Monday, March 8, 2010

भाग-२६

वह ऐसा अब क्या करे जिससे की उसके दिल की रानी चन्दा उसे मिल जाए । उसे एक दिन अहमद के मौसी के लड़के ने बताया था की जब आपका बॉयफ्रेंड आपसे किसी छोटी-सी बात पर गुस्सा हो जाए और लाख मनाने पर भी न माने तो आपको क्या करना चाहिए। यदि बात हाथ से निकल गई हो तो यह समझने में ही भलाई है कि अच्छा हुआ जो ऐसे व्यक्ति से पीछा छूट गया और यदि नहीं तो फिर कुछ नकारात्मक तरीके अपनाने होंगे जिससे वह तड़पकर आपके पास आ जाए। पूरी तरह से उससे दूर रहने का प्रयास करें। कुछ भी बात न करें। कोई सॉरी नहीं, कोई गुडबाई नहीं तथा कोई सफाई नहीं। फोन आए तो अपना फोन स्विच ऑफ कर दें। कुछ नए मित्रों के साथ अपने आपको व्यस्त रखने का प्रयास करें। उस तक किसी भी तरह यह खबर पहुँचाएँ कि उसका पक्का दोस्त आपसे दोस्ती करने के लिए तैयार है और आपको भी वो अच्छा लगता है। कभी उसके सामने ही उसके दोस्त के साथ होटल में जाएँ और बहुत अच्छी तरह से अभिनय करें। थोड़े समय बाद उसको मालूम पड़ना चाहिए कि आपने अपना जीवन समाज सेवा में लगाने का फैसला कर लिया है और आप किसी आश्रम में जाने का मन बना रही हैं। सफेद कपड़ों का प्रयोग शुरू कर दें। होटल में जाने पर सबके सामने बिल्कुल सात्विक आहार का आर्डर दें कोई न कोई तो ये खबर उस तक पहुँचाएगा ही।और अंत में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग..उस तक यह खबर पहुँचाएँ कि आप बेहद गंभीर रूप से बीमार हैं यदि उसके मन में आपके लिए प्यार होगा तो वह अपने आप खिंचा चला आएगा। नहीं तो उसे बॉय-बॉय कह देना ही ठीक है। तो क्या अब अजय भी ऐसा ही कुछ करे जिससे की उसे चन्दा का प्यार हासिल हो जाए। उसके प्रेम के बिना अजय को जीने की कोई इच्छा नहीं थी। कई दिन ऐसे ही बीत गए मगर चन्दा का कोई जबाव नहीं आया।
अजय ने बहुत पहले कहीं पढ़ा था की कुछ डॉ. अपने शोध के आधार पर कहते हैं कि प्यार एक बीमारी है और इस बीमारी का इलाज है सिर्फ सेक्स। यदि प्रेम के इजहार का मौका नहीं मिलता तो बीमारी और बढ़ जाती है, हो सकता है कि वे गुस्सा, अवसाद या किसी अन्य मानसिक रोग से ग्रस्त हो जाएँ। इसे 'लव सिकनेस' कहते हैं।
मीरा ने कृष्ण से प्रेम किया था किसी गलत वजह से नहीं। पवित्र प्रेम के बारे में सोचने वाले सही हैं। प्यार और विश्वास किसी भी दंपति के जीवन का आधार है। दांपत्य जीवन में प्यार का मतलब सिर्फ सेक्स से नहीं होता।
खैर यह तो बात प्यार के इजहार से जुड़ी है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इजहार कर ही दिया तो फिर नया खेल शुरू होता है जो कुछ दिन तक तो अच्छे अहसास के साथ चलता है, लेकिन फिर धीरे-धीरे उसमें टेंशन पैदा होने लगता है।बेवफाई का डर ‍भीतर ही भीतर सालता रहता है। यदि प्यार में बेवफाई का सामना करना पड़े तो फिर दिल के दौरे की संभावना बलवती हो सकती है। ।लेकिन यह भी सच है,तमाम शोध और तमाम बेवकूफी भरे वाक्य प्यार की ताकत को झुठला नहीं सकते और ना ही उसे सेक्स से जोड़ सकते हैं। सेक्स हमारे जीवन का अहम हिस्सा हो सकता है, लेकिन प्यार का स्थान उससे कहीं ऊँचा है। अजय ने अपने मन को टटोलना चाहा , वह चन्दा को इतना क्यों चाहता है ? ऐसी क्या वजह है जिससे वह चन्दा को चाहने लगा है, और इतना चाहने लगा है की उसके बिना जीने की कल्पना ही नहीं कर सकता।क्या वह उसके खूबसूरत जिस्म को पाने की ख्वाहिश रखता है ? या वह उसके नृत्य का दीवाना है ? वह उसकी अदाओं पर फ़िदा है या फिर वहनामचीन कलाकार के साथ अपना नाम जोड़कर मन ही मन गौरवान्वित होना चाहता है ? ऐसी क्या वजह है जो वह चंदा के अलावा और किसी लड़की के बारे में सोचता भी नहीं ? कहीं वह अपरिपक्व फैसला तो नहीं ले रहा है ? कहीं वह भावावेश में आकर कोई बचपना तो नहीं कर रहा ? कहीं वह वासना का गुलाम तो नहीं हो गया ?

No comments: