-सेक्स के दौरान जब तुम सेक्सी बातें करते हो तो मजा और भी बढ़ जाता है. रात को फिल्म का हीरो जों सेक्स टिप्स दे रहा था , ज़रा बताओ न, जोर-जोर से बोलकर सुनाओ . अच्छा लगेगा , जोश भी आएगा .
शुजात- इतनी बातों को बताना ऐसे तो संभव नहीं है, कहो तो फिर से फिल्म चलादूं, और वही हिस्सा सुनवा देता हूँ. आवाज तेज कर देंगे , और यहीं पर सुख लूटते रहेंगे .
झंकार ने पकड़ ढीली कर दी. शुअजत ने तुरंत वही सेन लगा दिया. इसके बाद आवाज भी तेज करदी , दोनों फिर से एक साथ मौज मस्ती में लेन हो गए. फिल्म से डायलोग सुनाई दे रहे थे -
कई बार महिलाएं समझ नही पाती कि कौन सी चीज उन्हें उत्तेजित करती है,पहले खुद ही पता लगाएं कई बार वे जानकर भी बताने से शरमाती है अत: खुद ही कल्पना करें व एन्जॉय करें, जब सहज लगे, तब पति को बताएं इससे फोरप्ले में आसानी होती है।शरीर का बेडौल होना या शेप में न होना कई बार महिलाओं में हीनता की भावना भर देता है, इसका एक कारण टीवी तथा फिल्मों में जीरों फिगर को महत्व दिया जाना है, मगर वास्तविक जीवन फिल्मों से बहुत अलग है आत्मविश्वास बनाए रखें तभी आप पति से जुड पाएंगी हां बैलेस्ड डायट व व्यायाम के जरिए सुडौल शरीर पाने की कोशिश अवश्य करें।
बच्चें होने के बाद उनकी देखभाल व घर के कामकाज महिलाओं को बहुत थका देते है उन्हे सेक्स की इच्छा ही नही रह जाती, अपने आराम के लिए अवश्य समय निकालें, तभी आपका सेक्स जीवन संतुष्टिपूर्ण होगा, चिडचिडाहट नही होगी और आप खुश रहेंगी।सेक्स मे आप क्या चाहती है, आपको क्या अच्छा लगता है, ये पति को बताएं, पंरतु सेक्स के दौरान नही जब आप दोनों रिलैक्स हो, सही समय हो और मूड भी हो, क्योंकि इन बातो के लिए सही समय होना बहुत जरूरी है।
कई बार महिलाएं समझ नही पाती कि कौन सी चीज उन्हें उत्तेजित करती है,पहले खुद ही पता लगाएं कई बार वे जानकर भी बताने से शरमाती है अत: खुद ही कल्पना करें व एन्जॉय करें, जब सहज लगे, तब पति को बताएं इससे फोरप्ले में आसानी होती है।शरीर का बेडौल होना या शेप में न होना कई बार महिलाओं में हीनता की भावना भर देता है, इसका एक कारण टीवी तथा फिल्मों में जीरों फिगर को महत्व दिया जाना है, मगर वास्तविक जीवन फिल्मों से बहुत अलग है आत्मविश्वास बनाए रखें तभी आप पति से जुड पाएंगी हां बैलेस्ड डायट व व्यायाम के जरिए सुडौल शरीर पाने की कोशिश अवश्य करें।
बच्चें होने के बाद उनकी देखभाल व घर के कामकाज महिलाओं को बहुत थका देते है उन्हे सेक्स की इच्छा ही नही रह जाती, अपने आराम के लिए अवश्य समय निकालें, तभी आपका सेक्स जीवन संतुष्टिपूर्ण होगा, चिडचिडाहट नही होगी और आप खुश रहेंगी।सेक्स मे आप क्या चाहती है, आपको क्या अच्छा लगता है, ये पति को बताएं, पंरतु सेक्स के दौरान नही जब आप दोनों रिलैक्स हो, सही समय हो और मूड भी हो, क्योंकि इन बातो के लिए सही समय होना बहुत जरूरी है।
झंकार - सुनकर आनंद आ रहा है कि नहीं ? देखो , आप भी गर्म होने लगे ..
शुजात- हाँ यार .. बड़ी लाजवाब बातें हैं. सुनो ध्यान से.. .
