- तुम मेरी पक्की सहेली बन चुकी हो, क्यों न हम दोनों इसी कमरे में सो जाया करें, इससे हम खूब सारी बातें भी कर सकेंगे और एक साथ सो भी सकते हैं. इससे होटल के इस कमरे का किराया भी कम हो जाएगा. हम दोनों बाँट लेंगे आपस में , बोलो क्या बोलती हो ? यहाँ पर हम दोनों साथ रहेंगे तो कहीं ठीक सी जॉब भी ढूंढ सकते हैं.
शिल्पा - सच कम्मो, तुमने तो मेरे दिल की बात छीन ली यार . मुझे तुम बहुत पसंद हो, मैन भी मुंबई में अकेली ही रहती हूँ, यहाँ जिस रिश्तेदार के पास रहती हूँ उसकी पत्नी रोजाना टांय-टांय करती रहती है . इससे अच्छा तो यही होगा कि हम दोनों यहीं पर रहने लगें. काम की चिंता तुम बिलकुल न करो. तुम इतनी सुन्दर हो कि तुम्हें काम मिलने में समय नहीं लगेगा. बस बचना पड़ेगा यहाँ के दिलफेंक लड़कों से...
कम्मो-लड़कों से तो मुझे सख्त नफरत है, मै किसी लड़के का स्पर्श भी पसंद नहीं करती , अगर लड़कों से मजबूरी में हाथ भी मिलाना पड़े तो दिल में टूट -फूट सी होने लगती है. पता नहीं क्यों लड़के लोग से मेरा मन घ्रणा से भर उठता है . मेरा बस चले तो इन लड़कों से जिंदगी भर कोई रिश्ता नहीं रखूँ.
शिल्पा - सच कह रही हो तुम ? और मेरा स्पर्श कैसा लगता है ? आज रात जब मैंने तुम्हारी सीने की पहाडियों को टच किया तो कैसा लगा ?
कम्मो- आह, बहुत अच्छा , ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझे मुंह माँगी मुराद दे दी हो. बड़ा आनंद आ रहा था.
शिल्पा- सच , मैन क्या जानती थी, वरना तुम्हें सम्पूर्ण सुख संतुष्टि देने का इंतजाम करती . मैन हर कला जानती हूँ , बिस्तर पर ऐसा सुख दूंगी कि सारी दुनिया को भूल जायोगी और जीवन कभी शादी करने का ख़याल भी मन में नहीं लाओगी . मुझे भी इन मर्दों से सख्त नफरत है . समाज के हर तबके के लोग महिलाओं की कोख से जन्म लेते हैं और महिलाओं का ही हर जगह शोषण करते हैं. मेरी एक सहेली थी , वह एक लड़के के प्यार के चक्कर में फंस गयी. लड़के ने भोला बनकर पहले उसका विश्वाश लूटा और फिर सब कुछ लूट लिया , जब इससे भी मन नहीं भरा तो उसने मेरी सहेली को ब्लेकमेल करना शुरू कर दिया . उसका एम् एम् एस बनाकर लोगों में बाँट दिया . जानती हो आखिर क्या हुआ ? मेरी सहेली को आत्महत्या करनी पडी. तबसे मुझे इन मर्दों से और भी ज्यादा नफरत हो गयी . सच कहूँ तो मैन इनकी छाया भी बर्दाश्त नहीं करती. ये प्यार और शादी के नाम पर हम लड़कियों को अपना गुलाम बना डालते हैं. ये एक सुख के सिवाय हमें और क्या देते हैं? इनके पास कुदरत ने एक चीज ही तो खास दी है , तो हम भी तो ऐसे हे नहीं हमें भी तो कुदरत ने कुछ दिया ही है . हम भी इन्हें अपने इशारों पर नाचा सकती हैं. ये लोग समझते हैं कि हम इनके बिना प्यार का सुख नहीं ले सकतीं, कबकी इनकी यह भूल है. हम अगर चाहें तो मनचाहा आनंद उठा सकती हैं. आज रात मैन तुम्हें इसका फल भी चखा दूंगी . मेरी गारंटी है कम्मो. मजा आया जाएगा , मैन तो आज रात डर रही थी, कुछ नींद भी आ रही थी वरना ... खैर, कोई बात नहीं पूरी जिंदगी पडी है , हम लोग सारे जीवन भर इस सुख को लूट सकते हैं. इस आनंद के सागर में गोते लगा सकते हैं.
कम्मो-तुमने तो रात के सुख का वर्णन ऐसे किया है कि मेरी इच्छाएं काबू में नहीं आ रही , सोचती हूँ कि जल्दी से रात हो जाए और जसा तुमने बताया है , उस आनंद को भोगा जाए, क्या इस सुख को मैन अकेली भोगुन्गी या तुम भी इसमें शामिल हो सकती हो ?
शिल्पा - अरे पगली मैन कहाँ चली जाउंगी , मैन खुद भी मजा लूंगी , युम फ़िक्र मत कर . और इतनी उतावली भी मत हो , अब तो मैन रोजाना तुम्हारे साथ रहूंगी. आज तुम चाहो तो मेरे ऑफिस चल सकती हो , मैन तुम्हारे लोइए काम की शिफारिश करती हूँ, अगर वाहन काम लग गया तो हम दोनों को वाहन भी साथ रहने का मौक़ा मिल जाएगा. मेरी आँखों के सहारे ही रहोगी . सच कहूँ तो तुम्हें देखते ही मुझे कुछ-कुछ हो गया था , मेरा दिल कहता है कि तुम किसी पूर्व जन्म की बिछड़ी हुई साथी हो . शायद तुम पिछले जन्म में मेरी प्रेयसी रही होंगी , हम दोनों मिल नहीं पाए होंगे , और इस जन्म में मुलाक़ात हो गयी.
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