- क्या मार डालने का इरादा है ? बहुत चिपक रहे हो ...
सलीम -ये भी मजाक का ही हिस्सा है... भला मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ... अगर कर भी दिया तो कह नहीं सकता... बुरा मान जायेंगे न... लोगों ने बीमारी पाल रखी है बुरा मानने की... तुम भी इससे दूर नहीं...
अब तक उस के जिस्म में वासना का तूफ़ान उठ खडा हुआ था... वह बेहद बेचैनी महसूस करने लगी... जिसने उसे कभी देखा ही नहीं, उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाया ही नहीं , वही उसीकी आंखों के सामने उस के साथ रोमांस कर रहा था... उसको लगा की सलीम को चिढाना चाहिए... यह सही अवसर था... उसने सलीम से कहा-
- अगर एक बार मेरे साथ रात बिता लोगे , तो जीवन भर के लिए बीवी को भूल जाओगे... आपके दोस्त तो होशो हवास भी खो चुके हैं...
सलीम - जब तुम्हें देखने भर से ही मेरा यह हाल है तो आगे क्या होगा, मैं इसकी कल्पना कर सकता हूँ... मुझे यह जानकर भी खुशी हुयी की तुम मेरे साथ हंसी-खुशी सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार हो...तुम्हें क्या पता दोस्त के बारे में ? ज्योतिषी हो क्या ?
लड़की - तुम हो ही इतने प्यारे इन्सान... तुम्हें पहली बार देखने पर ही प्यार का एहसास होने लगता है... तुम्हारी पर्सनैलिटी का जवाब नहीं है... अगर कहो तो जीवन भर इसी तरह तुम्हारा पहलू गर्म करती रहूँ... तुम्हारी सेवा करके मुझे खुशी होगी... सचमुच मज़ा आएगा... आः... देखो न , मेरा बदन टूटने लगा है... बेताबियाँ बढती जा रहीं हैं... मन में आग लगी है... होठ प्यास से तड़प रहे हैं... काश, तुम मेरी कुछ मदद कर पाते...
उस ने ये शब्द जिस अंदाज में कहे थे, वे सलीम के सीने में तीर की तरह चुभ गए... उसने आमंत्रण को चुनौती के रूप में लिया... वह चंदा की आकर्षक गोलाइयों को दबाने लगा... वह आः भरने लगी... उसकी आहों में विशेष कसक थी...दो चाहने वाले अपनी मस्ती में मस्त थे... वह अपना हर अरमान पूरा करना चाहता था... तभी तो वह दिलो-दिमाग से उस की जवानी का रस लूटने की कोशिश कर रहा था... वह भी उसको खुश करने के लिए कोई कसार नहीं छोड़ना चाहती थी... वह उस को प्रभावित करने के बाद वहाँ से पैसे का पत्ता कटवाना चाहती थी... एक बार फ़िर से शराब का दौर शुरू हो गया... अश्लील फ़िल्म चलाकर उसकी आवाज़ तेज कर दी गयी ... फ़िल्म के स्टार जिस तरह से एक्टिंग कर रहे थे , जिस अंदाज से सुख भोग रहे थे, वे भी उनका अनुसरण करने लगे... सलीम और हसीना ने भी मौका देखकर चौका लगा दिया... काम सुख लुटे हुए वे बेहद अश्लील चर्चा भी करते जा रहे थे... नैतिक पतन की साड़ी हदें पार हो चुकी थीं...वह सब कुछ भूलकर अपनी मस्ती में ही मगन थी... वह सलेम को हर तरह से सहयोग कर रही थी, उसने जैसी भी डिमांड की, हसीना ने उसको तुंरत पूरा किया... उसके सहयोग से खुश होकर सलीम कह रहा था-
- तुम्हारा स्वभाव देखकर शुरुआत में ऐसा लगता नहीं था की तुम इस तरह सहयोग कर पाओगी, जबकि बार वाले तुम्हारी इतनी तारीफ़ कर चुके थे की मुझे किसी भी हालत में तुम्हारे साथ यह आनंद लूटना था...
बार गर्ल - तो क्या तुम लोग आपस में इस तरह की चर्चा कर लेते हो ?
सलीम - क्यों , इसमे बुराई भी क्या है ? हम लोग आपस में दोस्त हैं... दोस्ती में ये सब चलता है... तुम्हारा नाम क्या है, ऐसा लगता है जैसे हम कभी पहले भी मिल चुके हैं...
बार गर्ल- बहुत देर के बाद नाम पूछने की सुध आयी है, मतलब निकल गया है तब...
