मेरी शादी पिछले
साल हुई । मुझे अपनी पत्नी पर शक था की उसका शादी के पहले कोई शारीरिक संबंध था। इसलिए मै हमेशा उससे उसके शादी के पहले के संबंध के बारे में पूछा करता था और वो हमेश कहती थी कि वो कुंवारी है। शादी के एक साल बाद फिर से मैंने उससे पूछा तो इस शर्त पर अपना अतीत खोलने को राज़ी हुई कि मैं भी अपना पिछले राज बताऊंगा और उसे दिल से माफ़ कर दूंगा। तब उसने बताया की वो कई बार अपने जीजा के छोटे भाई से ग़लत संबंध बना चुकी है। अब समस्या ये है कि मुझे उससे नफ़रत हो गई है। मेरा मन करता है कि उसे ही छोड़ दूं। कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करूं क्या ना करूं। उसके जीजा के भाई का घर हमारे घर के पास ही है और हमेश मुलाकात होती है। मैं उस लड़के से नज़र नहीं मिला पा रहा हूं। मैं क्या करूं कृपया मदद करें। वरना मैं ज्यादा शराब पीपीकर ही मर जाऊँगा।
छमिया- ओह। कितने दुःख हैं सच बोलने के । शायद इसीलिए लोग थोड़े से झूठ का सहारा लेते हैं।
मुंशीजी- हाँ , शायद। मगर फिर भी सच्चाई यही है की जीत सच की होती है। मैंने उसे समझाया की अपनी सच्ची बीवी को माफ कर दो। उसका दिल साफ है, वह तुमसे प्यार करती है, तुम पर भरोसा करती है तभी तो उसने इतना बड़ा राज खोल दिया है वरना बिना भरोसे वह ऐसा नहीं करती। इसलिए अपनी ही पत्नी के भरोसे को तोड़ने का अर्थ ये होगा की फिर कोई कभी अपने पति की बात पर भरोसा नहीं करेगा। फिर जब भी कहीं तुम्हारा उदाहरण दिया जाएगा तो लोग इससे गलत सबक लेंगे । मेरा कहना मानो उसे अपनालो। हाँ, अगर वह शादी के बाद भी अपने जीजा से मिलती है, मिलकर गलत बात या गलत हरकत करती है तो उसके चरित्र पर उंगली उठाई जा सकती है।
छमिया- आपके कहने का कोई असर भी हुआ या सुनकर चला गया वो शराबी ?
मुंशीजी- नहीं यार , रोने लगा बेचारा। और जब उसका दिल हल्का हो गया तो यह वादा करके गया की अब वह अपनी पत्नी को भरपूर प्यार देगा ।
No comments:
Post a Comment