कम्मो- हाँ , और बहुत अच्छी तरह से समझ गयी हूँ, मुझे भरोसा है तुम पर . पूरा भरोसा. फिर भी कहे देती हूँ कि अगर कोई मुझसे भी सुन्दर लड़की मिल जाए तो उसे मत दिल दे देना. उसे मत अपनी बना लेना .
शिल्पा - ओह नो यार , कितनी आयी हैं, कितनी जायंगी . सब दुनिया चलती रहेगी मगर मै तुम्हें छोड़ने वाली नहीं हूँ. बल्कि तुम्हारा कैरियर बनाने और घर बनाने की दिशा में सोच रही हूँ. सब कुछ ठीक ठाक रहा तो तुम ६ से ७ माह में अपने खुद के फ्लेट की मालकिन बन जाओगी . किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी . जितना खर्चा होटल में रहने खाने पर आता है , उतने में तो ई एम् आई भर जाया करेगी . प्यार का मतलब यह कटाई नहीं है कि प्यार के चक्कर में हम सब कुछ भूल जाएँ, बल्कि प्यार का अर्थ मेरी नजर में यह होता है कि रात को तो हम सुकून से प्रणय क्रीडा कर सकें और फिर दिन में हम अपनी तरक्की की बात कर सकें. चौबीसों घंटे इश्क का भूत सवार रहेगा तो जीवन की गाड़ी आगे कैसे बढ़ेगी ?
कम्मो- बहुत सही नजरिया है तुम्हारा. मैंने तुम्हें दोस्त चुनकर जीवन में बहुत बुद्धिमानी का काम किया है. निश्चित रूप से हमारा यह प्यार एक दिन जरूर गुल खिलायेगा , हम लोग जरूर प्यार के रिश्ते से कुछ सार्थक तत्व निकालेंगे .
शिल्पा- हां , बिलकुल सही बात है . मेरी कोशिश यही रहती है कि प्यार में कुछ ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे मनोरोग की झलक मितली हो, यानि अप्राकृतिक होते हुए भी अपने दिल को गलत नहीं लगना चाहिए , यह सब तन औत मन की शुद्धि के लिए होना चाहिए. जैसा प्यार हम दोनों करते हैं , इतना तक तो ठीक है मगर इससे आगे बढ़ना, इससे आगे गिर जाना ठीक नहीं . तुम्हारा क्या मानना है ?
कम्मो- हाँ , इतना तक कोई दिक्कत नहीं है. हम दोनों के शरीर धुले हुए हिते हैं, अहम लोग अपने प्रत्येक अंग को सही तरीके से धुलते हैं. तब जाकर प्रेम करते हैं. तो इस तरह बींमार नहीं होते , हाँ जब महीने के कुछ खास दिन आते हैं, उस समय पर हमको यह खेल नहीं खेलना चाहिए. तब के लिए यह निषेध है .
शिल्पा- तब तो हमें वैसे भी अच्छा नहीं लगेगा. मन भी कहाँ करता है .
कम्मो- कल का क्या प्रोग्राम है ? कुछ खास करने वाली हो ?
शिल्पा- हाँ, कल कुछ ऐसी लड़कियों से मिलाने वाली हूँ जो हमारे इस संगठन की सदस्य हैं और आराम से आपस में ही प्यार करके सुख -संतुष्टि लूट रही हैं.
कम्मो - तो उनके साथ ग्रुप सेक्स की चर्चा कर रही थी न ?
शिल्पा- अरे हाँ बाबा, टेंशन क्यों लेती हो . सब हो जाएगा , मगर उससे पहले तुम्हें मेरे ऑफिस चलना होगा , वहां पर हम दोनों मिलकर अपने बोस से तुम्हारी जॉब की बात करेंगे , मगर बोस से ज़रा बचकर रहना है . दिलफेंक टाइप का इंसान है, फंसाने की बात करेगा . सिर्फ फायदा उठाना , बाकी भाव मत देना . मर्दों के बारे यह भी एक सीक्रेट है कि उन्हें जितना लिफ्ट दोगी , ये तुम पर उतना ही कम ध्यान देंगे , और इनको जितना भी नजरअंदाज करोगी ये उतना ही तुम्हारे पीछे -पीछे भागेंगे . उस स्थिति में ये लोग अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लेते हैं. सोचते हैं कि अब तो इसे खाकर ही दम लूंगा . इनको अगर मूर्ख बनाना है , इनसे अपना काम निकलवाना है तो बस इन्हें इग्नोर करो. बाद में धमाका कर दो कि तुम किसी दूसरे को चाहती हो . यह तो बिउल्कुल लास्ट की बात है . उस स्टेज पर जब कोई चारा ही न रहे , जब कोई रास्ता ही न बचे.
कम्मो- अच्छा , जी . सब कुछ जानकारी है . समझ गयी . तो तुम्हारा बोस रसिया टाइप का है ?
शिल्पा- हाँ , चाहो तो मंहगे -मंहगे होटलों में खाना खिलवा सकता है. डिस्को में लेकर जा सकता है, प्रमोशन भो कर सकता, सब कुछ कर सकता है बशर्ते कि तुम उसको खुश कर सको.
कम्मो- तो क्या तुम्हारे सामने उसने डिमांड नहीं राखी थी ?
शिल्पा- क्यों नहीं रखता ,और क्या बता रही हूँ तुम्हें , वही सब तो कह रही हूँ और यह भी बता रही हूँ कि मैंने उससे छुटकारा पाने के लिए क्या रास्ता अपनाया था.
कम्मो- ठीक है , अब मै सब कुछ जान गयी हूँ, कल सब कुछ संभाल लूंगी मेरी जान.
Thursday, June 3, 2010
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