Wednesday, September 16, 2009

दिलफेंक पडोसन , भाग-53

मुझे लगता है की तुम्हें मैंने किसीके साथ मस्ती करते देखा है ... शायद आज ही तुम अपने किसी फ्रेंड के साथ आनंद ले आरही थीं, फ्लेट का दरवाजा भी बाहर से बंद था ताकि समझने वाला समझे की अन्दर कोई नहीं है...
सबा- मुझे मर्द लोगों से यही एलर्जी है... आप लोग फल खाने में कम और पेड़ गिनने में ज्यादा भरोसा करते हैं...
सलीम- मेरे सवाल पर तुम्हें गुस्सा नहीं आया ? मैं तो सोच रहा था की गुस्से से लाल -पीली हो जाओगी...
सबा- मैं फालतू की बातों में विश्वाश नहीं करती... बेवजह लड़ती-झगड़ती भी नहीं हूँ... मैं सबके लिए सहज उपलब्ध भी नहीं हूँ, तुम तो जीजू ठहरे ... मैंने सोचा तुम्हें भी थोडा सा यौवन का रस चाख्वाया जाए ताकि तुम मेरी दीदी से दूर न जा सको... मेरी जवानी का रसास्वादन करने के बाद तुहें लगेगा की हम सब तुम्हें कितना चाहते हैं... यह एक पर एक ऑफर समझो मगर सीमित समय के लिए ... स्टाक रहने तक ... समझे .........
सलीम उसकी बेबाक टिप्पणी से खुश भी था और निराश भी...शराब भी अपना असर दिखा रही थी... अब तक वह सबा को नग्न कर चुका था... सबा ने सलीम के सभी कपड़े उतार दिए... सलीम अब उसके खूबसूरत बदन को चूमने लगा, वह उसके अंग-प्रत्यंग को चूमकर काम ज्वाला प्रज्वलित कर रहा था... दिल में उमंग जोर मारने लगीं... सबा भी तड़पने लगी... अब तक फरहा लौटकर नहीं आयी थी... सलीम को कुछ शंका हुई ... इस वक्त सबा और सलीम फ्लेट के अन्दर वाले हिस्से में थे...वह बाथरूम का बहाना करके बाहर निकलने को हुआ तो ठिठक
गया... जाते-जाते फरहा बाहर से दरवाजा बंद कर गयी थी, वह दरार से बाहर वाले कमरे में झाँककर देखने लगा, उसकी धड़कनें बढ़ने लगीं... साँसें ऊपर -नीचे हो रही थीं, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वह क्या देख रहा है , और जो देख रहा है वह सही है या ग़लत ?एक बार तो ऐसा लगा मानो वह सपना देख रहा हो... उसे पसीना आने लगा... तभी उसे पीछे से सबा की आवाज सुनाई दी-
- वहाँ क्या कर रहे हो ? आप दोनों को चढ़ गयी है क्या ? दीदी बाथरूम गयी और अभी तक नहीं लौटी , शायद घर जाकर सो गयी है , तुम भी न जाने कहाँ खो गए...
सलीम - लो आ गया... मेरा सर चकरा रहा है... कुछ अजीब सी चीजें दिखाई दे रही हैं...
सबा- कमाल है... मैं यहाँ बेड पर पडी हूँ, तुम्हें दिखाई नहीं दे रही ? मेरे सीने को देखकर सब मचल जाते हैं, दीवाने हो जाते हैं... सर्वे में भी
यह बात सामने आई है कि पुरुष की निगाहें महिलाओं के चेहरे की बजाय सबसे पहले उनके ब्रेस्ट पर टिकती हैं... सिर्फ 20 फीसदी पुरुष ही पहली निगाह में चेहरा देखते हैं...
' न्यू जीलैंड के वेलिंगटन यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाली एक इंटरनैशनल रिसर्च टीम ने पाया है कि करीब 50 फीसदी पुरुषों की पहली नजर महिलाओं के ब्रेस्ट पर पड़ती है... यही नहीं पुरुष महिलाओं के शरीर के किसी अन्य हिस्से के मुकाबले ज्यादा समय तक ब्रेस्ट ही देखते हैं...

रिसर्च में पाया गया है कि पहली नजर में करीब एक तिहाई कमर और नितंब , जबकि 20 फीसदी से कम लोग चेहरा देखते हैं...
सलीम- सब बकबास है... मैं नहीं मानता... मुझे लगता है की ये सर्वे झूठे होते हैं ... तुम बताओ ये कैसे सम्भव है ?

सबा -क्योंकि बड़े ब्रेस्ट और पतली कमर वाली महिलाओं में महिला हॉर्मोन ओस्ट्रोजेन का स्तर ज्यादा होता है और वैसी महिलाओं की प्रजनन क्षमता

शोध में रिसर्चरों ने एक ही महिला की विभिन्न विषयों पर 6 तस्वीरें पेश कीं , जिनमें आकार को डिजीटल तरीके से बढ़ाया या घटाया जा सकता था... उन्होंने उन हिस्सों को रिकॉर्ड किया जिन्हें पुरुषों ने पहले देखा , कितनी बार देखा और कितने समय तक देखते रहे... यह सब दर्ज करने के लिए उन्होंने 2 कैमरों और मिरर का इस्तेमाल किया , ताकि आंख की गतिविधि को मापा जा सके...

पुरुषों ने ब्रेस्ट देखने में ज्यादा समय लगाया और अन्य हिससे के मुकाबले वहां उनकी नजरें ज्यादा टिकी रहीं...
सलीम- तुम दोनों ही होशियार हो... किसी दिन होश में करेंगे ये होश की बातें... ठीक है ?
सबा- कुछ परेशान से दिख रहे हो , क्या बात है ?
सलीम- कुछ नहीं , मुझे लगा जैसे बीच वाले कमरे में फरहा मौजूद है ...
सबा- तो फ़िर इसमें तकलीफ की क्या बात है , ये तो ठीक ही है की तुहें हर जगह पर सिर्फ़ मेरी दीदी ही नजर आ रही है... इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है ?दीवाने हो गए हो तुम...
सलीम - मैंने उसे किसी और आदमी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखा है...
सबा- हा - हा - हां...मेरे बारे में भी तुम कुछ इसी तरह की बात सोच रहे थे... वहम की बीमारी लग गयी है तुमको...
सलीम- हाँ, यार... शायद... ऐसा ही कुछ हुआ है....

No comments: