Thursday, July 22, 2010

भाग-७३

पति-पत्‍नी के बीच गहरे संबंधों में चरम सीमा की काफी अधिक भूमिका होती है। काम क्रीडा का सही अनुभव तभी हो पाता है जब दोनों प्रेम के आलिंगन में उस खास मंजिल तक पहुंचे । कई बार ऐसा नहीं होता। दोनों में से कोई एक या फिर दोनों इस की शुरुआत तक करना पसंद नहीं करते। ऐसा होने पर दोनों की रातें खराब होने लगती हैं। या फिर चाह कर भी आपको संभोग में वो मज़ा नहीं आ रहा, जो शुरुआती दिनों में आता था।

शुजात - मेरी राय भी तुमसे जुदा नहीं है . मगर अब हमको इस फिल्म के हीरो की राय भी जान लेनी चाहिए . फिल्म शुरू हो चुकी है . यह कलाकार भले ही सामान्य कद काठी का है , लेकिन यार इसका खास अंग तो काले नाग की तरह है . बहुत भयानक है . तुमको तो देखते ही रोमांच का अनुभव हो रहा होगा.
झंकार- क्यो नहीं होगा ? मैं लड़की हूँ . अगर ऐसा द्रश्य देखकर भी मेरी भावनाएं नहीं भडकेंगी तो बेकार है.
शुजात हंसकर रह गया. उसने टी.वी . की आवाज थोड़ी सी तेज करदी. फिल्म की हीरो कह रहा था -
- प्रेम का अंतिम पड़ाव है और साथ खाने से प्रेम बढ़ता है यह सभी जानते हैं। लिहाजा यदि आप सेक्‍स करने के मूड में हैं, और अपनी रातों को गर्म बनाना चाहते हैं ता शुरुआत रात के खाने से करनी होगी। यानी साथ बैठकर डिनर करें उसके बाद फल, आईसक्रीम या कोई मिठाई डाइनिंग टेबल के बजाए बेड पर खाएं। वो भी एक ही प्‍लेट में। असल में आपके प्‍यार की यहीं से शुरुआत होती है।
फोरप्‍ले भी एक कला है। इस कला के माध्‍यम से आप अपने पार्टनर को प्रणय क्रीडा के प्रति उकसाते हैं। यह एक तरह से असली मौज करने का मूड बनाने के लिए किया जाता है। अधिकांश पुरुष व महिलाएं दिन भर की थकान के बाद इस के प्रति उत्‍साह नहीं दिखाते। यहां पर आपका दायित्‍व बनता है कि अपने पार्टनर को सेक्‍स की ओर आकर्षित करें। फोरप्‍ले की शुरुआत अपने पार्टनर को बाहों में भरते हुए करें। उसे पूरी तरह प्‍यार में डूब जाने दें। जब आपको लगे कि वो तन और मन दोनों रूप से आपके पूरी तरह करीब आ चुकी चुका है तब अपने इस जादू की शुरुआत करें। अलग-अलग अंगों पर हाथों से धीरे-धीरे मसाज और चुंबन की प्रक्रिया आपके पार्टनर का मूड बदलकर रख देगी।

आम तौर पर जब पुरुष को यह लगने लगता है कि उसकी पार्टनर मौज मस्ती लिए तैयार है, वो आनंद लेना शुरू कर देता है। सही मायने में यह सही तरीका नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपने पार्टनर के साथ हाथ से शुरुआत करें। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण महिलाओं का सेक्‍स की चरमसीमा तक पहुंचने में देरी है। असल में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में आसानी से मंजिल तक नहीं पहुच पाता, लिहाजा उन्‍हें समय देने के लिए ओरल सेक्‍स एक बेहतरीन उपाए है। ओरल सेक्‍स उस चुंबन के माध्‍यम से किया जाता है, जो होठ से होठ लगाकर किया जाए। चुंबन के दौरान विभिन्‍न अंगों पर धीरे-धीरे मसाज करने से दोनों के तन -मन की आग तेजी से भड़क उठती है।


आम तौर पर इन तीन पड़ावों के बाद संभोग की प्रक्रिया शुरू होने में समय नहीं लगता, लेकिन फिर भी अगर आपको लगे कि आपका पार्टनर संभोग नहीं करना चाहता है तो उसे यह जता दें, कि आप क्‍या चाहते हैं। अपने इस सीक्रेट का खुलासा बेड पर ही करें, खास तौर से पुरुष, क्‍योंकि बिस्‍तर पर जाने से पहले ही अपनी मंशा जता देने पर महिला पार्टनर के रुष्‍ट होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए बेहतरीन आलिंगन के बाद ही अपनी मंशा जाहिर करें।
सेक्‍स का अंतिम पड़ाव संभोग होता है। एक अध्‍ययन के मुताबिक १० मिनट से ज्‍यादा देर का शारीरिक सम्बन्ध उबाऊ होता है। लिहाजा अपने इसी समय में जी भर कर प्‍यार करें। यहां पर पुरुषों के लिए सबसे अहम बात यह है कि वो खास ड्राइव को रुकने नहीं दे, क्‍योंकि यदि बीच में रुक गए, तो आपकी पार्टनर को चरमसीमा तक पहुंचने में और ज्‍यादा समय लग सकता है। हो सकता है कि वो चरम सीमा तक पहुंचे ही नहीं। वहीं स्त्रियों को इस दौरान प्रेम के अलावा कुछ नहीं सोचना चाहिए। क्‍योंकि दोनों से अलग हटकर एक भी बात आपकी रात को खराब कर सकती है। ऐसी कोई बात मत करें, जिससे आप दोनों के बीच तनाव हो सकता है। पूरी तरह सकारात्‍मक रहने से ही रात बेहतरीन बनती है।

फिल्म के खत्म होने से पहले ही वे दोनों खत्म हो गए. वे चरम सुख की प्राप्ति कर चुके थे. मंजिल पर पहुँचने के बाद शुजात और झंकार के चेहरे खिल गए. यह खेल होता ही ऐसा है , अगर ठीक तरह से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित हो जाएँ और दोनों पार्टनर अगर पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएँ तो बात ही क्या ? मजा आ जाता है . तन और मन दोनों खिल जाता है . जिस तरह से मोबाइल की बैटरी चार्ज हो जाती है , उसी तरह से इस खेल को खेलने के बाद जिस्म की बैटरी चार्ज हो जाती है. कुछ लोग ऐसे होते हैं जों हर घड़ी, हर पल जिस्मानी सुख की तलाश में लगे रहते हैं तो कुछ लोग ऐसे होते हैं जों हिसाब से ही काम क्रीडा का मजा लेते हैं. अति करने वाली की तो दुर्गति निश्चित ही है.

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