सलीम- पूछने या ना पूछने का ज्यादा मतलब तो होता नहीं है, तुम लोग कौन सा अपना असली नाम बताते हो...
बार गर्ल- तुम मुझे स्वीटी कह सकते हो...
अब तक उस के जिस्म में वासना का तूफ़ान उठ खडा हुआ था... वह बेहद बेचैनी महसूस करने लगी... जिसने उसे कभी देखा ही नहीं, उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाया ही नहीं , वही उसीकी आंखों के सामने उस के साथ रोमांस कर रहा था... उसको लगा की सलीम को चिढाना चाहिए... यह सही अवसर था... उसने सलीम से कहा-
- अगर एक बार मेरे साथ रात बिता लोगे , तो जीवन भर के लिए बीवी को भूल जाओगे... आपके दोस्त तो होशो हवास भी खो चुके हैं...
सलीम - जब तुम्हें देखने भर से ही मेरा यह हाल है तो आगे क्या होगा, मैं इसकी कल्पना कर सकता हूँ... मुझे यह जानकर भी खुशी हुयी की तुम मेरे साथ हंसी-खुशी सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार हो...तुम्हें क्या पता दोस्त के बारे में ? ज्योतिषी हो क्या ?
लड़की - तुम हो ही इतने प्यारे इन्सान... तुम्हें पहली बार देखने पर ही प्यार का एहसास होने लगता है... तुम्हारी पर्सनैलिटी का जवाब नहीं है... अगर कहो तो जीवन भर इसी तरह तुम्हारा पहलू गर्म करती रहूँ... तुम्हारी सेवा करके मुझे खुशी होगी... सचमुच मज़ा आएगा... आः... देखो न , मेरा बदन टूटने लगा है... बेताबियाँ बढती जा रहीं हैं... मन में आग लगी है... होठ प्यास से तड़प रहे हैं... काश, तुम मेरी कुछ मदद कर पाते...
उस ने ये शब्द जिस अंदाज में कहे थे, वे सलीम के सीने में तीर की तरह चुभ गए... उसने आमंत्रण को चुनौती के रूप में लिया... वह चंदा की आकर्षक गोलाइयों को दबाने लगा... वह आः भरने लगी... उसकी आहों में विशेष कसक थी...दो चाहने वाले अपनी मस्ती में मस्त थे... वह अपना हर अरमान पूरा करना चाहता था... तभी तो वह दिलो-दिमाग से उस की जवानी का रस लूटने की कोशिश कर रहा था... वह भी उसको खुश करने के लिए कोई कसार नहीं छोड़ना चाहती थी... वह उस को प्रभावित करने के बाद वहाँ से पैसे का पत्ता कटवाना चाहती थी... एक बार फ़िर से शराब का दौर शुरू हो गया... अश्लील फ़िल्म चलाकर उसकी आवाज़ तेज कर दी गयी ... फ़िल्म के स्टार जिस तरह से एक्टिंग कर रहे थे , जिस अंदाज से सुख भोग रहे थे, वे भी उनका अनुसरण करने लगे... सलीम और हसीना ने भी मौका देखकर चौका लगा दिया... काम सुख लुटे हुए वे बेहद अश्लील चर्चा भी करते जा रहे थे... नैतिक पतन की साड़ी हदें पार हो चुकी थीं...वह सब कुछ भूलकर अपनी मस्ती में ही मगन थी... वह सलेम को हर तरह से सहयोग कर रही थी, उसने जैसी भी डिमांड की, हसीना ने उसको तुंरत पूरा किया... उसके सहयोग से खुश होकर सलीम कह रहा था-
- तुम्हारा स्वभाव देखकर शुरुआत में ऐसा लगता नहीं था की तुम इस तरह सहयोग कर पाओगी, जबकि बार वाले तुम्हारी इतनी तारीफ़ कर चुके थे की मुझे किसी भी हालत में तुम्हारे साथ यह आनंद लूटना था...
बार गर्ल - तो क्या तुम लोग आपस में इस तरह की चर्चा कर लेते हो ?
सलीम - क्यों , इसमे बुराई भी क्या है ? हम लोग आपस में दोस्त हैं... दोस्ती में ये सब चलता है... तुम्हारा नाम क्या है, ऐसा लगता है जैसे हम कभी पहले भी मिल चुके हैं...
बार गर्ल- बहुत देर के बाद नाम पूछने की सुध आयी है, मतलब निकल गया है तब...
सलीम- पूछने या ना पूछने का ज्यादा मतलब तो होता नहीं है, तुम लोग कौन सा अपना असली नाम बताते हो...
बार गर्ल- तुम मुझे स्वीटी कह सकते हो...
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