Friday, September 24, 2010

लवगुरु-४७

मुंशीजी के दिमाग में कुछ और ही खिचड़ी पक रही थी जबकि डोली के खयालात बिलकुल जुदा थे. डोली चाहती थी कि मुंशीजी जल्दी से मंजिल पर पहुंचकर अपना काम निबटाएं और आराम से सो जाएँ . उसे बुड्ढे ग्राहकों में सिर्फ इतनी ही दिलचस्पी थी कि वे पैसे खर्च करें और चलते बनें. डोली ने उनकी भावनाओं को भड़काने के उद्देश्य से आखिरकार पूछ ही लिया-
-आपके गुरु ने किस के बारे में कुछ खास नहीं बताया , ऐसा लगता है ?
मुंशीजी -सेक्स के लिए जरूरी है कि पार्टनर को इसके लिये तैयार किया जाय. यह प्रक्रिया फोरप्ले कहलाती है. इसका सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है चुंबन. पूरे आवेग से लिया गया चुंबन एक खास किस्म के कांप्लेक्स केमिकल को दिमाग की तरफ भेजता है, जिससे व्यक्ति खुद को ज्यादा उत्तेजित, खुश अथवा आरामदायक स्थिति में महसूस करता है।
डोली- जानते हो, प्यार का इजहार करने के लिए चुंबन से बढ़कर शायद ही कोई दूसरा माध्यम हो। एक प्यार भरा चुंबन प्रेमी या प्रेमिका को दिन भर की तमाम उलझनों से मुक्त करके एक प्यार भरे संसार में ले जा सकता है।
मुंशीजी- लवगुरु ने कहा था , अपनी जीभ अपने चाहने वाली के मुख की कोमल त्वचा में डालकर उसे चारों ओर घुमाया जाता है। मुख से मुख मिलाकर फ्रेंच किस किया जाता है। जब चाहने वाली को कुछ उत्तेजना भरा संदेश देना चाहें तो यह किस अपनाया जाता है। इसमें चाकलेट, फल या बर्फ का टुकड़ा अपने होठों से दबाकर अपने प्रेमी के होठों का स्पर्श किया जाता है। स्पर्श के बाद अपनी जीभ के सहारे दबाया गया टुकड़ा अपने प्रेमी के मुख में डाल दिया जाता है।
यह किस पूरे नियंत्रण के साथ किया जाता है। इस किस में होठों से दबाकर चाटा जाता है। अ�
�ने होठों से अपने प्रेमी के होठों और त्वचा को सख्ती से दबाकर इसका आनंद लिया जाता है।
कहा जाता है कि इस प्रकार का किस मध्यकाल के नाइट्स अपनी प्रेमिका या पत्‍नी को करते थे, जब वह लो कट नेकलाइन्स पहनती थीं। इस किस में उनकी गर्दन को चारों तरफ से धीरे-धीरे चूमा जाता था। पुरूष और महिलाएं दोनों इस प्रकार के चुंबन का लुत्‍फ उठाते थे।
मैंने एक टीवी प्रोग्राम में सूना था कि इस चुंबन की उत्पत्ति लैटिन के प्रेमियों ने की थी। इस चुंबन का आनंद लेने के लिए लैटिन प्रेमी मिठाई के दानों को अपने प्रेमी के शरीर पर डालते थे। उसके बाद अपनी जीभ से उनके शरीर पर धीरे से हमला करते थे। अपने प्रेमी के शरीर की मनपसंद जगह में इन मिठाई के दानों को डाला जाता था। स्तन और पेट के आसपास के चुंबन से इसका विशेष रूप से आनंद लिया जाता है।
यह किस शरीर के सर्वाधिक संवेदनशील हिस्सों खासकर गर्दन, छाती, पेट और निचली जांघों में किया जाता है। अधखुला मुंह खोलकर इन हिस्सों का स्पर्श किया जाता है। छाती के निचले हिस्सों विशेषकर स्तन के निप्पलों को चूमने में विशेषरूप से आनंद आता है।
इस चुंबन में जीभ आगे पीछे गति करती है। जिस प्रकार क्रीम या सॉस को चाटा जाता है ठीक उसी प्रकार स्लाइडिंग किस किया जाता है। फोरप्ले में यह किस काफी उपयोगी होती है .
डोली- वाव. मगर आपने तो इस तरह का कोई खेल खेला ही नहीं , मैं नाराज हूँ आपसे .
मुंशीजी- ओहो. तुम भी कमाल करती हो जानेमन . अभी टाइम ही कहाँ मिला है जों इस तरह का किस किया जाए. और हाँ, पूरी बातें याद भी तो नहीं रहती हैं, अब आपने याद दिलाया तो याद आया.
डोली- अगर प्यार चाहते हो तो याददाश्त दुरुस्त करनी होगी ज़नाब. इसके बिना प्यार में उतना मजा नहीं आयेगा . जों कुछ भी अब तक आपके गुरु ने सिखाया है, वह सब इस्तेमाल कर डालिए. कुछ भी बचाकर मत रखिये.
मुंशीजी- तुम तो जान हो अपनी . एक दिन का प्यार नहीं है. हमारा यह मिलन अमर है . हम हमेशा के लिए मोहब्बत की डोर में बध चुके हैं. अब प्यार की इस दुनिया को और भी ज्यादा रंगीन बनना है. भले ही तुम्हारा सहयोग क्यों नालेना पड़े.
डोली- सेक्स ज्ञान के लिए यह जरूरी है कि हम इसी तरह की फिल्मे देखें. बहुत अच्छी है ये फिल्म.











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