार-बार इस क्रिया में भाग लेने के बाद भी वह आनंद से वंचित ही रहती है। सेक्स में पत्नी को भी आनंद जरूर मिलना चाहिए। सेक्स पत्नी के लिए भी होता है। पति को हर हाल में इस हकीकत का ज्ञान होना चाहिए। सेक्स में सर्वाघिक आनंद को महसूस करने की क्षमता कुदरत ने उसे ही दी है। पति को आनंद की अनुभूति तभी हो पाती है जब पत्नी को आनंद मिलता है। अघिकांश पति इस मर्म को नहीं समझते हैं और सेक्स सिर्फ स्वय के आनंद के लिए करते हैं। पति जब खुद के लिए यौन-संबंघ बनाता है या ऎसी मानसिकता रखता है तब सेक्स दुखदायक को जाता है। सेक्स में पत्नी के आनंद का भी मूल्य है,संबंघ बनाते समय बस पति को इतना ही घ्यान रखना है,फिर कोई शक नहीं कि उसे भी आनंद मिलेगा और पत्नी को तो मिलेगा ही।

शिल्पा- वोव . क्या बात है यार ? और क्या नाम है ? बहुत सुन्दर . दिल को भला लगने वाला . बातें भी काम की हैं . इनको हम भी तो इस्तेमाल कर सकते हैं. ये तो ऐसे टिप्स हैं कि पति-पत्नी के अलावा हम दोनों भी अगर इसको फोलो करें तो मजा आ सकता है. सचमुच काम की बातें हैं.

शुभा- तो फिर कल की बात पक्की करते हैं. कल हम यही टिप्स आजमाएंगे .

शिल्पा- अगली मुलाक़ात की फ़िक्र न करो पूरी तैयारी के साथ आयेंगे . मेरे पास सीडी रहेंगी , बस आपके पास कंप्यूटर या फिर टीवी, वीसीडी साईट होना चाहिए . इसके बाद देखो हम दोनों मिलकर क्या धमाल करते हैं. मन के सारे अरमान निकालेंगे , ऐसा धमाल मचायंगे कि आप भी खुश और हम भी खुश . लेकिन कल मिल पाएंगी या नहीं , ये कहना मुश्किल है. फोन पर एक बार बात कर लेंगे .जानती हो यदि सेक्स से पूर्व आप तन और मन दोनो से पूर्णत: समर्पित हैं तो आप को चरमसुख की प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता। एक संतुष्ट सेक्स दोनो पार्टनर के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। एक संतुष्ट सेक्स ताजगी भरा एहसास, आत्मिक संतुष्टि एंव ऊर्जा प्रदान करता है, जो आपके सौंदर्य को कई गुना बढ़ा देता है।

सेक्स से पूर्व फोरप्ले एवं कल्पनाशीलता सेक्स को और भी उत्तेजक बनाता है। सेक्स में स्पर्श तथा नएनए आसन पति-पत्नी में प्यार व निकटता को बढ़ाते हैं। एक संतुष्ट सेक्स संबंधो को मधुर बनाता है और तन एवं मन को खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है।
सेक्स को सफल बनाने के लिए संसर्ग के दौरान अपने साथी के मुँह, होंठो गर्दन इत्यादि शारीरिक अंगो की तारीफ करनी चाहिए। और हमारे लिए तो फॉर प्ले और सेक्स एक ही बात है . इसलिए हमको प्राथमिक चीज पर ही ज्यादा जोर देना होगा












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