हांलाकि चन्दा जानती है की प्रेम एक तरह का नशा है, यह हो जाए, तो एक-दूसरे के बिना जीना दुश्वार हो जाता है। प्रेम में पड़ने पर दिमाग की क्रियाओं में कुछ बदलाव आ जाता है। मस्तिष्क में एक विशेष का स्त्राव बढ़ जाता है, जो बहुत सुखद अहसास कराता है। यह विशेष ही है, जो प्रेम को नशीला बना देता है और इंसान को उसका आदी।खुशबू की तरह प्रेम को छिपाया नहीं जा सकता। प्रेमिका अपने प्रेमी के बदन की खुशबू को बखूबी पहचानती हैं। हर व्यक्ति के बदन की खुशबू उसके जींस पर निर्भर करती है। खुशबू सेक्स हारमोन फेरोमोन्स का उत्पाद है। ओव्यूलेशन की क्रिया के दौरान महिलाओं के सूँघने की शक्ति गजब की हो जाती है। तब प्रेमिका को अपने प्रेमी की गंध बहुत आकर्षित करती है। विशेष देह गंध इस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ा कर सेक्स की इच्छा में इजाफा कर देती है। विज्ञान ने झुठला दियालोग कहते हैं कि आदमी प्रेम के पड़ने के बाद बौरा जाते है, पर वह पहले की अपेक्षा ज्यादा समझदार हो जाते हैं। एक-दूसरे के करीब रहने की यह भावना मस्तिष्क की स्थिरता और बुद्धि दोनों को बढ़ा देती है।प्रेम दिल से ही होता हैप्रेम के पवित्र बंधन में बँधने के बाद आपके स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। प्रेम करने वाले लोग उन लोगों के मुकाबले शारीरिक रूप से ज्यादा स्वस्थ और खुश रहते हैं, जो अविवाहित और प्रेम से अनजान हैं। प्रेमपूर्ण संबंध हृदय रोग के खतरों को भी कम कर देता है।प्रेम सुखद हैप्रेममय जीवन से मिलने वाला सुख का कोई पैमाना नहीं है। अच्छा प्रेमी पाना और करोड़ों रुपये अतिरिक्त कमाना एक ही बात है। इसका मतलब यह है कि प्यार में आप कितने अमीर हैं।जब प्रेमी अपनी प्रेमिका को सीने से लगता हैं, तो उनके हारमोन का स्तर तेजी से बढ़ता है और गुस्सा दिलाने वाले हारमोन में कमी आ जाती है। इसके साथ ही इससे जुड़े हारमोन जैसे ऑक्सीटोसिन और वासएप्रिसिन का स्त्राव भी बढ़ जाता है। ये हारमोन आपको रिश्ते में निकटता की भावना बढ़ाते हैं।प्यार की कोई जुबान नही होती है, जब प्रेमी-प्रेमिका एक दूसरे को प्यार करते हैं, अपनी परवाह दिखाते हैं, तब उदास करने वाले कारण दूर रहते हैं। इस काम के लिए जरूरी नहीं कि आप अलग से समय निकालें। प्यार-दुलार के लिए 5 मिनट भी पर्याप्त हैं। यह 5 मिनट का प्यार सेरोटोनिन और ऑक्सीटोन हारमोन को बढ़ाता है, जो खुशी का दोस्त है।प्रेम को हमेशा साथ रखेंगे, तो यह आपको जीवन के हर आनंद के लिए प्रेरित करेगा। पाया गया कि सप्ताह में चार से पांच बार सेक्स करने वाले सप्ताह में दो बार सेक्स करनेवालों की अपेक्षा ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। उनका मानना है कि चरम के समय स्त्रावित होनेवाले टेस्टोस्टेरॉन से पुरुष बलशाली होते हैं। इसी तरह इस्ट्रोजन महिलाओं की त्वचा और बालों की चमक को बढ़ाता है। अर्थात दोनों ही चीजें युवा होने की परिचायक है।संभव है आपके प्रेमी इस बात को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार ना करें, लेकिन आपका दोस्ताना साथ उनको बहुत भाता है। और साथ ही सेक्स की भावना को जगाता है और आपके साथी को उत्तेजित करने में सहायता करता
है । यही सब तो कहा था था चन्दा के दोस्त ने। उस समय जब वह युवा थी। जब उसकी खेलने -खाने की उम्र थी। लेकिन उस उन खानों को चन्दा ने पढाई के लिए कुर्बान कर दिया था। उस समय रंजन ने उसे हर तरह समझाया की की प्यार भी जरूरी है, सेक्स भी आवश्यक है।मगर चन्दा तो चन्दा थी । वह प्रेम को पचड़ा समझती थी और इस चक्कर में पड़ना नहीं चाहती थी।आज ऐसा ही एक अवसर उसके द्वार पर दस्तक दे रहा था। अजय जैसा खूबसूरत , खूब्सीरत और हेंडसम युवक उससे प्रणय निवेदन कर रहा था। तो फिर वह इतनी देर क्यों कर रही है ? उसके प्रेम निवेदन पर इतना समय क्यों लगा रही है ? क्या वह इस अंतिम अवसर को भी ठुकरा देगी ? क्या उसका जीवन सदैव ऐसे ही रह जाएगा , कोरे कागज़ की तरह ? अगले ही पल उसके दिल के किसी कोने से आवाज आयी, अपने स्वार्थ के लिए इतना अंधा होना ठीक नहीं है। अजय के पास अभी पूरा जीवन पड़ा है जबकि उसका जीवन ढलान पर है, कभी भी इस सूर्य का अस्त हो सकता है । फिर वह अपने से तिहाई उम्र के लड़के की जिंदगी क्यों खराब करना चाह रही है?
Saturday, March 6, 2010
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