Sunday, September 19, 2010

लवगुरु -४३

मुंशीजी अब गर्म होने लगे थे, उन्हें याद आ रही थीं वे बातें जों लवगुरु ने कही थी, कि सेक्स से पहले भरपूर फोरप्ले आपकी सुबह को काफी रोमांचक बना सकता है. इस दिन सह स्नान का आनंद लें. आप एक दूसरे की मसाज भी कर सकते हैं और आपको इसके लिए किसी स्पा में जाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी. घर पर ही स्पा की सुविधा तैयार करें और फिर हल्के गर्म पानी या शावर का आनंद उठाएँ.रसोई में एक दूसरे की मदद करें. जरूरी नहीं कि पुरूषों को खाना बनाना आए ही पर वे अपने तरीके से अपनी पत्नी की मदद भी कर सकते हैं, और फिर उन रोमांटिक पलों के दौरान यदि आपसे कुछ गडबड हो भी गई तो आपकी पत्नी इसका बुरा नहीं मानेंगी.अगर पत्नी के स्थान पर खास महिला दोस्त भी है तो कोई बात नहीं .

दोपहर का समय किसी रोमांटिक फिल्म को देखते हुए गुजारें. अपने बीते पलों को याद करें. आप पुरानी तस्वीरों को भी खंगाल कर यादों को ताज़ा कर सकते हैं. दोपहर को के समय तनाव को दूर रखें. यदि आप दोनों को पढने का शौख हो तो कोई किताब साथ में पढ सकते हैं. कोई रोमांटिक उपन्यास हो तो क्या कहने.
शाम को आप शोपिंग के लिए जा सकते हैं. जरूरी नहीं की खरीददारी की ही जाए. विंडो शोपिंग का आनंद भी उठाया जा सकता है. शोपिंग महिलाओं की पसंदीदा प्रवृतियों मे से एक है, आपकी पत्नी या महिला मित्र इसे जरूर पसंद करेंगी.
अपने घर पर हल्का संगीत सुनें. साथ में मिलकर हल्का फुल्का नृत्य भी किया जा सकता है. मूल बात यह है कि आप दोनों एक दूसरे को करीब पाएँ और संकोच से दूर रहें. एक दूसरे के साथ खुलकर पेश आएँ
रात को टीवी से हो सके दूर रहें और एक दूसरे के साथ समय बिताएँ. बाल्कनी में बैठकर ठंडी हवा के झोंको के बीच बातचीत आपको अधिक आनंद प्रदान करेगी. आप अपनी पत्नी के लिए कॉफी बना सकते हैं जो उन्हें पसंद आएगा या फिर डार्क चॉकलेट खाई जा सकती है. डार्क चॉकलेट, स्ट्राबेरी आदि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिससे टेस्टोस्टेरोन प्रभावित होता है और आप रोमांटिक महसूस करते हैं. इन रोमांटिक पलों के दौरान हल्के फोरप्ले का आनंद भी उठाया जा सकता है.
कैंडल लाइट डिनर लीजिए और इसके लिए चाहें तो बाहर जाएँ चाहे तो घर पर ही इसका माहौल बनाएँ. वैसे घर पर ही कैंडल लाइट डिनर का आनंद लेना सही रहेगा क्योंकि इससे आप अपने अंतरंग पलों के लिए समय बचा पाएंगे. खाना आप बाहर से ऑर्डर कर सकते हैं.
इसके बाद साथ में स्नान का आनंद लें और कुछ रोमांटिक खेल खेलें. आप स्ट्रीपर क्लब का माहौल बना सकते हैं जहाँ के सदस्य केवल दो होंगे, आप दोनों. या फिर ब्लाइंड गेम का आनंद भी उठाया जा सकता है. आप दोनों में से किसी एक की आँखों पर पट्टी बंधी होगी और दूसरे को स्वतंत्रता होगी कि वह अपने साथी के साथ क्या कर सकता है!. वैसे यह भी सच है कि उपरोक्त बातें तयशुदा नहीं है और जरूरी भी नहीं है कि आप पढ पढ कर केवल इन बातों को ही अमल में लाएँ. मेरा आशय यह बताना है कि आप अपनी व्यस्त जिंदगी से एक दिन केवल आप दोनों के लिए जरूर निकाल सकते हैं और उस दिन को आपके विशेष "सेक्स हॉलीडे" में बदल सकते हैं. दूसरे दिन आप दोनों अपने आपको काफी तरोताजा पाएंगे, और आपके रिश्तों को भी नया आयाम मिलेगा.

सेक्स के दौरान दिमाग के कुछ हिस्से काम करना बंद कर देते हैं और निष्क्रीय हो जाते हैं. यह एक विचार था, लेकिन अब इसकी एक ब्रैन स्केनिंग शोध के अनुसार महिलाएँ सेक्स के दौरान भावनात्मक बातें नहीं सोच पाती. उनके दिमाग का वह हिस्सा बंद हो जाता है

कई महिलाएँ चरम-आनंद का अनुभव नहीं कर पाती. यह बात अब तक भ्रांति के रूप में ली जाती थी,
अनुवांशिक लक्षणों और चरम-आनंद की अनुभुति के बीच सबंध होता है. एक अभ्यास के अनुसार महिलाओं द्वारा चरमआनंद का अनुभव करना उनकी अनुवांशिक सरंचना पर भी निर्भर करता है.
इस सवाल का जवाब खोजा जाना बाकी है. कई वैज्ञानिक मानते हैं कि महिलाओं के लिए पुरूषों की तरह चरम-आनंद की अनुभूति होना आवश्यक नहीं है. महिलाओं को चरम-आनंद का अनुभव होना उत्क्रांति के दौरान हुआ एक सयोंग है. अन्यथा यह कुछ कुछ वैसा ही है जैसा पुरूषों के शरीर में स्तनाग्र होना, जबकि उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं होती.

डोली को अब मुंशीजी की चुप्पी खलने लगी थे. बोली-

-क्या आप अकेले -अकेले ही मौज लेते रहते हैं , हमें कुछ नहीं बताओगे ?

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