Friday, July 16, 2010

प्यार , भाग-६७

झंकार - प्यार शायद दुनिया के सभी प्राणियों को कुदरत की तरफ से दिया गया सबसे बेहतरीन तोहफा है। यही जीवन में रंग भरता है और जीवन तथा इस सृष्टि की निरंतरता को बनाए रखता है। शायद इसी वजह से प्राचीन हिन्दू परंपराओं में इसे जीवन के चार अहम उद्देश्य धर्म, अर्थ और मोक्ष के साथ काम के रूप में अहमियत दी गई है। प्राचीन हिन्दू धर्म जीवन में आने वाले इस आनंद की अनुभूति को उतना ही अहम मानता है, जितना कि ज्ञान की तलाश को।
शुजात - मेरी जान , सेक्स को हम महज यौन क्रिया से नहीं जोड़ सके। यह दोनों लोगों के बीच गहरी आत्मीयता से पैदा होता है। जब दो लोग एक-दूसरे की परवाह करते हैं। जब हमारा शरीर, मन और आत्मा एक हो जाते हैं। यह तभी संभव होता है जब हम सामने वाले की भावनाओं की कद्र करना सीखते हैं।

सेक्स में प्यार की अहम भूमिका है। सबसे पहले एक शारीरिक क्रिया होने के नाते इसका हमारे शरीर से गहरा नाता है।इतना ही नहीं यौन क्रिया हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
सिर्फ शरीर नहीं मन से भी सेक्स का गहरा रिश्ता है। एक स्वस्थ सेक्स जीवन किसी भी स्त्री अथवा पुरुष के भीतर शांति और प्रसन्नता की भावना पैदा करता है। यह उनके आपसी रिश्तों को मजबूत करता है। यह प्रसन्नता की भावना उनके लिए लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन का सबब भी बनती है।
प्यार किसी भी दंपति के लिए आनंद का सबब बनते हैं। मगर दांपत्य जीवन में प्यार का मतलब सिर्फ सेक्स से नहीं जोड़ना चाहिए। कई बार विभिन्न वजहों से आपके साथी में सेक्स के प्रति अनिच्छा भी पैदा हो सकती है। ऐसी स्थिति में हमें उसकी वजह को जानने और उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए। यदि पार्टनर की इच्छा न हो तो सेक्स को कभी उस पर थोपने की कोशिश नहीं करनी चाहिए बल्कि उसकी दिक्कतों को शेयर करते हुए उससे सहानुभूति का बर्ताव करना चाहिए।
सेक्स आपके जीवन का एक अहम हिस्सा तभी बनेगा जब आप उसे प्यार की ऊर्जा से सराबोर रखेंगे। तभी आप एक स्वस्थ सेक्स जीवन, बेहतर संबंधों और मजबूत होते रिश्तों की तरफ बढ़ सकेंगे।हाँ , ये बात मैं भी मानता हूँ कि सेक्स सम्बन्ध सिर्फ पति-पत्नी के बीच ही बनें तो बेहतर है.

झंकार -मैंने सूना है कि लड़के बहुत सेक्सी होते हैं , क्या सच है क्या ?
शुजात-हमेशा से कहा जाता रहा है कि पुरुषों के अंदर सेक्‍स की भूख अधिक होती है, लेकिन यह सत्‍य नहीं है। कई बार ऐसा भी होता है जब पुरुष सेक्‍स से इंकार कर देते हैं।
सेक्‍स से सीधा इंकार करने के पीछे सबसे बड़ा कारण मानसिक तनाव होता है। डिप्रेशन में व्‍यक्ति को कुछ भी अच्‍छा नहीं लगता ऐसे में सेक्‍स से इंकार करना आम बात होती है।
लोग सोचते हैं कि १८ से २५ वर्ष की आयु के बीच पुरुषों में सेक्‍स की ललक काफी होती है, लेकिन अध्‍ययन से पता चला है कि ऐसा नहीं है। रिसर्च के मुताबिक इस उम्र में व्‍यक्ति अच्‍छी नींद की ओर ज्‍यादा आकर्षित होता है।
हर पुरुष चाहता है कि उसकी पार्टनर उससे सेक्‍स के बारे में खुलकर बात करे। जब भी वो करीब आए तो उसे पूरा सहयोग करे, लेकिन जब उसकी पार्टनर से रूखा व्‍यवहार मिलता है, तो उसके अंदर सेक्‍स के प्रति इंटरेस्‍ट खत्‍म होने लगता है।
कई बार पुरुष अपनी पार्टनर से झगड़ा होने पर भी सेक्‍स से इंकार कर देते हैं। वो सोचते हैं कि पार्टनर के लिए इससे अच्‍छी सजा कोई नहीं हो सकती। लेकिन ऐसा करना गलत है। इससे रिश्‍ते और ज्‍यादा बिगड़ते हैं।
काम का बोझ, आर्थिक तंगी, घर में आए दिन झगड़े व घर में आए दिन कुछ न कुछ समस्‍याएं खड़ी होने की वजह से भी पुरुष सेक्‍स के प्रति रुचि खो देते हैं। ऐसे में उनकी पार्टनर की यह जिम्‍मेदारी बनती है कि वो उसे अपनी ओर आकर्षित करे।
अधिक काम क्रीडा करने वाले पुरुष भी अपनी पार्टनर के साथ सेक्‍स करने में रुचि खो देते हैं। असल में उन्‍हें यह लगने लगता है कि वो अकेले ही ज्‍यादा खुश हैं।

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