तुम तो जानते ही हो अजय , यह कोई बच्चों का खेल नहीं , बल्कि जिंदगी और मौत का सवाल । तुम समझदार हो , सब कुछ जानते हो । मेरे अगले पत्र का इंतजार करना , और हाँ , अगर हो सके तो इसे पढते ही फाड़ देना । - चंदा ...
यह पत्र उसने अहमद को दे दिया , जब वह चला गया तो बड़े ध्यान से चन्दा अपने रूप रंग को निहारने लगी , वह सोचने लगी की अभी भी उसमे वह आकर्षण मौजूद है , जो १६ या १८ साल के लड़के भी उसकी तरफ खिचे चले आ रहे हैं। वह रंगीन ख्यालों में खोने लगी । उसने देर रात को एक टीवी कार्यक्रम देखा था , उसमे एक डॉक्टर बता रहा था की
सूर्य ऊर्जा का केंद्र है हमारी काम वासना। या यूँ कहें की कामवासना का केंद्र हमारे भीतर की सूर्य ऊर्जा होती है।कामवासना के कारण ही व्यक्ति ऊष्ण और उत्तेजित हो जाता है। हमारे भीतर जो सूर्य उर्जा है उस पर संयम करने से सौर ज्ञान को जाना जा सकता है। सौर ज्ञान को जानने से ही सेक्स की ऊर्जा जाग्रत की जा सकती है।इसे इस तरह जानें- हमारे भीतर एक तो सूर्य स्वर होता है और एक चंद्र स्वर। जब व्यक्ति कामवासना से थक जाता है तो उसका चंद्र स्वर सक्रिय हो जाता है, इसीलिए कामक्रीड़ा के बाद व्यक्ति को नींद आने लगती है। सूर्य स्वर जब तक जाग्रत है व्यक्ति आक्रमक, विचारशील और सक्रिय रहेगा। इस सूर्य ऊर्जा पर संयम से ही भीतर के समूचे सौरतंत्र को जानकर मजबूत किया जा सकता है, लेकिन शायद आम आदमी के लिए यह सब मुश्किल और कठिन लगे।तंत्र और योग कहता है कि सेक्स की ऊर्जा यदि दिशाहिन है तो समझो चरित्र का पतन है और इसमें दिशा और लय है तो यही आपके व्यक्तित्व में निखार और मोक्ष के मार्ग को पुष्ट भी कर सकती है। यह आपके वैवाहिक जीवन के लिए अत्यावश्यक है। सूर्य ऊर्जा के कमजोर होने से नाड़ियों में शिथिलता का दोष भी उत्पन्न हो सकता है। यदि आप मोटापे से परेशान हैं तो भोजन करने से ही आपको संतुष्टि मिलती है फिर कामवासना के प्रति स्वाभाविक रूप से अरुचि हो सकती है। भोजन की अधिकता से उत्पन्न आलस्य और सुस्ती कामोत्तेजना की इच्छा को मारती है इसलिए शुरुआत में आपको अंग संचालन के माध्यम से इस रोग से मुक्ति पाना होगी। भूखें रहने के बाजाय भोजन की मात्रा घटाएँ।यदि आप आवश्यकता से अधिक दुबले हैं तो यह कमजोरी और कुपोषण के लक्षण हो सकते हैं। आपको पहले भरपूर पोषक तत्वों को अपना साथी बनाना होगा। चाहे बहुत या गरिष्ठ भोजन न करें, लेकिन कुछ इस तरह का खाएँ जो आपकी नसों में ताकत और स्फूर्ति भरता हो। दोनों ही स्थितियों में यौगिक आहार की जानकारी लेकर जब दोनों ही तरह की स्थिति से आपको निजात मिल जाए तो आधी समस्या तो खतम ही समझों। अब आप अंग संचालन को जारी रखते हुए सूर्य भेदन प्राणायाम, कुंडलिनी योग और योग मुद्राओं को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें।और अजय तो बलिष्ठ था ही , उसे देखते ही कोई भी लड़की आकर्षित हो सकती थी।अब तक चन्दा ने तन्हाई में ही जीवन गुजारा था, अपनी माँ के कारण वह शादी नहीं कर पाई थी और अब जबकि वह गुजर गयी तो शादी की उम्र ही निकल गयी, वह किसी और से शादी करने की बजाय अपने दर्शकों का मनोरंजन करने में जुट गयी, और अब इस मोड पर आकर उसे अजय जैसे नवयुवक से विवाह का ऑफर मिला था । अजय और उसकी उम्र का फासला जमीन -आसमान का था। इसके बावजूद भी दुनिया में ऐसे भी कई उदाहरण थे जिसमे कम उम्र के लड़के ने अपने से कई गुना बड़ी लड़की से प्रेम किया और सफल शादी भी की थी। इसी तरह के कितने ही उअदाह्रण उसे याद आने लगे। फिर वह अजय का पत्र में लिखा वह गीत गुनगुनाने लगी- न उम्र की सीमा हो , न जन्म का हो बंधन । जब प्यार करे दो दिल , तो देखे केवल मन । मन ही मन वह अजय को किस करने लगी। अजय उसको अपनी बांहों में कैद करने की कोशिश कर रहा है और वह फिसल जाती है। आह कल्पना भी ठीक से नहीं कर पा रही , इतना तनाव है मन पर।
Friday, March 5, 2010
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