Wednesday, September 15, 2010

lavguru, bhaag-39



मुंशीजी और डोली एक बिस्तर पर पड़े हुए रोमांटिक दुनिया में मस्त थे. वे ऐसे -ऐसे खाब और ख़याल सजा रहे थे, जिन्हें कभी पूरा होना ही नहीं था. डोली माहिर थी. उसे इन सब बातों का अच्छा खासा ज्ञान था और वह अपनी अदाओं के ऐसे ज़लवे दिखाती थी, जिसे देखकर सामने वाला मर्द पहली ही बार में चारों खाने चित्त होकर गिर जाया करता था. मुंशीजी को भी उसने इसी तरह से बोतल में उतरा था . हाँ, मुंशीजी को यह जरूर एहसास हुआ था कि उम्र के इस ढलान पर उनकी कामशक्ति कम हो गयी थी. अब उन्हें समझ में आया कि डॉक्टर उनसे शराब न पीने की सलाह क्यों देते थे. अब उन्होंने समझा कि नशे के कारण काम क्षमता भी कम हो जाती है. हांलाकि लिराज के कारण उनकी लीवर की समस्या तो आसानी से खत्म हो गयी थी, मगर वे बिस्तर पर नवयौवना डोली को उस तरह की सुख -संतुष्टि नहीं दे पा रहे थे जिसकी इच्छा नई हसीनाओं को होती है. जब वे कमजोर पड़ते तो लवगुरु के सुझावों को याद कर लिया करते थे. लवगुरु ने ही तो कहा था कि यह आवश्यक है कि आप अपने अंदर सेक्स आकर्षण पैदा करें और अपने साथी को पूर्ण आनंद प्रदान करें। हालांकि इसका कोई बना-बनाया फार्मूला नहीं है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेगें तो सेक्स का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं।
सेक्स एक शाश्‍वत सत्य है। हमारे इतिहास में भी नारियों की सुंदरता का बराबर बखान किया गया है। शायद इसी आधार पर यह कहा जाता है कि नारी ईश्‍वर की सबसे सुंदर कृति है। विपरीत लिंगो के बीच सेक्स संबंधी झुकाव प्रकृति प्रदत्त है।
अच्छा चुम्बन अपने साथी को उत्‍तेजित करने का सबसे आसान तरीका है। लेकिन आमतौर पर लोग इसमें भी सफल नहीं हो पाते हैं। क्योंकि चुंबन भी एक प्रकार की कला है जिससे लोग वाकिफ नहीं होते हैं जिसके कारण असफलता हाथ लगती है। जब भी आप अपने साथी के साथ इस हेतु कहीं जाते है तो इस बात का बराबर ख्‍याल रखें कि वह जगह जहां आप जा रहे हैं अपेक्षाकृत शांत एवं मनोरम हो। बेहतर हो कि आप दोनों के अलावा वहां कोई न हो तो ज्यादा अच्छा हो। ध्यान रखें कि इस दौरान उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश न करें। नहीं तो इसका उल्टा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि वह स्थान जहां पर आप हैं संभव है कि आम लोग वहां बराबर आते रहते हों। ऐसी परिस्थिति में यह सामाजिक रूप से सही नहीं होगा।

लेकिन इस दौरान आप उसके बाहरी अंगों को सहलाते हुए उत्‍तेजित करने का प्रयास कर सकते हैं। साथ ही आप उसके अंगों का भावनात्‍मक वर्णन भी कर सकते हैं। जैसे हाय! तुम्हारे ओंठ इतने सुर्ख लाल हैं कि जी करता है इसको चूम ही लूं, तुम्हारी आंखें झील सरीखी गहरी है, आदि। तात्पर्य यह कि इस हेतु उपयुक्‍त माहौल बनाएं ताकि आपका साथी भी इस क्रिया के लिए तैयार हो सके। उसके अंदर किसी प्रकार का झिझक न रहे।

