Friday, October 2, 2009

जीजा जमींदार , भाग-9

दीप्ति ने दुनिया देखी थी, उसे अपना जीजा मजनू बहुत प्यारा था । उसने उसीसे सारी दुनिअदारी सीखी थी, उसने प्यार के बारे में बताना शुरू किया -रिश्तों का चक्र इस दुनिया में हमारे आगमन के साथ ही शुरू हो जाता है। सभी रिश्ते हमारे लिए महत्पूर्ण होते हैं और उनका अपना-अपना महत्व होता है। लेकिन प्यार एक ऎसा रिश्ता होता है जिसे हम स्वयं चुनते हैं। प्यार की उमंगे किशोरावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही अंगडाई लेने लग जाती है। यह वह अवस्था है जिसके दौरान शरीर और हार्मोन्स में परिवर्तन होता है। इसके कारण किशोरवास्था में ऑपोजिट सेक्स के प्रति रूझान बढ जाता है। आपको उसका साथ अच्छा लगने लगता है। . दोनों को एक-दूसरे को समझने के लिए डेट पर जाना चाहिए। अपने साथी की केमिस्ट्री समझनी चाहिए। एक दूसरे से मिलने और बातें करने पर दोनों में बहुत सी बाते कॉमन सामने आती है। एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। शांति से बैठकर अपने साथी की बातों को घ्यान से सुने, उन्हें समझने की कोशिश करें। किशोरावस्था में इतनी समझ नहीं होती कि आपके लिए कौन और क्या सही है और क्या गलत। आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण मात्र। पहले अपने रिश्ते को समझें फिर कोई कदम उठाएं। यहां आपको कुछ सवाल दे रहे हैं जो यह निश्चित करेंगे कि आपके रिश्ते में प्यार है या सिर्फ आकर्षण । क्या आपकी पार्टनर आपकी बातों को घ्यान से सुनते हैं जब आप कुछ कहते है ? क्या आप एक दूसरे के साथ समानता का व्यवहार करते है ?. क्या आप एक दूसरे के प्रति स्त्रेह जताते हैं . क्या आप पार्टनर के प्रति विश्वास और वफादारी रखते है ? बिना यह सोचे कि उसके दोस्त आपके या उसके बारे में क्या सोचते है ?क्या आप एक दूसरे से किया वादा निभाते है . क्या आप एक दूसरे की भावनाओं को समझते हैं, उनकी कद्र करते है ? . क्या आप एक दूसरे के साथ अपने को सहज और सुरक्षित महसूस करते हैं ? . क्या एक दूसरे से मिलने पर खुशी होती हैं ? क्या आप अपने साथी पर गर्व महसूस करते हैं ? क्या आपको अपने पार्टनर के दोस्तों से मिलने पर ईष्र्या होती हैं ? इन सभी सवालों के जवाब मे आपको आपके रिश्ते का आंकलन हो जायेगा कि आपके रिश्ते में प्यार भी है या सिर्फ किशोरावस्था का आकर्षण मात्र। यों बदले आकर्षण को प्यार में एक दूसरे से जब भी मिलें, मुस्कुराएं। अपने साथी पर विश्वास करें। . अच्छे और बुरे समय में अपने साथी के साथ रहे। उसका साथ न छोडें। . एक दूसरे से छोटी-छोटी बातों पर झगडा नहीं करें। . ऎसा कोई काम न करें जिससे आपके साथी को दु:ख पहुंचे।. एक दूसरे से किये वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश करे। एक दूसरे की छोटी-छोटी बातों का घ्यान रखें जैसे अगर आपका साथी बिमार हो तो उसने दवाई ली या नहीं/ खाना खाया या नहीं आदि। . अगर आपके साथी में कोई बुरी आदत है, तो आप प्यार से उसे छुडाने की कोशिश करें।एक दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। कभी-कभी बिना कहे भी चेहरे से अपने साथी की बातों को समझने की कोशिश करें कि वह आपसे क्या कहना चाहती है। इन उपायों को अपनाने से घीरे-घीरे एक दूसरे के दिल में प्यार बढेगा। और आप अपने आकर्षण को प्यार में बदल सकने में काफी हद तक सफल हो पाएंगे। इस javaab से graahak behad संतुष्ट हुआ

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