Tuesday, April 27, 2010

parinda , bhag-76

अजय - शुक्रिया स्वीटी, तुम थक गयीं होंगी , चाहो तो अपने कमरे में जा सकती हो. कैदी तो मैं हूँ लेकिन आपको बेवजह कैद भोगनी पद रही है. मेरे कारण तुम्हें भी परेशानियां उठानी पद रही हैं, मैं खुद भी तुम्हारे लिए कुछ करने की बजाय अपने लिए सहयोग मांग रहा हूँ. क्या सोचती होंगी तुम भी ?
स्वीटी- अरे , ये क्या लेकर बैठ गए ?मेरी खिंचाई कर रहे हो क्या ?थोड़ी देर बैठने दोगे अपने पास ?
अजय- आइये न,यहाँ बैठें , मुझे भी तसल्ली सी मिलती रहेगी. तभी बात बनेगी . वरना मैं तो बोर हो-होकर ही मर जाऊँगा ,बहुत तनाव महसूस कर रहा हूँ ...
स्वीटी- तनाव हमारे जीवन का हिस्सा नहीं है। यह हमारे अपने शरीर, दिमाग, संवेदनाओं और ऊर्जा को व्यवस्थित न कर पाने की अयोग्यता है। मनोवैज्ञानिक फ्रेड बुशमैन के अनुसार यह प्रकृति, तंत्र और आसपास के परिवेश की कार्यप्रणाली की समझ की कमी और सही तरीके का उपयोग न कर पाने की अयोग्यता है। अगर यह समझ विकसीत हो जाए तो तनाव जैसा जीवन में कुछ नहीं रह जाता। व्यक्ति को तनाव मुक्त होने के लिए सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए, जहां वे तनाव के बगैर उस जीवन की ओर बढे। सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने का तात्पर्य सर्वश्रेष्ठ बने से है। सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने के लिए व्यक्ति को सर्वप्रथम जीवन में एक उद्देश्य खोजना चाहिए। अच्छा महसूस करना और अपने भीतर शांत होना इस कोशिश का हिस्सा है। जब भी आप अपने निर्घारित किये लक्ष्य की ओर बढते है और तनाव आपका रास्ता रोक ले, तो पहले शांत मन से सोचिए की क्या वास्तव में यह वजह उचित है, हमारे भीतर एक आभासी तनाव या डर होता है, जिसका वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं होता है लेकिन फिर भी वह हम पर हावी रहता है और हमे बहुत से कामों से दूर कर देता है। कई बार हम बेवजह तनावग्रस्त हो जाते है। यदि हम ठंडे दिमाग से सोचें तो जिस वजह से हम तनावग्रस्त होते है, वह दरअसल हमारे मन का एक वह्म मात्र होता है। जिंदगी इतनी मुश्किल नहीं है, जितना उसे बना दिया गया है। जिंदगी की घूरी कोई और नही बल्कि खुद हम और केवल हम हम अपनी जिंदगी को डिजाइन कर सकते हैं। विज्ञान भी हमारे अंदर छिपे डिजाइनर के पक्ष को मानता है। अपने आप को पहचान पाने की क्षमता हमारे डीएनए में बुनी होती है। कोई भी कार्य शुरू करें तो अपने आप में आत्मविश्वास रखें। हर पल तनाव के शिकार होने के बजाय बेहतरीन तरीके से जिएं। अतीत और भविष्य के बारे में चिंता कर आप उस पल को नष्ट कर रहे होते है, जो वर्तमान में आपकी मुस्कुराहट की वजह है। वैसे तो तनाव व्यक्ति के मन की एक सामान्य अवस्था है, जो विभिन्न कारणों से हो सकता है, लेकिन ये तनाव ये तनाव परिस्थितियों के अनुरूप होता है, जो परिस्थितियों के ठीक होने के बाद स्वत: ही ठीक हो जाता है। पर कोई तनाव बहुत लंबे समय तक बना रहे और व्यक्ति के दैनिक कार्यो व उसके पारिवारिक जीवन को बाघित करने लगे तो यह चिंता का एक विषय है। इस तनाव से बचने के लिए कुछ ऎसे उपाय है, जो अपको रोजमर्रा होने वाले तनावों से दूर रखेगें। जिस काम को पूरा होने को लेकर आपको संदेह हो, उसके पूरा होने पर चिल्लाएं, ताली बजाएं। यह आपके तनाव के दौर की थकान को मिटा देगा। अलग-अलग विषयों में अपनी रूची विकसित करें। अलग-अलग सोच वाले दोस्त बनाएं। तनाव की वजह क्या हैक् यह एकमात्र सवल है, जो आपके तनाव को खत्म कर सकता है। जिंदगी में खुश रहने के दो तरीके है। पहला सभी कुछ में यकीन करना और दूसरा सभी कुद में संदेह करना। दोनों तरीके आपको तनाव से बचाते है। छोटी खुशियों की तलाश बंद न करें क्योकी मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि यदि व्यक्ति खुश रहता है और विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी खुशी को बनाये रखता है, तो वह तनाव से निकलने में कामयाब हो सकता है। अत: आप अपने आसपास उन छोटी-छोटी खुशियों को ढूंढे जो आपको सुकून और ताजगी दें। मजे का रसायन चिंता को कम करता है और हमे हर पल का आनंद देता है। शोघ यह बताते है कि खुशी जीवन में मुफ्त मिलने वाली चीजों से ज्यादा हासिल होती है।

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