घर जाने से पहले अपने साथी को एक बार फिर से चुंबंन के लिए उत्तेजित अवश्य करें। इस क्रम में अपने साथी पर अचानक से टूट न पड़ें। वरन इसके लिए उनको पूर्ण रूप से तैयार करें। आप जब भी इस स्तर पर पहुंचे तो अपने होंठ को उसके होंठ के पास ले जाएं। याद रखें एकदम से चूम ही न लें। उसके बाद धीरे-धीरे उसको अपनी बांहों में भर लें। अब धीरे-धीरे अपने को उससे अलग कर लें। तत्पश्‍चात साथी के आंखों में आंखें डालकर हल्की सी मुस्कान दें। उसके बाद एक बार फिर से यह प्रक्रिया दुहराएं। इस बार उसको जरूर चूमें। इस स्थिति में अपने-आप पर नियंत्रण बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। नहीं तो रंग में भंग पड़ सकता है।

जब आपको यह लगे कि वह आपको अपनी बांहों में भरना चाहती है तो अचानक से उसको हंसते हुए अपने से अलग करें। उसके तुरंत बाद उसको बांहों में भरकर बेतहाशा चूमें ताकि उसको ऐसा न लगे कि आप उसपर हंस रहे हैं। साथ ही आपको यह भी दिखाना है कि आपके जैसा साथी उसको नहीं मिल सकता। इसके बाद वह खुद ही सेक्स के लिए आपको प्रेरित करेगी।

आप सिर्फ चुंबन से ही उसको सेक्स के लिए उत्‍तेजित करने में सफल तो हैं, लेकिन आपके सहयोगी को आप से और भी अपेक्षाएं होंगी। ऐसे में आपको चुंबन के अलावा भी कुछ करना होगा। इससे आगे आप मुख मैथुन करके भी खुशियां प्राप्‍त कर सकते हैं। जब कभी आप इस प्रक्रिया के लिए जा रहे हों तो कई बातें ऐसी होती हैं जिनका ख्‍याल रखना बहुत जरूरी होता है। अगर आप पहले से इसके लिए तैयार नहीं होते हैं तो आप इसमें सफल नहीं हो सकते। अत: मुख मैथुन के पहले कुछ सावधानी बरतना जरूरी होता है। इस दौरान साथी के गुप्‍तागों को सहलाने के बाद उसको अचानक से कुछ सेकेंड के लिए अकेला छोड दें। उसके बाद उसके आकर्षक को अपने मुंह मे लेकर हल्‍के-हल्‍के सहलाएं। ध्यान रहे उसके अंगों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। ऐसे में सेक्स मजा किरकिरा हो सकता है।

इस पक्रिया के बाद आप पाएंगे कि आपकी सहयोगी आपसे संबंध बनाने के लिए आप से ज्यादा रूचि लेगी। जब कभी भी आपको ऐसा लगे तो आप यह मान लें कि यह संबंध बनाने का उपयुक्‍त समय है। लेकिन संभोग करते वक्‍त भी थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। बिस्तर पर जाने के तुरंत बाद ही मंजिल पर पहुचना प्रारंभ न करें। वरन साथी को इस हेतु उकसाएं।

पुन: जब दूसरे दिन बिस्तर पर जाएं तो तब तक इंतजार करें जब तक की वह खुद ही पहल न करे। लेकिन जनाब थोड़ा संभल के ! पहली बार जब आप काम क्रीडा की स्थिति में आएं तो थोड़ी देर बाद ही उससे अपने आपको अलग करें। हालांकि यह कठिन है, फिर भी आप कर सकते हैं। लेकिन अगर आपकी सहयोगी फिर से काम क्रीडा के लिए आग्रह करे तो इस बार उनको पूर्ण संतुष्‍िट प्रदान करें। अगर आप इस तरह से संबंध स्थापित करेंगे तो आपका सेक्स जीवन पूर्णत: सफल होगा। इससे आपका दांपत्य जीवन भी सुखमय रहेगा।
अगर बेड पार्टनर पत्नी नहीं होकर अच्छी मित्र हो तब भी यह फार्मूला लागू होता है. डोली तो उसकी होने वाली जीवन संगिनी थी.

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