Wednesday, March 31, 2010

भाग-४९

अजय बुरी तरह से उलझ चूका था. उसको याद आती थीं वे बातें जो कभी अहमद ने उससे कही थीं, भले ही वह छोटा था मगर था गज़ब का जानकार. मानव स्वभाव के विषय में उसको सम्पूर्ण जानकारी थी. उसी ने कहा था की रिश्तों को बनाने में सालों लगते है और टूटने में एक पल भी नहीं लगता। कई बार हम अपनी दिनचर्या में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने आस-पास हो रहे परिवर्तनों पर ध्यान नहीं दे पाते। रिश्ते कटु हों और समाप्ति की ओर बढें इसके पहले ही हमें कुछ संकेत मिलने लगते हैं। यह अलग बात है कि हम लापरवाही के चलते इन पर ध्यान नहीं दे पाते। यदि आप अपने रिश्तों को टूटने से बचाना चाहते हैं तो उन संकेतों को समझने की कोशिश करें, जिनसे दूरियां बढ़ने का पता चलता है।
अचानक कुछ नहीं होता, चीजें धीरे-धीरे बदलती हैं। अपने साथी के शारिरिक संकेतों को समझने की कोशिश करिए। क्या आपका साथी पहले की तरह आप पर ध्यान नहीं दे रहा और आपकी बातों में रूचि नहीं ले रहे हैं? आपके करीब आने पर आपका साथी असहज महसूस करती है। अतिनिकटता के क्षणों को अनदेखा कर रही। बच्चों के मसले के अलावा और कोई विषय बातचीत का नहीं रह गया है। आप व्यक्त करना चाहें या नहीं लेकिन आपके शारिरिक संकेत बहुत कुछ कह देतें हैं।
लगाव की कमी भी रिश्तों में दूरियों के बढ़ने के संकेत है। अगर पहले जैसे प्यार की गरमाहट अब कहीं ढूंढने से भी नजर नहीं आ रही तो समझिए कि यह खतरे का संकेत है। यह ठीक है विवाह के शुरूआती दिनों के बाद रोमांस का खुमार धीरे-धीरे कम होता चला जाता है। लेकिन ऎसा भी नहीं होता कि प्रेम बिलकुल नजर ही न आएं।
व्यवहार में बदलाव आपके बीच दूरियां बढ़ने का तीसरा संकेत है। क्या आपके साथी का अब आपकी बातों पर ध्यान नहीं जाता। गंभीर बातों को सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। आपकी बातों का जवाब झुंझुलाकर देतें हैं। बेवजह गुस्सा करना इत्यादि। यदि ये सारे लक्षण उनके व्यवहार में नजर आ रहे हैं तो आप समझ लें कि ये खतरे की घंटी है।
यदि आपका साथी आपके साथ अंतरंग पल नहीं बिताना चाहती तो समझे कि दूरियां बढ़ रही हैं। बेहद कठिनाई से बाहर जाने के बने कार्यक्रम में देखते हैं कि वहां केवल आप दोनों ही नहीं, कुछ और भी परिचित हैं जिनके बारे में आपको पता भी नहीं था। आपके साथी का उपेक्षापूर्ण व्यवहार दूसरों को यह जता रहा है कि आपके संबंधो में क़डवाहट आ रही है। यह स्थिति कष्टपूर्ण है। ऎसी स्थिति आपके रिश्ते के लिए खतरे की घंटी है।
यदि आपको ऎसा महसूस हो रहा है कि आपका साथी दिन-प्रतिदिन कुछ बदल रहा है। यदि आपका साथी अपने व्यक्तित्व को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो रही है। यदि नित नए और फैशनेबल परिधानों की ओर उनका ध्यान जा रहा है। अचानक आए इन बदलावों से जान ले कि आपके साथी के जीवन में कुछ नया और रोमांचक चल रहा है। हो सकता है कि आपकी जगह कोई और लेने की कोशिश कर रहा।
उन्होनें कितने अवसर टाले यह कहकर कि उनके पास समय नहीं हैं।यदि ये लक्षण आपको नजर आ रहे हैं तो सचेत हो जाइए। कभी भी स्थितियों को अनदेखा करने से स्थितियां सुधरती नहीं हैं और बिगड जाती है. मगर यह क्या ? यहाँ तो गाँव बसा ही नहीं और डकैत चले आये वाली कहावत हो रही है . अभी तह अजय और चन्दा के बीच ठीक तरह से सम्बन्ध बन भी नहीं पाए थे की बिगड़ने की नौबत आ गयी. अगर वह अपने माँ -बाप से बगावत कर भी लेता है तो क्या चन्दा उसके प्यार को स्वीकार कर लेगी ? कहीं ऐसा नहीं की वह न तो घर का रहे और न घाट का.उसको वैसे तो चन्दा की आँखों में मोहब्बत के भाव नजर आते थे, मगर उसकी कम उम्र ही उसकी मोहब्बत में सबसे बड़ी बाधक बनी हुई थी. चन्दा उसको छोटी उम्र का तो नहीं समझती.

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