Thursday, May 13, 2010

कम्मो- लेकिन हम दोनों तो लड़कियां हैं, फिर ये कैसा मिलन ? असली मिलन तो अभी भी बाकी ही रह जाएगा .
शिल्पा- नहीं मेरी जान कम्मो, ऐसा नहीं है , मैन तुम्हें वही तो बताने और समझानी की कोशिश कर रही हूँ कि ऐसा बिलकुल नहीं होगा , जब कुदरत ने हमको लड़कियों के जिस्म में भेजा है तो हमारा फर्ज है कि हम इसे इंजॉय करें, कभी कुदरत को चेलेंज नहीं करना चाहिए . कुदरत चाहती हैं कि हम लोग पिछले किसी जन्म में नहीं मिल पाए तो इस जन्म में मिल जाएँ. इससे कुदरत भी खुश होगी और हमारी अतृप्त आत्माओं को भी सुकून होगा. तृप्ति मिल जायेगी. मैन करूंगी हर कमी को पूरा. तुमको एहसास ही नहीं होगा कि तुम किसी लड़का के साथ नहीं बल्कि लड़की के साथ हमबिस्तर हो रही हो.
कम्मो उसकी बातों को बड़े ध्यानस इ सुन रही थी, यही वजह थी कि उसकी उत्सुकता निरंतर बढ़ती जा रही थी. उसे शिल्पा का प्रस्ताव भी अच्छा लग रहा था , और उसकी बातें भी . हर शब्द से शहद टपक रहा था , वह जानती थी कि लड़के के साथ सम्बन्ध बनाने में जितनी परेशानिया हैं, उससे ज्यादा सम्बन्ध बनाने के बाद की टेंशन होती है, लड़की के साथ ऐसा कोई नुक्सान नहीं होता . वह जानती थी उन दोनों को कोई गलत नजर से देखने वाला भी नहीं है. कोई शक नहीं करेगा , जबकि किसी लड़के के साथ अगर वह अकेली रहती है, एक ही कमरे में सोती है तो कोई भी इंसान उनको गलत निगाहों से देखेगा , बदनाम कर डालेगा. और फिर उस लड़के का भी क्या भरोसा ? बहुत से लड़के पहले तो लड़कियों को अपने जाल में फंसते हैं और जब लड़की उस पर भरोसा करले तो वह उसकी इज्जत लूट लेते हैं और आगे चलकर ब्लेकमेल तक कर डालते हैं. ऐसे कितने ही केस उसने अखबारों में पढ़ रखे थे , तभी तो उसे शिल्पा की बातों में दम नजर आ रहा था . उस समय तो उसने अपनी अति उत्सुकता शिल्पा पर जाहिर नहीं होने दी , मगर बेसब्री से शिल्पा के लौटने का इन्तजार करने लगी, शिल्पा उसे अपनी कंपनी ले जाना चाहती थी ताकि उसे कोई जॉब दिलवाई जा सके मगर कम्मो ने जाने से इनकार कर दिया. अब उसे कोई फ़िक्र भी नहीं थी. शिल्पा ने उसे हर तरह का भरोसा दिला दिया था. खाने का, रहने का और तरह का खर्चा वाहन करने कि इच्छा जताई थी. यहाँ तक कि नौकरी दिलवाने का भी पक्का वादा. इसलिए कम्मो दिन में सो गयी और रात होने का इन्तजार करने लगी . उसने शिल्पा के सभी कपडे पाने हाथों से साफ़ कर दिए थे और होटल के उस कमरे को अपनी तरह से विशेष रूप से साफ़ कर दिया था. उसने कमरे में एयर फ्रेशर भी छिड़क दिया ताकि खुशबु पूरे कमरे में महक सके.
आखिर वही हुआ जिसका उसे अंदाजा था . शिल्पा ने कमरे में जैसे ही कदम रखा उसकी तबियत खुश हो गयी. आते ही उसने कम्मो को अपनी बांहों में पकड़ लिया और उसके होठों को चूमने लगी . कम्मो के बदन में करंट सा दौड़ने लगा. काफी देर तक वह उससे प्यार करती रही फिर उसे एक डीवीडी दिखाते हुए बोली- -
- मैन आज तुम्हारे लिए यह गिफ्ट लाई हूँ. इस डीवीडी को लगाओ , फिर देखना तुम जैसे हवा में उड़ने लगोगी , थोड़ी देर के बाद कब कम्मो उस डीवीडी को चालू करने में कामयाब हो गयी तो सचमुच उसने खुद को हवा में उड़ते हुये पाया. एक लड़की पूरी तरह निर्वस्त्र लेटी हुई थी, फिर एक दूसरी लड़की आई , उसने पहली वाली लड़की के होठों को किस करना शुरू कर दिया, कुछ ही पलों में उन् दोनों ने कामोत्तेजन आहें भरनी शुरू करदीं कम्मो हिल गयी , वह सावधानीपूर्वक बैठ गयी. शिल्पा ने फोन कर होटल के मैनेजर को बता दिया आता कि उन्हें किसी भी हालात में डिस्टर्ब न किया जाए. कम्मो ने शिल्पा की निगाहों में अपनी निगाहें डाल दीन, पलक झपकते ही शिल्पा उसके होठों को अपनी जीभ से चाह्टने लगी. उत्तेजना की जोरदार आंधी चलनी शुरू हो गयी.











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