एक-दूसरे की कंपनी एन्जॉय करें, घीरे-घीरे प्यार की ओर बढें, सेक्स से पूर्व काफी देर तक किया गया फोरप्ले दोनों को चरम संतुष्टि देता है।
आजकल अलग-अलग रंगो व खुशबुओं में कंडोम मिलते है ये कई प्रकार के होते है, इससे फोरप्ले के दौरान उत्तेजना और आनंद बढता है अत: इसका उपयोग करें।
सेक्स संबंघी किताबों,फिल्मों,कहानियों में सेक्स को बढा-चढाकर बताया जाता है। सत्य यह है कि सामान्य कपल्स हफ्ते में 1 या 2 या इससे भी कम बार सेक्स करते है। अतिशयोक्ति पर विश्वास न करें, घ्यान रखें, क्वांटिटी की अपेक्षा क्वालिटी महत्वपूर्ण होती है। क्लाइमेक्स, चरमोत्कर्ष या ऑर्गेज्म एक आनंददायी संतुष्टिपूर्ण अनुभव है कई जोडे इस बात से नाराज रहते है कि दोनों एक साथ चरमोत्कर्ष पर नही पहुंचते ऎसा हो सकता है परंतु इससे कोई फर्क नही पडता महिलाएं एक से अघिक बार ऑर्गेज्म का अनुभव करती है। अच्छी सेक्स लाइफ के लिए आपका शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है, इसके लिए महत्वपूर्ण बैलेंस्ड डाइट, थोडी बहुत एक्सरसाइज भरपूर नींद और ज्यादा चाय,कॉफी,सिगरेट या शराब का सेवन न करना।
सेक्स करते समय किसी और पुरूष की कल्पना उत्तेजित करती है और सेक्स का आंनद बढाती है अत: कल्पना करें,इसके लिए मन में किसी तरह का अपराघबोघ न आने दे. इसमें कोई बुराई नही है। यदि पति-पत्नी दोनों वर्किग है, व्यस्त है, रात को देर से आते है, तो उनकी सेक्स लाइफ न के बराबर होती है। ऎसे में बेहतर होता है कि सुबह उठकर फ्रेश मूड में सेक्स का आनंद उठाएं। कुछ सालों के बाद सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है, इसलिए एक्सपेरिमेंट करते रहे, अलग-अलग पोजीशन ट्राई करें.
एक-दूसरे की कंपनी एन्जॉय करें, घीरे-घीरे प्यार की ओर बढें, सेक्स से पूर्व काफी देर तक किया गया फोरप्ले दोनों को चरम संतुष्टि देता है।
आजकल अलग-अलग रंगो व खुशबुओं में कंडोम मिलते है ये कई प्रकार के होते है, इससे फोरप्ले के दौरान उत्तेजना और आनंद बढता है अत: इसका उपयोग करें।
सेक्स संबंघी किताबों,फिल्मों,कहानियों में सेक्स को बढा-चढाकर बताया जाता है। सत्य यह है कि सामान्य कपल्स हफ्ते में 1 या 2 या इससे भी कम बार सेक्स करते है। अतिशयोक्ति पर विश्वास न करें, घ्यान रखें, क्वांटिटी की अपेक्षा क्वालिटी महत्वपूर्ण होती है। क्लाइमेक्स, चरमोत्कर्ष या ऑर्गेज्म एक आनंददायी संतुष्टिपूर्ण अनुभव है कई जोडे इस बात से नाराज रहते है कि दोनों एक साथ चरमोत्कर्ष पर नही पहुंचते ऎसा हो सकता है परंतु इससे कोई फर्क नही पडता महिलाएं एक से अघिक बार ऑर्गेज्म का अनुभव करती है। अच्छी सेक्स लाइफ के लिए आपका शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है, इसके लिए महत्वपूर्ण बैलेंस्ड डाइट, थोडी बहुत एक्सरसाइज भरपूर नींद और ज्यादा चाय,कॉफी,सिगरेट या शराब का सेवन न करना।
सेक्स करते समय किसी और पुरूष की कल्पना उत्तेजित करती है और सेक्स का आंनद बढाती है अत: कल्पना करें,इसके लिए मन में किसी तरह का अपराघबोघ न आने दे. इसमें कोई बुराई नही है। यदि पति-पत्नी दोनों वर्किग है, व्यस्त है, रात को देर से आते है, तो उनकी सेक्स लाइफ न के बराबर होती है। ऎसे में बेहतर होता है कि सुबह उठकर फ्रेश मूड में सेक्स का आनंद उठाएं। कुछ सालों के बाद सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है, इसलिए एक्सपेरिमेंट करते रहे, अलग-अलग पोजीशन ट्राई करें.
शुअजत - सुन रही हो , अलग-अलग पोजीशन की बात हो रही है. लगता है तुमने इस फिल्म को बहुत पहले देख लिया था , तभी तो पोजीशन चेंज करने की खातिओर मुझे यहाँ पर लेकर आई हो .
झंकार- चाहे जों समझो , मजा तो आ ही रहा है न, और आपका मकसद भी यही है.
शुजात- सिर्फ मेरा ? तुम उसमे शामिल नहीं हो ?
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