पहली बार खुलकर हंसी थी स्वीटी, अजय कि बातों ने माहौल को ज़रा सी देर में ही रंगीन बना दिया था, पहले वाला अजय फिर से दिखने लगा. जब स्वीटी उसके साथ होती थी तो वह बहुत चुटकुले सुनाता था. स्वीटी खूब ठहाके लगाकर हँसती थी , और तब अजय उसके भोले और चमकते चेहरे को देखता ही रह जाता था. स्वीटी ने सामान्य होकर कहा-
- वाह, अब मजा आया है . अब आप वही पहले वाले अजय बाबू नजर आ रहे हैं. ये माना कि हम पिछले कुछ सालों से नहीं मिल पाए मगर इसका मतलब ये तो नहीं कि आप हमें एकदम से भूल जाएँ, औपचारिकताएं बरतने लगें. ऐसा कहीं होता है क्या है. अगर कुछ साल नहीं मिले तो क्या हुआ उससे पहले तो हम हर महीने मिलते रहे हैं. कई -कई दिन हम साथ खेलते थे. जानते हो तुम मुझे किसी औअर लड़के की जोड़ीदार बन्ने ही नहीं देते थे , अगर कभी ऐसा हुआ तो आप मुझसे अनाराज हो जाते थे. जब हम छोटे थे तो खेल कूद से थकने के बाद हम एक ही बेड पर सो जाया करते थे. काश... वे दिन लौट सकते अजय बाबू. वह किसी बेफिक्र उम्र थी , किसी बात का गम नहीं था. बस हंसी का माहोल रहता था. खाने-पीने और खेलने कूदने में किसी तकलीफ का ध्यान ही नहीं रहता था, लेकिन अब हम सयाने हो गए हैं. बड़ा होकर आदमी कितना सयाना हो जाता है न. हर बात में स्वार्थ , हर बात में अपना मतलब तलाशने लगता है . काश/ हम फिर छोटे बन सकें, फिर उसी माहोल में रह सकें, जहां से हमारी दोस्ती शुरू हुई , एक गीत तो तुमने सूना ही होगा- चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों.
अजय- हां, सूना है, मेरा भी फेवरिट गीत है. मैं इसे अक्सर गुनगुनाता रहता हूँ. अरे ये क्या तुम्हारी आँखों में क्या हुआ ? कोई परेशानी है क्या ? शायद तुम्हारी आँखों में आंसू हैं ?
स्वीटी - नहीं , रात को ज्यादा पढ़ने के कारण कभी-कभी इनमे पानी आ जाता है.
अजय- सच ? तो फिर तू आर ई पी एल की सिनेरेरिया मर्तिमा नामक दवा अपनी आखों में दिन दिन में तीन बार तीन -तीन बूंदे डालो , मेरा विश्वाश है कि हमेशा के लिए फिट हो जाओगी. तुम्हारी ये झील सी आँखें बहुत खूबसूरत हैं, मेरे लिए तो दोनों जहाँ यही हैं. इनको सुन्दर और सुरक्षित बनाए रखिये , दुनिया को इनकी जरूरत है.
स्वीटी- आप तो ऐसा कह रहे हैं, जैसे डॉक्टर कहता है ... क्या बात है , आजकल इश्क के साथ-साथ डॉक्टरी भी सीख ली है क्या ? या फिर आपकी दोस्त आपको ये नुस्खे सिखा रही है ?
अजय- असल में जो तायल अंकल हैं, उन्हें तो आप जानती ही होंगी , अरे वही डॉक्टर तायल , जो अमेरिका में प्रेक्टिस करते हैं. खुद उनकी आँखों में यहाँ तकलीफ रहने लगी. जब वे पापा से मिलने आये तो उन्होंने अपनी परेशानी बताई , पापा ने उन्हें सिनेरेरिया मार्तिमा आर ई पी एल नामक शीशी दे दी. पहले तो वे हिचकिचाए मगर जब वे ठीक हो गए तब उन्हें हिन्दुस्तानी दवा की ताकत का एहसास हुआ.तुम्हें मालूम है जब वे अमेरिका लौटे तो इस अद्भुत दवा कि कई शीशिया अपने साथ ले गए . तुम्हें यकीं नहीं होगा मगर अब वे अमेरिका में इसी दवा की जय जयकार कर रहे हैं.
स्वीटी अरे हाँ, याद आया ... इस कंपनी तो सेक्स पावर बढाने की दवा भी बहुत फेमस हैं. शायद विगोरा - हाई पावर ... मैंने सही कहा ना ? अब तुम्हें इसकी जरूरत भी पड़ेगी . शादी जो करने जा रहे हैं ...
अजय- तुम भी स्वीटी , खूब मजा ले रही हो . अब समय है तुम्हारा मजा लेने का.
स्वीटी-अच्छा ये बताओ , तुम्हें बहुत याद आ रही है क्या , अपनी दोस्त की ? इसलिए पूछ रही हूँ कि बात करते -करते अचानक तुम ना जाने कहाँ खो जाते हो ?
अजय- सच कहूँ तो हाँ, और इससे भी बुरा हाल मेरा तब होता यदि तुम यहाँ नहीं होती . पता नहीं उस हालत में मैं क्या करता ?
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