Tuesday, July 20, 2010

भाग-७१

शुजात - हाँ , बात सही है . आजकल लड़कियां भी आपस में ही सुख तलाशने लगी हैं और लड़के भी एक दूसरे से सुख की आस रखने लगे हैं. खैर , चाहे जों हो मगर काम क्रीडा से मानसिक शान्ति तो मिलती है. यह न केवल प्रेम का एक भाग है, बल्कि स्‍वस्‍थ्‍य रहने का माध्‍यम भी है। यह न केवल आपको मानसिक व शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ्‍य रखता है, बल्कि आपकी पर्सनालिटी डेवलपमेंट यानी व्‍यक्तित्‍व विकास भी करता है। नियममित रूप से काम क्रीडा करने वाले व्‍यक्ति तन और मन दोनों से स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं। जिसका सकारात्‍मक प्रभाव आपके जीवन के अलावा सामाजिक और व्‍यवसायिक जीवन पर भी पड़ता है।
जानती हो सेक्‍स करने से आपकी पर्सनालिटी किस तरह से निखरती है। यह क्रिया एक प्रकार का व्‍यायाम है। जिसे हम एरोबिक्‍स भी कह सकते हैं और यह शरीर व मस्तिष्‍क दोनों के लिए अच्‍छा होता है। काम क्रीडा के दौरान खास-तौर से पेट, पैर और कमर की एक्‍सरसाइज होती है। इससे महिलाओं के शरीर का नीचला भाग सुडौल बनता है, जबकि पुरुषों को फुर्ती मिलती है।
तनाव को खत्‍म करने की सबसे बेहतरीन दवा काम क्रीडा है। उस के बाद आप न केवल आपका तनाव कम होता है, बल्कि आपके अंदर सकारात्‍मक सोच भी विकसित होती है। स्‍वस्‍थ्‍य यौन जीवन व्‍यक्ति का आत्‍मविश्‍वास बढ़ाता है। अध्‍ययन के मुताबिक जो लोग नियमित रूप से काम क्रीडा करते हैं, वे व्‍यवसायिक क्षेत्र में आने वाली कठिनाइयों का सामना आसानी से कर लेते हैं। हर का में मनोबल ऊंचा रहता है।
स्‍वस्‍थ्‍य यौन जीवन से आपके परिवार में खुशियां आती हैं। जीवन साथी से मधुर संबंध बने रहते हैं, जिसका सकारात्‍मक प्रभाव आपके परिवार पर पड़ता है। खुश रहने की वजह से आपका चेहरा भी खिला-खिला रहता है। त्‍वचा में अलग सा निखार दिखाई देता है। खास-तौर से महिलाओं पर यह लागू होता है, क्‍योंकि जब महिलाएं किसी तनाव में नहीं रहती हैं, तो उनकी त्‍वचा ज्‍यादा खिली-खिली दिखती है।कल सुबह अपना चेहरा देखना , फिर तुम देखोगी कि कितना फर्क है . और अगर लगातार महीने भर तक तुम इसी तरह आनंद लेती-देती रहीं तो हुस्न की परी दिखने लगोगी. वैसे तो आज भी तुम बेंतिहाँ खूबसूरत हो लेकिन इस सुख को भोगने के बाद और भी मदमस्त हो जाओगी . सच कहता हूँ. अच्छा , ये बताओ तुम्हें एडल्ट फिल्म देखने में कोई ऐतराज तो नहीं है ?
झंकार- बिलकुल नहीं, मुझे हर वो काम पसंद आयेगा जिसे आप इज्वाय करते हों.
शुजात - थेंक यू यार वरना कई युगल ऐसे होते हैं, जो एक साथ बैठकर एडल्‍ट फिल्‍में या पोर्न तस्‍वीरें देखने में झिझकते हैं। चाहे भले ही उनकी शादी को कई साल क्‍यों न हो गए हों। आम तौर पर महिलाएं ऐसे वीडियो या तस्‍वीरें देखने से झिझकती हैं। लेकिन सही मायने में ऐसा करने से काम क्रीडा के प्रति भूख बढ़ती है और स्‍वस्‍थ्‍य कामक्रीड़ा की प्रबलता ज्‍यादा रहती है। लोग तो ये पूछते है कि क्‍या आपकी पार्टनर एडल्ट वीडियो या फोटो देखने में शर्म या झिझक महसूस करती है? यदि हां तो उसे ऐसी फिल्‍में व तस्‍वीरें देखने के लिए प्रेरित जरूर करें। अच्‍छा होगा अगर आप उससे यह कहें कि पोर्न तस्‍वीरें या फिल्‍में दिखाने का मतलब यह नहीं है कि वो भी बेडरूम में ऐसा ही करे। सिर्फ साथ बैठकर वीडियो देखना चाहते हैं, सिर्फ मनोरंजन के लिए। अपनी पार्टनर को यह अहसास जरूर दिलाएं कि सेक्‍स के मामले में आप उससे पूरी तरह संतुष्‍ट हैं। मेरा पना अनुभव है
एडल्‍ट फिल्‍में साथ देखने से आप अपने पार्टनर के साथ ज्‍यादा खुल सकेंगे। वीडियो देखने के बाद आप संभोग के नए तरीके इस्‍तेमाल कर सकते हैं। जाहिर है नए तरीके इस्‍तेमाल करने से आप दोनों के बीच प्रेम की गहराई और बढ़ेगी। यही नहीं यदि पार्टनर को चरम सीमा तक पहुंचने में देर लगती है, तो पोर्न वीडियो कारगर साबित हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अति ही कर डालो. यह साल भर में दो चार बार से ज्यादा ठीक नहीं है . वरना इसकी आदत से कई नुक्सान भी हो सकते हैं.
झंकार- ओके , अब इसी बात पर कोई फडकता हुआ आइटम दिखा ही दीजिए .












No comments: