मुंशीजी- ये सब कहने सुनने की बातें लगती हैं। मैंने सुना है कि औरत कुछ भी मिल बांटकर खा सकती है मगर वह किसी भी हालत में अपने पति का प्यार नहीं बाँट सकती। अगर तुम मुझसे सच्चा प्रेम रखती हो और हमेशा मुझसे प्यार करना चाहती हो तो मुझे नहीं लगता कि तुम ऐसा कर पाओगी, चाहकर भी नहीं कर सकतीं, सवाल ही नहीं उठाता , वैसे मुझे गुरु जी न समझाया था कि अपनी पत्नी के साथ सेक्स करने के बहुत फायदे हैं जबकि , किसी गैर स्त्री के साथ सेक्स करने में नुक्सान ही नुक्सान हैं।
डोली- अछा जी, क्या नुक्सान और मुनाफे बतलाये थे, ज़रा हम भी तो सुनें।
मुंशीजी- कहा था कि सेक्स के नाम पर आह, उह, आउच, कमर दर्द, पीठ दर्द, गर्दन दर्द से परेशान युवतियाँ 'आज नहीं, अभी नहीं' करती है, लेकिन यदि वह बिना किसी भय के पार्टनर के साथ सेक्स में शामिल हो जाए तो उसके दर्द को उड़न-छू होने में देर नहीं लगती। सिरदर्द, माइग्रेन, दिमाग की नसों में सिकुड़न, उन्माद, हिस्टीरिया आदि का सेक्स एक सफल इलाज है।अनिद्रा की बीमारी में बिस्तर पर करवट बदलने या बालकनी में रातभर टहलने के बजाय बेड पर बगल में लेटे साथी से सेक्स की पहल करें, फिर देखें कि खर्राटे आने में ज्यादा देर नहीं लगती। नियमित रूप से संभोग क्रिया में पति को सहयोग देने वाली पत्नी माहवारी के विकारों से दूर रहती है। रात्रि के अंतिम पहर में किया गया सेक्स दिनभर के लिए तरोताजा कर देता है।सेक्स को सिर्फ यौन संबंध बनाने तक ही सीमित न रखें। इसमें अपनी दिनचर्या की छोटी-छोटी बातें, हँसी-मजाक, स्पर्श, आलिंगन, चुंबन आदि को शामिल करें, संभोग क्रिया तभी पूर्ण मानी जाएगी।सेक्स के बारे में यह बात ध्यान रखें कि अपनी पत्नी के साथ या अपने पति के साथ किया गया सेक्स स्वास्थ्य एवं सौंदर्य को बनाए रखता है।इस प्रसंग में यह बात विशेष ध्यान देने योग्य है कि जहाँ विवाहित जीवन में पत्नी के साथ संभोग क्रिया अनेक तरह से लाभप्रद है, वहीं अवैध और असुरक्षित रूप से बनाए गए सेक्स संबंधों से अनिद्रा, हृदय रोग, मानसिक विकार, ठंडापन, सिफलिस, सूजाक, गनोरिया, एड्स जैसी अनेक प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
डोली- मुझे हंसी आ रही है, कितनी भयानक बातें हैं। ऐसा कभी नहीं हो सकता। सवाल ही नहीं पैदा होता। ये बातें अगर किसी डॉक्टर न कही हैं तो वह निश्चित रूप से पुरुष होगा और बेहद कामुक होगा, तभी तो काम वासना शांत करने के लिए उसने इस तरह के तर्क दिए हैं,। अगर सिर्फ सेक्स करने से बीमारियाँ दूर हो जाएँ तो लोग यही करना शुरू कर दे और इस तरह अस्पतालों पर ताले लग जाएँ।
मुंशजी- तुम हंस रही हो , हंस सकती हो मगर गौर करो , मैंने कहा है कि उन्होंने समझाया था कि सिर्फ अपनी पत्नी के साथ सेक्स करने से ही ये फायदे होंगे और अगर किसी गैर के साथ कोई ताल्लुकात बनाता है तो उससे बीमारियाँ ही फैलेंगी , तुमने शायद उस पर ध्यान नहीं दिया। और फिर यह कहना मेरा भी नहीं है । यह तो मैं तुम्हें वो सब बतला रहा हूँ जो मुझे लवगुरु न सिखाया है। जाहिर सी बात है कि गलत भी हो सकता है । मैं तुम्हारी बात को काट तो नहीं रहा ।
इस बात से डोली को थोड़ी सी राहत मिली, वह जान गयी कि मुंशीजी न समझौते करने शुरू दिए हैं।, यानी कि उसनके अन्दर एक अच्छा पति बन्ने के गुण मौजूद हैं।
वह मुंशीजी को उकसाने के भरसक प्रयास कर रही थी। मुंशीजी भी अपनी तरफ से कोई कसार नहीं छोड़ रहे थे मगर उनके जिस्म के अन्दर जितनी कामोत्तेजना होनी चाहिए उतनी हो नहीं रही थी, उनका बदन सुलग रहा था मगर मुख्य हथियार साथ ही नहीं दे रहा था। वे नहीं चाहते थे कि उनकी चाहने वाली डोली के सामने वे कम ताकतवर दिखें , इसलिए हर तरीका इस्तेमाल कर रहे थे। गुरूजी न कहा था कि जब कामवासना भाद्कानी हो तो अश्लील बातें कहनी चाहिए , वह ऐसा भी कर रहा था , मगर इसका असर होता था डोली पर। वह उनकी बातों से और भी ज्यादा कामुक हो जाया करती थी। आखिरकार डोली को ही आगे आना पडा, उसने मुंशीजी के विशेष अंग की मालिश करनी शुरू करदी , इसका तुरंत असर देखा गया।
Saturday, September 18, 2010
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